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पांचों आयुर्वेदिक अस्पतालों में मिलेगी क्षारसूत्र और पंचकर्मा की सुविधा
Updated Thu, 14 Jun 2018 10:54 PM IST
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हमीरपुर। अब जिला के पांचों आयुर्वेदिक अस्पतालों में क्षारसूत्र और पंचकर्मा विधि से इलाज की सुविधा मरीजों को मिलेगी। इससे पूर्व यह सुविधाएं जिला के दो ही अस्पतालों में उपलब्ध थीं। इनमें क्षारसूत्र की सुविधा केवल आयुर्वेदिक अस्पताल हमीरपुर और लगमन्वी में ही थी। पंचकर्मा की सुविधा आयुर्वेदिक अस्पताल कढियार और हमीरपुर में ही थी। अब जिला के पांचों अस्पतालों में यह सुविधा लोगों को मिलेगी। इस कारण लोगों को आयुर्वेदिक इलाज की विधियों के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। जिला के हमीरपुर, कढियार को छोड़ लगमन्वी, लंबलू व बिझड़ी आयुर्वेदिक अस्पतालों में क्षारसूत्र और लगमन्वी, लंबलू और बिझड़ी आयुर्वेदिक अस्पतालों में पंचकर्म की सुविधाएं लोगों को मिलेगी। बिझड़ी अस्पताल में भवन निर्माण का कार्य चला होने के कारण अगले वर्ष से इन विधियों से इलाज की सुविधा मिलेगी। कढियार, लगमन्वी और लंबलू में जल्द ही ये सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
इसके लिए आयुर्वेदिक विभाग के फील्ड कर्मचारियों की ट्रेनिंग चली हुई है। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद जल्द ही अस्पतालों में सुविधा मिलेगी। पंचकर्मा में पंाच चिकित्सा विधियों से इलाज होता है। जिनमें वमन, विरेचन, नास्य, बस्ती और रक्त मोक्षण शामिल हैं। वहीं क्षारसूत्र चिकित्सा विधि एक लघु ऑपरेशन हैं। जो गुर्दा रोग के लिए किया जाता है। लोगों को इन आयुर्वेदिक इलाज की विधियों के लिए अब भटकना नहीं पड़ेगा। उन्हें नजदीक के आयुर्वेदिक अस्पताल में ही यह सुविधाएं मिलेंगी। इस संबंध में जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. सरिता राणा का कहना है कि जिला के पांचों अस्पतालों में क्षारसूत्र और पंचकर्मा की सुविधाएं शुरू की जा रही हैं। इसके लिए फील्ड स्टाफ की ट्रेनिंग चली है। ट्रेनिंग के बाद जल्द ही इन अस्पतालों में इन विधियों से मरीजों का इलाज किया जाएगा। बिझड़ी अस्पताल का भवन निर्माण कार्य चला होने के कारण वहां यह विधियां भवन निर्माण के बाद शुरू होंगी। शेष अस्पतालों में जल्द ही यह सुविधाएं लोगों को मिलेंगी।
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इसके लिए आयुर्वेदिक विभाग के फील्ड कर्मचारियों की ट्रेनिंग चली हुई है। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद जल्द ही अस्पतालों में सुविधा मिलेगी। पंचकर्मा में पंाच चिकित्सा विधियों से इलाज होता है। जिनमें वमन, विरेचन, नास्य, बस्ती और रक्त मोक्षण शामिल हैं। वहीं क्षारसूत्र चिकित्सा विधि एक लघु ऑपरेशन हैं। जो गुर्दा रोग के लिए किया जाता है। लोगों को इन आयुर्वेदिक इलाज की विधियों के लिए अब भटकना नहीं पड़ेगा। उन्हें नजदीक के आयुर्वेदिक अस्पताल में ही यह सुविधाएं मिलेंगी। इस संबंध में जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. सरिता राणा का कहना है कि जिला के पांचों अस्पतालों में क्षारसूत्र और पंचकर्मा की सुविधाएं शुरू की जा रही हैं। इसके लिए फील्ड स्टाफ की ट्रेनिंग चली है। ट्रेनिंग के बाद जल्द ही इन अस्पतालों में इन विधियों से मरीजों का इलाज किया जाएगा। बिझड़ी अस्पताल का भवन निर्माण कार्य चला होने के कारण वहां यह विधियां भवन निर्माण के बाद शुरू होंगी। शेष अस्पतालों में जल्द ही यह सुविधाएं लोगों को मिलेंगी।
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