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Hamirpur (Himachal) News: दियोटसिद्ध मंदिर का 900 वर्ष पुराना इतिहास मौजूद
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दियोटसिद्ध (हमीरपुर)। विश्व प्रसिद्ध सिद्ध पीठ धाम बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध का 900 वर्ष पुराना इतिहास मौजूद है। यहां गुरु शिष्य का एक अनोखा उदाहरण भी विश्व में प्रसिद्ध है। इसी परंपरा का प्रचलन हजारों वर्ष पुराना है। आधिकारिक तौर पर लिखित दस्तावेजों के अनुसार करीब 900 साल पुराना इतिहास महंत के पास मौजूद है। मंदिर आने वाले लाखों श्रद्धालु बाबा की गुफा में माथा टेकने के बाद मौजूदा महंत राजेंद्र गिरी के दर्शनों को भी आते हैं। वर्ष 1987 में सरकार के अधिग्रहण के बाद मंदिर में पूजा पद्धति का सारा कार्य भार महंत के हाथों में था। वहीं शिक्षा के क्षेत्र में भी न्यास ने कार्य किया है। वर्ष 1987 में न्यास के गठन से पहले महंत शिव गिरी की ओर से चकमोह गांव में बाबा बालक नाथ महाविद्यालय, विश्वनाथ संस्कृत महाविद्यालय व बाबा बालक नाथ हाई स्कूल की स्थापना कर दी गई थी।
न्यास गठन से पूर्व बाबा बालक नाथ मंदिर में लंगर परंपरा को भी महंत शिव गुरु की ओर से ही शुरू किया गया था। न्यास गठन के बाद इन शिक्षण संस्थाओं का अधिग्रहण भी न्यास की ओर से कर लिया गया जो अब बाबा बालक नाथ न्यास की ओर से संचालित किया जा रहा है। मौजूदा महंत राजेंद्र गिरी ने कहा कि मौजूदा समय को देखते हुए श्रद्धालुओं को ठहरने के लिए एक महंत निवास का निर्माण करवाया गया है। एक अन्य सराय में भी ठहरने का प्रबंध है जिसका संचालन महंत निवास प्रशासन कर रहा है।
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न्यास गठन से पूर्व बाबा बालक नाथ मंदिर में लंगर परंपरा को भी महंत शिव गुरु की ओर से ही शुरू किया गया था। न्यास गठन के बाद इन शिक्षण संस्थाओं का अधिग्रहण भी न्यास की ओर से कर लिया गया जो अब बाबा बालक नाथ न्यास की ओर से संचालित किया जा रहा है। मौजूदा महंत राजेंद्र गिरी ने कहा कि मौजूदा समय को देखते हुए श्रद्धालुओं को ठहरने के लिए एक महंत निवास का निर्माण करवाया गया है। एक अन्य सराय में भी ठहरने का प्रबंध है जिसका संचालन महंत निवास प्रशासन कर रहा है।
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