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लावारिस गौवंश के लिए बनाई जाए योजना
Updated Fri, 09 Feb 2018 10:34 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रवक्ता अभिषेक राणा ने कहा है कि प्रदेश में दिनों दिन बढ़ रही लावारिस गौवंश की समस्या को प्रदेश सरकार को दीर्घकालिक योजना बनाकर उसे अमलीजामा पहनाना चाहिए। अभिषेक ने कहा कि इस दिशा में बिलासपुर निवासी सुनील शर्मा के प्रयासों पर प्रदेश सरकार को तुरंत संज्ञान लेना चाहिए। सुनील शर्मा की अवधारणा को अपनाकर गौवंश संरक्षण की दिशा में कारगर कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि गौ भक्ति के नाम पर राजनीतिक रोटियां तो खूब सेंकी जाती हैं, लेकिन लावारिस गौवंश पर बढ़ते अत्याचारों और सड़कों पर दुर्घटनाओं में घायल होने को अभिशप्त गायों की दुर्दशा पर सभी अपनी आंखें मूंद लेते हैं। अभिषेक ने कहा कि वह बिलासपुर निवासी सुनील शर्मा से मिलकर अत्यंत प्रभावित हुए हैं, जिन्होंने नौकरी छोड़कर लावारिस गौवंश के संरक्षण का बीड़ा उठाया। अभिषेक ने कहा कि यह बड़े अफसोस की बात है कि सुनील शर्मा के मूल मंत्र को अपनाने की दिशा में सरकार द्वारा कोई गंभीर प्रयास नहीं हुए। उन्होंने कहा कि बिलासपुर के भगेड़ में सुनील शर्मा की ओर से करीब दो बीघा जमीन पर अपाहिज गौवंश के उपचार के लिए बनाया गया सेवार्थ केंद्र भी अपने आप में एक अनूठी पहल है। इसके चलते वह पांच सौ से अधिक घायल बैलों और गायों का उपचार करवा चुके हैं। उन्होंने कहा कि सुनील केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री को भी मिलकर बेसहारा गौवंश के पुनर्वास के बारे में ज्ञापन देकर अपनी सोच से अवगत करवा चुके हैं, लेकिन अभी तक उनकी इस अवधारणा को नहीं अपनाया गया है।
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हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रवक्ता अभिषेक राणा ने कहा है कि प्रदेश में दिनों दिन बढ़ रही लावारिस गौवंश की समस्या को प्रदेश सरकार को दीर्घकालिक योजना बनाकर उसे अमलीजामा पहनाना चाहिए। अभिषेक ने कहा कि इस दिशा में बिलासपुर निवासी सुनील शर्मा के प्रयासों पर प्रदेश सरकार को तुरंत संज्ञान लेना चाहिए। सुनील शर्मा की अवधारणा को अपनाकर गौवंश संरक्षण की दिशा में कारगर कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि गौ भक्ति के नाम पर राजनीतिक रोटियां तो खूब सेंकी जाती हैं, लेकिन लावारिस गौवंश पर बढ़ते अत्याचारों और सड़कों पर दुर्घटनाओं में घायल होने को अभिशप्त गायों की दुर्दशा पर सभी अपनी आंखें मूंद लेते हैं। अभिषेक ने कहा कि वह बिलासपुर निवासी सुनील शर्मा से मिलकर अत्यंत प्रभावित हुए हैं, जिन्होंने नौकरी छोड़कर लावारिस गौवंश के संरक्षण का बीड़ा उठाया। अभिषेक ने कहा कि यह बड़े अफसोस की बात है कि सुनील शर्मा के मूल मंत्र को अपनाने की दिशा में सरकार द्वारा कोई गंभीर प्रयास नहीं हुए। उन्होंने कहा कि बिलासपुर के भगेड़ में सुनील शर्मा की ओर से करीब दो बीघा जमीन पर अपाहिज गौवंश के उपचार के लिए बनाया गया सेवार्थ केंद्र भी अपने आप में एक अनूठी पहल है। इसके चलते वह पांच सौ से अधिक घायल बैलों और गायों का उपचार करवा चुके हैं। उन्होंने कहा कि सुनील केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री को भी मिलकर बेसहारा गौवंश के पुनर्वास के बारे में ज्ञापन देकर अपनी सोच से अवगत करवा चुके हैं, लेकिन अभी तक उनकी इस अवधारणा को नहीं अपनाया गया है।