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खज्जियार में बिना देखभाल सूख गए देवदार के दो सौ पौधे
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खज्जियार में सूखे पड़े देवदार के पौधे।
- फोटो : Chamba
खज्जियार (चंबा)। मिनी स्विटजरलैंड के नाम से विख्यात पर्यटन स्थल खज्जियार की सुंदरता बढ़ाने के लिए लगाए गए करीब 200 देवदार के पौधे बिना देखभाल के ही सूख गए हैं। वन विभाग की ओर से तीन साल पहले खज्जियार स्थित सुलभ शौचालय के समीप पौधरोपण किया गया था। इसमें स्थानीय जनता ने भी सहयोग किया था लेकिन, समय पर देखभाल न होने के कारण ये पौधे अब सूख गए हैं। हैरानी की बात तो यह है कि सड़क के समीप किए गए पौधरोपण की देखभाल करने में वन्य प्राणी विभाग पूरी तरह से नाकाम रहा।
जानकारी के मुताबिक तीन साल पहले वन महोत्सव के मौके पर बड़े स्तर पर पौधरोपण किया गया था। इस दौरान करीब पांच सौ पौधे रोपित किए गए थे लेकिन, अब दो सौ पौधे पूरी तरह सूख गए हैं। विभाग की ओर से लगाए गए पौधों की देखभाल के लिए कर्मी की तैनाती भी नहीं की गई।
स्थानीय लोगों चंद्रेश कुमार, सुभाष कुमार, अमर चंद, पृथीपाल सिंह, मनोज कुमार, चमन लाल, अजय कुमार, नीलम शर्मा और राम प्रसाद का कहना है कि विभाग पौधरोपण करने तक ही सीमित रह गया है, जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण खज्जियार में सूखे पौधे हैं।
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उन्होंने बताया कि पौधों की देखभाल के लिए कोई व्यवस्था नहीं बनाई गई। समय पर न पौधों की गुड़ाई की गई और न ही अवांछित घास निकाली गई। उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से कांटेदार तार की बाउंड्री लगाई गई है लेकिन, पौधों के विकास के लिए कुछ भी नहीं किया गया। लोगों ने वन्य प्राणी विभाग से मांग की है कि पौधों की गुड़ाई करने के साथ ही उनमें जैविक खाद डाली जाए।
वन्य प्राणी विभाग के उपमंडलाधिकारी राजीव कुमार का कहना है कि यह मामला ध्यान में लाया गया है। कहा कि टीम को मौके पर भेजा जाएगा और पड़ताल की जाएगी।
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जानकारी के मुताबिक तीन साल पहले वन महोत्सव के मौके पर बड़े स्तर पर पौधरोपण किया गया था। इस दौरान करीब पांच सौ पौधे रोपित किए गए थे लेकिन, अब दो सौ पौधे पूरी तरह सूख गए हैं। विभाग की ओर से लगाए गए पौधों की देखभाल के लिए कर्मी की तैनाती भी नहीं की गई।
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स्थानीय लोगों चंद्रेश कुमार, सुभाष कुमार, अमर चंद, पृथीपाल सिंह, मनोज कुमार, चमन लाल, अजय कुमार, नीलम शर्मा और राम प्रसाद का कहना है कि विभाग पौधरोपण करने तक ही सीमित रह गया है, जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण खज्जियार में सूखे पौधे हैं।
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उन्होंने बताया कि पौधों की देखभाल के लिए कोई व्यवस्था नहीं बनाई गई। समय पर न पौधों की गुड़ाई की गई और न ही अवांछित घास निकाली गई। उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से कांटेदार तार की बाउंड्री लगाई गई है लेकिन, पौधों के विकास के लिए कुछ भी नहीं किया गया। लोगों ने वन्य प्राणी विभाग से मांग की है कि पौधों की गुड़ाई करने के साथ ही उनमें जैविक खाद डाली जाए।
वन्य प्राणी विभाग के उपमंडलाधिकारी राजीव कुमार का कहना है कि यह मामला ध्यान में लाया गया है। कहा कि टीम को मौके पर भेजा जाएगा और पड़ताल की जाएगी।