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Chamba News: जुंगलबंदी करने का था प्रयास, पंचायत चुनाव में मामा और भांजा दोनों हारे
Fri, 29 May 2026 10:56 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 29 May 2026 10:56 PM IST
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विकास खंड मैहला के तहत एक ग्राम पंचायत में सामने आया यह वाक्या
भांजे ने प्रधान के लिए ठोंकी थी दावेंदारी, उपप्रधान के लिए मामा मैदान में
मामा भांजा के बजाय पंचायत के मतदाताओं ने नए उम्मीदवारों को चुना
पंकज सलारिया
चंबा। जिले में पंचायतीराज चुनावों में कहीं रिश्तेदार आमने-सामने दिखे तो कहीं एक-दूसरे के साथ मिलकर चुनाव लड़े। ऐसा ही मामला जिले की एक पंचायत में सामने आया है।
नामांकन के दौरान भांजे ने प्रधान पद के लिए दावेदारी पेश की। दूसरी तरफ, मामा ने उपप्रधान के लिए नामांकन भरा। लिहाजा, दोनों मामा भांजा चुनाव में उतरे गए और प्रचार-प्रसार भी शुरू कर दिया। 28 मई को मतदान का दिन आया। मामा और भांजा उम्मीद में थे कि इस बार दोनों को पंचायत प्रधान में बतौर प्रधान और उप प्रधान जनता की सेवा करने का मौका मिलेगा लेकिन मतदान के दिन मतदाताओं ने नए उम्मीदवारों को इस बार मौका दिया है। इस मामले को लेकर खासा चर्चाओं का बाजार क्षेत्र में गर्म है। हालांकि, शुरू में मामा भांजे की जुगलबंदी को लेकर मतदाता काफी उत्साहित भी थे लेकिन ऐन मौके पर मतदाताओं ने अपना फैसला सुनाया और मामा और भांजा जुगलबंदी करने के सपने को तोड़ दिया। कुल मिलाकर पंचायत में चुनाव के बाद इस बारे मतदाताओं में खासी चर्चाएं हो रही है।
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भांजे ने प्रधान के लिए ठोंकी थी दावेंदारी, उपप्रधान के लिए मामा मैदान में
मामा भांजा के बजाय पंचायत के मतदाताओं ने नए उम्मीदवारों को चुना
पंकज सलारिया
चंबा। जिले में पंचायतीराज चुनावों में कहीं रिश्तेदार आमने-सामने दिखे तो कहीं एक-दूसरे के साथ मिलकर चुनाव लड़े। ऐसा ही मामला जिले की एक पंचायत में सामने आया है।
नामांकन के दौरान भांजे ने प्रधान पद के लिए दावेदारी पेश की। दूसरी तरफ, मामा ने उपप्रधान के लिए नामांकन भरा। लिहाजा, दोनों मामा भांजा चुनाव में उतरे गए और प्रचार-प्रसार भी शुरू कर दिया। 28 मई को मतदान का दिन आया। मामा और भांजा उम्मीद में थे कि इस बार दोनों को पंचायत प्रधान में बतौर प्रधान और उप प्रधान जनता की सेवा करने का मौका मिलेगा लेकिन मतदान के दिन मतदाताओं ने नए उम्मीदवारों को इस बार मौका दिया है। इस मामले को लेकर खासा चर्चाओं का बाजार क्षेत्र में गर्म है। हालांकि, शुरू में मामा भांजे की जुगलबंदी को लेकर मतदाता काफी उत्साहित भी थे लेकिन ऐन मौके पर मतदाताओं ने अपना फैसला सुनाया और मामा और भांजा जुगलबंदी करने के सपने को तोड़ दिया। कुल मिलाकर पंचायत में चुनाव के बाद इस बारे मतदाताओं में खासी चर्चाएं हो रही है।
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