फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   चार माह के बाद भी नहीं लगा चोरी हुई पाइपों का सुराग

चार माह के बाद भी नहीं लगा चोरी हुई पाइपों का सुराग

Sun, 10 Dec 2017 10:33 PM IST
Updated Sun, 10 Dec 2017 10:33 PM IST
विज्ञापन
चार माह के बाद भी नहीं लगा चोरी हुई पाइपों का सुराग
water tap
हमीरपुर। पुलिस थाना सदर के अंतर्गत डिडवीं टिक्कर में स्थित आईपीएच विभाग के स्टोर से चोरी हुई पानी की 700 पाइपों का चार माह बाद भी सुराग नहीं लग पाया है। जुलाई माह में चोरी हुई पाइपों की विभागीय जांच को आईपीएच विभाग ने एक हफ्ते में बंद कर दिया था। जबकि पुलिस अभी तक न तो चोरी हुई पाइपें ढूंढ पाई और न ही चोरों का कोई सुराग लगा सकी। पाइपों की चोरी मामले में बड़ी विभागीय लापरवाही भी सामने आ चुकी है। वारदात के समय चौकीदार स्टोर से गैरहाजिर था, वहीं स्टोर में सीसीटीवी कैमरा तक नहीं लगाया हुआ है।
विज्ञापन

स्टोर में चौकी को भी विभाग ने आउटसोर्स किया गया है, लेकिन चोरी की वारदात के समय चौकीदार यहां तैनात नहीं था। इतना ही नहीं भारी भरकम पेयजल पाइपें, जो सामान्य ट्रकों में लोड तक नहीं होती हैं, अचानक कैसे चोरी हो गईं, पुलिस के लिए भी पहेली बन गया है। ऐसे में सीधे सीधे आईपीएच विभाग की लापरवाही सामने आ रही है। उधर, आईपीएच विभाग हमीरपुर के चीफ इंजीनियर विक्रांत सुमन ने कहा कि जुलाई माह में चोरी हुई पानी की पाइपों का पुलिस अभी तक कोई सुराग नहीं लगा पाई है।
विज्ञापन


5 से 6 लाख रुपये के बीच है पाइपों की कीमत-
आईपीएच विभाग ने स्टोर में करीब 700 पेयजल पाइपें स्टोर की थी। बाजार में इन पाइपों की कीमत करीब पांच से छह लाख रुपये है। प्रत्येक पाइप की लंबाई करीब 20 फीट है। प्रत्येक पेयजल पाइप पर एक मीटर के बाद आईपीएच सप्लाई की ग्रूविंग है। इतना ही नहीं हालांकि इन पेयजल पाइपों की लंबाई बीस फीट है। ऐसे में पाइपों को साधारण ट्रकों में लोड नहीं किया जा सकता है। इसके लिए विशेष ट्रकों की आवश्यकता होती है। यहां तक कि पाइपों को ट्रक में लोड करने के लिए मशीन का प्रयोग करना पड़ता है। लोड करने की प्रक्रिया में समय भी लगता है। ऐसे में पेयजल पाइपें एकाएक कैसे चोरी हो गईं और इतना समय चौकी कहां रहा। इससे आईपीएच विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है। वहीं विभाग स्टोर को ऑपरेशनल स्टोर न होने का हवाला देकर पल्ला झाड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed