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नई पेंशन स्कीम के खिलाफ 2
Updated Thu, 25 Oct 2018 11:22 PM IST
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हमीरपुर। नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम के आईटी प्रभारी प्रोफेसर अनिल कुमार स्वदेशी, प्रदेश एनपीएस कर्मचारी एसोसिएशन के मुख्य सलाहकार राजेंद्र कुमार स्वदेशी, विक्रम सिंह राणा, एनपीएस कर्मचारी एसोसिएशन हमीरपुर के प्रधान राकेश कुमार, ब्लॉक प्रधान हमीरपुर संजीव कुमार, ब्लॉक प्रधान नादौन रमन कुमार, ब्लॉक प्रधान बिझड़ी राजेश कुमार, सर्व कर्मचारी यूनियन के जिला महासचिव सुरेंद्र पटियाल, किशोर धीमान अध्यक्ष, प्रधान राजूराम शर्मा ने संयुक्त रूप में कहा कि 28 अक्तूबर को देश के समस्त सांसदों के घर पर भूख हड़ताल होगी। वर्ष 2003 में सरकार ने नई पेंशन स्कीम लागू की थी। जिसके बाद से ही इसमें व्यापक खामियों को लेकर आवाजें मुखर होना शुरू हो गईं। क्योंकि इस वर्ग के कर्मचारियों ने इसे अपने अधिकारों का हनन करार दिया था।
अब कर्मचारियों ने आर-पार की लड़ाई करने की ठानी है। अगर सरकार पुरानी पेंशन को बहाल करती है तो देश के साठ लाख कर्मचारी लाभान्वित होंगे। स्वदेशी ने कहा कि इस वर्ग के कर्मचारियों ने भारत सरकार से मांग की है कि करीब 15 वर्ष पूर्व लागू की गई नई पेंशन स्कीम को बंद करके पुरानी पेंशन स्कीम को बहाल किया जाए। इस अहम मुद्दे को लेकर 25 जुलाई 2017 को शिमला, 30 अप्रैल 2018 को दिल्ली के रामलीला मैदान में भी बड़ी रैली का आयोजन हो चुका है। इस तरह अन्य राज्यों पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र में भी इस तरह के विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं। लेकिन, न केंद्र सरकार और न ही राज्यों सरकारों ने इस अहम मुद्दे पर गंभीरता दिखाई। सभी सरकारें कुंभकर्णी नींद में सोई हुई हैं। केंद्र सरकार और राज्य सरकारों ने नई पेंशन स्कीम को लागू करके भारत देश के लाखों कर्मचारियों के भविष्य की तिलांजलि देते हुए नई पेंशन प्रणाली को देश में लागू कर दिया, जो एक मीठा जहर है। इस महा भूख हड़ताल में शिक्षा विभाग, सिंचाई विभाग, पशुपालन विभाग, बिजली विभाग, स्वास्थ्य विभाग, हिमाचल पथ परिवहन, तकनीकी शिक्षा विभाग सहित समस्त कर्मचारी भाग लेंगे।
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अब कर्मचारियों ने आर-पार की लड़ाई करने की ठानी है। अगर सरकार पुरानी पेंशन को बहाल करती है तो देश के साठ लाख कर्मचारी लाभान्वित होंगे। स्वदेशी ने कहा कि इस वर्ग के कर्मचारियों ने भारत सरकार से मांग की है कि करीब 15 वर्ष पूर्व लागू की गई नई पेंशन स्कीम को बंद करके पुरानी पेंशन स्कीम को बहाल किया जाए। इस अहम मुद्दे को लेकर 25 जुलाई 2017 को शिमला, 30 अप्रैल 2018 को दिल्ली के रामलीला मैदान में भी बड़ी रैली का आयोजन हो चुका है। इस तरह अन्य राज्यों पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र में भी इस तरह के विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं। लेकिन, न केंद्र सरकार और न ही राज्यों सरकारों ने इस अहम मुद्दे पर गंभीरता दिखाई। सभी सरकारें कुंभकर्णी नींद में सोई हुई हैं। केंद्र सरकार और राज्य सरकारों ने नई पेंशन स्कीम को लागू करके भारत देश के लाखों कर्मचारियों के भविष्य की तिलांजलि देते हुए नई पेंशन प्रणाली को देश में लागू कर दिया, जो एक मीठा जहर है। इस महा भूख हड़ताल में शिक्षा विभाग, सिंचाई विभाग, पशुपालन विभाग, बिजली विभाग, स्वास्थ्य विभाग, हिमाचल पथ परिवहन, तकनीकी शिक्षा विभाग सहित समस्त कर्मचारी भाग लेंगे।
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