{"_id":"5bd0a7c7bdec2269b96c8805","slug":"91540401095-hamirpur-hp-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नौजवान सभा का दिल्ली में प्रदर्शन 3 नवंबर को","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नौजवान सभा का दिल्ली में प्रदर्शन 3 नवंबर को
Updated Wed, 24 Oct 2018 10:49 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हमीरपुर। नौजवान सभा के राज्य अध्यक्ष अनिल मनकोटिया ने कहा कि प्रदेश से सैकड़ों युवा दिल्ली में केंद्र सरकार की नौजवान विरोधी नीतियों के खिलाफ 3 नवंबर 2018 को मार्च करेंगे। साढ़े 4 साल पूरे कर रही केंद्र की भाजपा सरकार को जनता के विभिन्न तबकों के जबरदस्त विरोध का सामना करना पड़ रहा है। मनकोटिया ने कहा कि मौजूदा सरकार ने हर स्तर पर जनविरोधी नीतियों को लागू करने का एक अभूतपूर्व रिकॉर्ड बनाया है। बड़े-बड़े चुनावी वादों के साथ सत्ता में आई केंद्र की भाजपा सरकार अपनी चुनावी वादों को पूरा करने में पूरी तरह विफल रही है।
मजदूर, किसान, छात्र, युवा, महिलाओं समेत समाज के हाशिए पर पड़े वर्ग के लोग इस सरकार के खिलाफ सड़कों पर हैं। बेरोजगारी महामारी की तरह फैल रही है। उसने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। 3 नवंबर को देश के हजारों युवा डीवाईएफआई के झंडे तले दिल्ली में मार्च करेंगे। उनका बस एक ही नारा होगा- कहां है मेरा रोजगार? आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि भारत में बेरोजगारी की मौजूदा दर 7.1 फीसदी है। हमारे देश में ऐसे युवाओं की संख्या कोई तीन करोड़ है, जिन्हें रोजगार चाहिए। युवाओं को अपनी रोजी-रोटी का कोई उचित साधन नहीं है। भारत वह देश है जहां हर वर्ष करीब 2.40 करोड नई श्रम शक्ति रोजगार की मंडी में आती है। ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजूकेशन का कहना है कि करीब 60 फीसदी नए ग्रेजुएट इंजीनियरों को उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार नहीं मिल पा रहा है। रेलवे सार्वजनिक क्षेत्र का सबसे बड़ा रोजगार दाता है, जहां आज 4 लाख ठेका मजदूर हैं। अकेले रेलवे में ही 3 लाख पद खाली पड़े हैं। लेकिन, सरकार स्थायी पदों के लिए कोई सूचना जारी नहीं कर रही।
विज्ञापन
मजदूर, किसान, छात्र, युवा, महिलाओं समेत समाज के हाशिए पर पड़े वर्ग के लोग इस सरकार के खिलाफ सड़कों पर हैं। बेरोजगारी महामारी की तरह फैल रही है। उसने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। 3 नवंबर को देश के हजारों युवा डीवाईएफआई के झंडे तले दिल्ली में मार्च करेंगे। उनका बस एक ही नारा होगा- कहां है मेरा रोजगार? आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि भारत में बेरोजगारी की मौजूदा दर 7.1 फीसदी है। हमारे देश में ऐसे युवाओं की संख्या कोई तीन करोड़ है, जिन्हें रोजगार चाहिए। युवाओं को अपनी रोजी-रोटी का कोई उचित साधन नहीं है। भारत वह देश है जहां हर वर्ष करीब 2.40 करोड नई श्रम शक्ति रोजगार की मंडी में आती है। ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजूकेशन का कहना है कि करीब 60 फीसदी नए ग्रेजुएट इंजीनियरों को उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार नहीं मिल पा रहा है। रेलवे सार्वजनिक क्षेत्र का सबसे बड़ा रोजगार दाता है, जहां आज 4 लाख ठेका मजदूर हैं। अकेले रेलवे में ही 3 लाख पद खाली पड़े हैं। लेकिन, सरकार स्थायी पदों के लिए कोई सूचना जारी नहीं कर रही।
विज्ञापन