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मोबाइल जैमर फेल, सुरक्षा मेें भारी चूक
Updated Sat, 07 Apr 2018 10:26 PM IST
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नेशनल यूथ साइंस कांग्रेस कार्यक्रम के दौरान एनआईटी के सभागार में उपस्थित अधिकारी एवं अन्य।
- फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला ब्यूरो
हमीरपुर। उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू के एनआईटी हमीरपुर दौरे के दौरान सुरक्षा में बहुत बड़ी चूक सामने आई। जेएडी शिमला और जिला प्रशासन की ओर से कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए जैमर फेल हो गए। शनिवार को एनआईटी हमीरपुर के सभागार में मोबाइल जैमर के काम न करने से कार्यक्रम स्थल के भीतर उपस्थित लोगों के मोबाइल फोन कार्यक्रम के दौरान खूब दनदनाते रहे। उपराष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए हरियाणा से विशेष तौर पर मोबाइल फोन जैमर मंगवाया गया था। उपराष्ट्रपति देश में सबसे महत्वपूर्ण पद है। उन्हें जेड प्लस से भी अधिक टाइट सिक्योरिटी प्रदान की गई है। हमीरपुर दौरे के दौरान उपराष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए जीएडी प्रशासन, जिला प्रशासन, आईबी, सीआईडी और अन्य खुफिया एजेंसियों ने करीब एक हफ्ता पहले ही रिहर्सल शुरू कर दी थी। उपराष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए भारतीय वायुसेना के चार हेलीकॉप्टर तीन दिन से ट्रायल लैंडिंग में जुटे हुए थे। इसके अलावा बम स्क्वायड, डॉग स्क्वायड, बुलेट प्रूफ गाड़ियों के अलावा केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के अलावा कई बड़े अधिकारियों को उपराष्ट्रपति की सुरक्षा व्यवस्था के लिए हमीरपुर बुलाया गया था लेकिन सारे दावे और तैयारियां धरी की धरी रह गईं। उधर, पुलिस अधीक्षक रमन कुमार मीणा ने कहा कि हरियाणा से विशेष तौर पर मोबाइल फोन जैमर मंगवाया था। जैमर ने क्यों काम नहीं किया, इस मामले की जांच की जाएगी।
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हमीरपुर। उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू के एनआईटी हमीरपुर दौरे के दौरान सुरक्षा में बहुत बड़ी चूक सामने आई। जेएडी शिमला और जिला प्रशासन की ओर से कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए जैमर फेल हो गए। शनिवार को एनआईटी हमीरपुर के सभागार में मोबाइल जैमर के काम न करने से कार्यक्रम स्थल के भीतर उपस्थित लोगों के मोबाइल फोन कार्यक्रम के दौरान खूब दनदनाते रहे। उपराष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए हरियाणा से विशेष तौर पर मोबाइल फोन जैमर मंगवाया गया था। उपराष्ट्रपति देश में सबसे महत्वपूर्ण पद है। उन्हें जेड प्लस से भी अधिक टाइट सिक्योरिटी प्रदान की गई है। हमीरपुर दौरे के दौरान उपराष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए जीएडी प्रशासन, जिला प्रशासन, आईबी, सीआईडी और अन्य खुफिया एजेंसियों ने करीब एक हफ्ता पहले ही रिहर्सल शुरू कर दी थी। उपराष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए भारतीय वायुसेना के चार हेलीकॉप्टर तीन दिन से ट्रायल लैंडिंग में जुटे हुए थे। इसके अलावा बम स्क्वायड, डॉग स्क्वायड, बुलेट प्रूफ गाड़ियों के अलावा केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के अलावा कई बड़े अधिकारियों को उपराष्ट्रपति की सुरक्षा व्यवस्था के लिए हमीरपुर बुलाया गया था लेकिन सारे दावे और तैयारियां धरी की धरी रह गईं। उधर, पुलिस अधीक्षक रमन कुमार मीणा ने कहा कि हरियाणा से विशेष तौर पर मोबाइल फोन जैमर मंगवाया था। जैमर ने क्यों काम नहीं किया, इस मामले की जांच की जाएगी।