{"_id":"5b38e1b24f1c1b315d8b826e","slug":"91530454450-hamirpur-hp-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेडिकल कॉलेज की डिस्पले मशीनें खराब, मरीज मुश्किल में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेडिकल कॉलेज की डिस्पले मशीनें खराब, मरीज मुश्किल में
Updated Sun, 01 Jul 2018 11:19 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हमीरपुर। क्षेत्रीय अस्पताल हमीरपुर को मेडिकल कॉलेज का दर्जा मिलते ही यहां स्वास्थ्य सुविधाओं का बुरा हाल हो गया है। डॉ. राधा कृष्णनन राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर में ओपीडी के बाहर लगी डिजिटल डिस्पले मशीनें करीब एक माह से बंद पड़ी हैं। जिससे ओपीडी की बाहर मरीजों की भीड़ बढ़ जा रही है और उन्हें अपनी बारी कब आएगी, इसका पता नहीं चल पा रहा है।
क्षेत्रीय अस्पताल प्रशासन ने रोगी कल्याण समिति के तहत हजारों रुपये खर्च कर करीब दो वर्ष पहले ओपीडी के बाहर दरवाजे के साथ करीब दो दर्जन डिजिटल डिस्पले मशीनें स्थापित की थीं ताकि, अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीजों को सुविधा मिले। डिजिटल डिस्पले मशीनों पर मरीजों की क्रम संख्या प्रदर्शित होती थी, जिससे बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं ओपीडी के बाहर पास में बैठकर अपनी बारी का इंतजार करते थे। जब से यह डिजिटल डिस्पले मशीनें खराब हुई हैं, ओपीडी के बाहर मरीजों की लंबी-लंबी लाइनें लग रही हैं। वहीं मरीजों को घंटों देर लाइनों में खड़ा रहना पड़ रहा है। उपचार के लिए आए मरीजों बिमला देवी, सुनीता, शकुंतला देवी, विवेक कुमार, सुनील शर्मा और सुनील ठाकुर का कहना है कि जब से डिजिटल डिस्पले मशीनें खराब पड़ी हैं, उन्हें ओपीडी में उपचार करवाने में दिक्कतें पेश आ रही हैं। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से मांग की है कि इन डिजिटल डिस्पले मशीनों को शीघ्र ठीक करवाया जाए। उधर, अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल वर्मा का कहना है कि समस्या उनके ध्यान में अभी आई है। शीघ्र डिजिटल डिस्पले मशीनों को दुरुस्त करवाया जाएगा।
विज्ञापन
क्षेत्रीय अस्पताल प्रशासन ने रोगी कल्याण समिति के तहत हजारों रुपये खर्च कर करीब दो वर्ष पहले ओपीडी के बाहर दरवाजे के साथ करीब दो दर्जन डिजिटल डिस्पले मशीनें स्थापित की थीं ताकि, अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीजों को सुविधा मिले। डिजिटल डिस्पले मशीनों पर मरीजों की क्रम संख्या प्रदर्शित होती थी, जिससे बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं ओपीडी के बाहर पास में बैठकर अपनी बारी का इंतजार करते थे। जब से यह डिजिटल डिस्पले मशीनें खराब हुई हैं, ओपीडी के बाहर मरीजों की लंबी-लंबी लाइनें लग रही हैं। वहीं मरीजों को घंटों देर लाइनों में खड़ा रहना पड़ रहा है। उपचार के लिए आए मरीजों बिमला देवी, सुनीता, शकुंतला देवी, विवेक कुमार, सुनील शर्मा और सुनील ठाकुर का कहना है कि जब से डिजिटल डिस्पले मशीनें खराब पड़ी हैं, उन्हें ओपीडी में उपचार करवाने में दिक्कतें पेश आ रही हैं। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से मांग की है कि इन डिजिटल डिस्पले मशीनों को शीघ्र ठीक करवाया जाए। उधर, अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल वर्मा का कहना है कि समस्या उनके ध्यान में अभी आई है। शीघ्र डिजिटल डिस्पले मशीनों को दुरुस्त करवाया जाएगा।
विज्ञापन