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पब्लिक लाइब्रेरी हमीरपुर में ई-ग्रंथालय सॉफ्टवेयर स्थापित
Updated Thu, 07 Dec 2017 11:19 PM IST
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हमीरपुर। जिला लाइब्रेरी हमीरपुर में आने वाले पाठक अब कंप्यूटर पर सॉफ्टवेयर के माध्यम से किताबें ढूंढ सकते हैं। लाइब्रेरी में ई-ग्रंथालय सॉफ्टवेयर स्थापित किया गया है। इसमें लाइब्रेरी की सभी किताबों की जानकारी पाठकों के लिए उपलब्ध रहेगी। पाठकों को अब लाइनों में खड़े होकर अलमारियों से पुस्तकों को ढूंढने में छुटकारा मिलेगा। जिससे पाठकों के समय की बचत होगी और उन्हें लाभ प्राप्त होगा। सॉफ्टवेयर के अंतर्गत लाइब्रेरी के कंप्यूटर में ही किताबों का विवरण रहेगा। किसी अन्य कंप्यूटर और मोबाइल से किताबों संबंधी जानकारी हासिल नहीं की जा सकेगी।
इस सॉफ्टवेयर को केवल लाइब्रेरी के ही कंप्यूटर सिस्टम में इंस्टॉल किया गया है। इसके लिए लाइब्रेरी प्रबंधन अन्य कंप्यूटर जल्द ही खरीदेगा और लाइब्रेरी में स्थापित करेगा। जिस पर पाठक अपनी रुचि के अनुसार किताबों को ढूंढ सकेगा। इस सॉफ्टवेयर से पता चल जाएगा कि पाठक की संबंधित पुस्तक मौजूद है या नहीं। लाइब्रेरी प्रबंधन किताबों की जानकारी ई-ग्रंथालय सॉफ्टवेयर में डालने की प्रक्रिया में लगा हुआ है। जिला पुस्तकालय में वर्तमान समय में करीब 35 हजार पुस्तकें हैं। इनमें से करीब पांच सौ पुस्तकों की जानकारी लाइब्रेरी प्रबंधन ने सॉफ्टवेयर में डाल दी है। शेष पुस्तकों की जानकारी भी सॉफ्टवेयर में डालने की प्रक्रिया चली हुई है। जल्द ही सभी पुस्तकों की जानकारी इस सॉफ्टवेयर में डाल दी जाएगी और पाठकों को लाइब्रेरी के कंप्यूटर पर से किताबों की जानकारी उपलब्ध हो जाएगी। उधर, लाइब्रेरियन भूपेंद्र मोहन दत्त का कहना है कि लाइब्रेरी में यह सॉफ्टवेयर डेढ़ माह पहले इंस्टॉल किया गया है। पाठकों को पुस्तकों से संबंधित जानकारी इस सॉफ्टवेयर में मिल जाएगी। किताबों की जानकारी सॉफ्टवेयर में डालने की प्रक्रिया चली हुई है।
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इस सॉफ्टवेयर को केवल लाइब्रेरी के ही कंप्यूटर सिस्टम में इंस्टॉल किया गया है। इसके लिए लाइब्रेरी प्रबंधन अन्य कंप्यूटर जल्द ही खरीदेगा और लाइब्रेरी में स्थापित करेगा। जिस पर पाठक अपनी रुचि के अनुसार किताबों को ढूंढ सकेगा। इस सॉफ्टवेयर से पता चल जाएगा कि पाठक की संबंधित पुस्तक मौजूद है या नहीं। लाइब्रेरी प्रबंधन किताबों की जानकारी ई-ग्रंथालय सॉफ्टवेयर में डालने की प्रक्रिया में लगा हुआ है। जिला पुस्तकालय में वर्तमान समय में करीब 35 हजार पुस्तकें हैं। इनमें से करीब पांच सौ पुस्तकों की जानकारी लाइब्रेरी प्रबंधन ने सॉफ्टवेयर में डाल दी है। शेष पुस्तकों की जानकारी भी सॉफ्टवेयर में डालने की प्रक्रिया चली हुई है। जल्द ही सभी पुस्तकों की जानकारी इस सॉफ्टवेयर में डाल दी जाएगी और पाठकों को लाइब्रेरी के कंप्यूटर पर से किताबों की जानकारी उपलब्ध हो जाएगी। उधर, लाइब्रेरियन भूपेंद्र मोहन दत्त का कहना है कि लाइब्रेरी में यह सॉफ्टवेयर डेढ़ माह पहले इंस्टॉल किया गया है। पाठकों को पुस्तकों से संबंधित जानकारी इस सॉफ्टवेयर में मिल जाएगी। किताबों की जानकारी सॉफ्टवेयर में डालने की प्रक्रिया चली हुई है।
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