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पंजीकृत सदस्य ही ले पाएगा अब राशन
Updated Thu, 10 May 2018 10:46 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हमीरपुर। डिपुओं में अब राशन संबंधी धांधली नहीं हो पाएगी। जिले के सभी डिपो डिजिटल होने वाले हैं। सभी डिपुओं में बायोमीट्रिक मशीनें लगाई जा रही हैं। तीन माह के अंदर जिले के सभी डिपो डिजिटल हो जाएंगे। इसके बाद डिपुओं में जो परिवार सदस्य पंजीकृत होंगे, केवल वही राशन ले जा सकेंगे। परिवार सदस्यों के अलावा कोई दूसरा व्यक्ति डिपुओं से राशन नहीं ले जा सकेगा। इससे डिपुओं में राशन संबंधी होने वाली धांधली भी रुकेगी। इससे पहले परिवार सदस्यों के अलावा अन्य लोग भी राशन ले जाते थे। कई परिवार जो प्रदेश के बाहर रहते हैं, उनका राशन अन्य लोग उपयोग करते हैं। कई बार डिपो होल्डर ही किसी परिवार द्वारा राशन न लेने पर उसके हिस्से का कोटा अन्य को दे देता है, लेकिन अब बायोमीट्रिक मशीन से राशन मिलने के कारण ऐसा नहीं हो पाएगा। परिवार के पंजीकृत सदस्य का अंगूठा लगने के बाद ही राशन मिल सकेगा। जो परिवार राशन नहीं लेगा, उसकी एंट्री ऑनलाइन हो जाएगी और विभाग को पता लग जाएगा। इससे डिपुओं में पारदर्शिता बढ़ेगी। जिले में कुल 294 सस्ती राशन की दुकानें हैं। इनमें से करीब एक सौ डिपु़ओं में मशीनें लगाई जा रही हैं। शेष में भी जल्द मशीनें लगा दी जाएंगी। इस संबंध में डीएफएससी हमीरपुर नरेंद्र धीमान का कहना है कि डिपुओं को डिजिटल किया जा रहा है। इससे राशन में होने वाली धांधली नहीं होगी। केवल परिवार का पंजीकृत सदस्य ही राशन ले जा सकेगा।
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हमीरपुर। डिपुओं में अब राशन संबंधी धांधली नहीं हो पाएगी। जिले के सभी डिपो डिजिटल होने वाले हैं। सभी डिपुओं में बायोमीट्रिक मशीनें लगाई जा रही हैं। तीन माह के अंदर जिले के सभी डिपो डिजिटल हो जाएंगे। इसके बाद डिपुओं में जो परिवार सदस्य पंजीकृत होंगे, केवल वही राशन ले जा सकेंगे। परिवार सदस्यों के अलावा कोई दूसरा व्यक्ति डिपुओं से राशन नहीं ले जा सकेगा। इससे डिपुओं में राशन संबंधी होने वाली धांधली भी रुकेगी। इससे पहले परिवार सदस्यों के अलावा अन्य लोग भी राशन ले जाते थे। कई परिवार जो प्रदेश के बाहर रहते हैं, उनका राशन अन्य लोग उपयोग करते हैं। कई बार डिपो होल्डर ही किसी परिवार द्वारा राशन न लेने पर उसके हिस्से का कोटा अन्य को दे देता है, लेकिन अब बायोमीट्रिक मशीन से राशन मिलने के कारण ऐसा नहीं हो पाएगा। परिवार के पंजीकृत सदस्य का अंगूठा लगने के बाद ही राशन मिल सकेगा। जो परिवार राशन नहीं लेगा, उसकी एंट्री ऑनलाइन हो जाएगी और विभाग को पता लग जाएगा। इससे डिपुओं में पारदर्शिता बढ़ेगी। जिले में कुल 294 सस्ती राशन की दुकानें हैं। इनमें से करीब एक सौ डिपु़ओं में मशीनें लगाई जा रही हैं। शेष में भी जल्द मशीनें लगा दी जाएंगी। इस संबंध में डीएफएससी हमीरपुर नरेंद्र धीमान का कहना है कि डिपुओं को डिजिटल किया जा रहा है। इससे राशन में होने वाली धांधली नहीं होगी। केवल परिवार का पंजीकृत सदस्य ही राशन ले जा सकेगा।