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अध्यापकों के विधेयक और नियमितीकरण पर देरी में होगा विरोध
Updated Tue, 30 Oct 2018 11:51 PM IST
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बिझड़ी (हमीरपुर)। अनुबंध पीटीए संयुक्त एक्शन कमेटी के प्रदेशाध्यक्ष हरीश ठाकुर, दिनेश पटियाल, बोविल ठाकुर, संजीव ठाकुर, नरेंद्र शर्मा, रविकांत शर्मा, अमित मुखिया, कपिल वरसांटा, प्रताप ठाकुर आदि पदाधिकारियों ने सरकार से अनुबंध और पीटीए अध्यापकों को जल्द नियमित करने की मांग की है। एक्शन कमेटी ने शिक्षा सचिव डॉ. अरुण शर्मा के उस बयान पर हैरानी व्यक्त कि जिसमें अस्थायी अध्यापकों को विभाग में समायोजन के लिए शीतकालीन सत्र में विधेयक लाने की बात कही गई है। पदाधिकारियों ने कहा कि अनुबंध पीटीए अध्यापकों को वर्ष 2014 में शिक्षा विभाग में समायोजन करके ही अनुबंध पर लाया गया था जोकि अपना 3 साल का अनुबंध कार्यकाल बीते जनवरी माह में ही पूरा कर चुके हैं। इन अध्यापकों को तय अनुबंध नीति के तहत अन्य अनुबंध अध्यापकों के साथ मार्च 2018 में नियमित होना था। बावजूद इसके 5500 के लगभग अनुबंध पीटीए अध्यापक आज भी अपने नियमितीकरण की वाट जोह रहे हैं।
अनुबंध पीटीए अध्यापकों को जनवरी 2015 में अनुबंध नीति में समायोजित किया गया था जोकि, पिछले 3 साल से अनुबंध के समकक्ष लाभ ले रहे हैं। ऐसे में नियमितीकरण में देरी अध्यापकों के भारी मानसिक दबाव का कारण बन चुकी है। जिस पर पूर्ण विराम लगाना अत्यंत आवश्यक है। प्रदेशाध्यक्ष हरीश ठाकुर ने कहा कि अगर विभाग अन्य अस्थायी अध्यापकों के संदर्भ में कोई विधेयक लाना चाहता है तो उसमें हमें कोई आपत्ति नहीं। लेकिन, अगर अनुबंध पीटीए अध्यापकों को इसमें जबरन घसीटने की कोशिश की गई और नियमितीकरण को लटकाने की बात होती है तो इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। एक्शन कमेटी के पदाधिकारियों ने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज की ओर से किए वायदे पर पूर्ण विश्वास है कि सरकार अतिशीघ्र अनुबंध पीटीए अध्यापकों का सशर्त नियमितीकरण करके पिछले 13 साल के शोषण से उनको मुक्ति दिलाएगी।
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अनुबंध पीटीए अध्यापकों को जनवरी 2015 में अनुबंध नीति में समायोजित किया गया था जोकि, पिछले 3 साल से अनुबंध के समकक्ष लाभ ले रहे हैं। ऐसे में नियमितीकरण में देरी अध्यापकों के भारी मानसिक दबाव का कारण बन चुकी है। जिस पर पूर्ण विराम लगाना अत्यंत आवश्यक है। प्रदेशाध्यक्ष हरीश ठाकुर ने कहा कि अगर विभाग अन्य अस्थायी अध्यापकों के संदर्भ में कोई विधेयक लाना चाहता है तो उसमें हमें कोई आपत्ति नहीं। लेकिन, अगर अनुबंध पीटीए अध्यापकों को इसमें जबरन घसीटने की कोशिश की गई और नियमितीकरण को लटकाने की बात होती है तो इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। एक्शन कमेटी के पदाधिकारियों ने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज की ओर से किए वायदे पर पूर्ण विश्वास है कि सरकार अतिशीघ्र अनुबंध पीटीए अध्यापकों का सशर्त नियमितीकरण करके पिछले 13 साल के शोषण से उनको मुक्ति दिलाएगी।
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