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Chamba News: शाही स्नान के साथ थमी आस्था की हलचल, खाली होने लगा भरमौर
Sun, 20 Sep 2026 10:47 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 20 Sep 2026 10:47 PM IST
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डल झील के पास चतुर्मुखी शिव लिंग। संवाद
मणिमहेश यात्रा के आधिकारिक समापन के बाद हड़सर-डलझील मार्ग से सिमटने लगा अस्थायी बाजार, ड्यूटी पर तैनात अमला भी लौटा
यात्रा सीजन की भीड़ गई तो दुकानदारों ने समेटा कारोबार, इस बार श्रद्धालुओं की संख्या लाखों तक नहीं पहुंची
संवाद न्यूज एजेंसी
भरमौर (चंबा)। शाही स्नान के साथ ही मणिमहेश यात्रा की रौनक भी पहाड़ से उतरने लगी है। रविवार को यात्रा का आधिकारिक समापन होते ही भरमौर में श्रद्धालुओं की चहल-पहल कम हो गई।
कुछ दिन पहले तक जहां हर रास्ते पर श्रद्धालु नजर आ रहे थे, वहीं अब हड़सर से डलझील तक यात्रा मार्ग शांत होने लगा है। डलझील में पवित्र स्नान के बाद अधिकांश श्रद्धालु अपने घरों को लौट चुके हैं।
यात्रा के दौरान मार्ग पर अस्थायी दुकानें लगाकर कारोबार करने वाले स्थानीय दुकानदारों ने भी अब अपना सामान समेटना शुरू कर दिया है। प्रशासन ने उन्हें यात्रा मार्ग से नीचे लौटने के निर्देश दिए हैं। दुकानें हटने के साथ ही यात्रा के दौरान तैयार हुआ अस्थायी बाजार भी धीरे-धीरे गायब होने लगा है।
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इस बार मणिमहेश यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या लाखों के आंकड़े तक नहीं पहुंच सकी। पिछले साल हुई प्राकृतिक आपदा को इसकी प्रमुख वजहों में माना जा रहा है। इसके अलावा नेपाल में हाल ही में हुई त्रासदी का असर भी श्रद्धालुओं की यात्रा योजना पर पड़ने की बात कही जा रही है। हालांकि, यात्रा के दौरान किसी बड़ी अव्यवस्था या नुकसान की घटना सामने नहीं आई।
यात्रा के लिए बनाई गई अस्थायी व्यवस्थाएं भी अब बंद होने लगी हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न स्थानों पर तैनात कर्मचारी वापस भरमौर बुलाए जा रहे हैं। इसके साथ ही हड़सर से डलझील तक यात्रा अवधि में उपलब्ध करवाई गई सुविधाएं भी धीरे-धीरे समाप्त की जा रही हैं।
नागरिक उपमंडल अधिकारी अजय कुमार सिंह ने बताया कि मणिमहेश यात्रा आधिकारिक तौर पर समाप्त हो चुकी है। यात्रा मार्ग पर तैनात कर्मचारियों को वापस बुलाया जा रहा है और अस्थायी दुकानदारों को भी नीचे लौटने के निर्देश दिए गए हैं।
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यात्रा सीजन की भीड़ गई तो दुकानदारों ने समेटा कारोबार, इस बार श्रद्धालुओं की संख्या लाखों तक नहीं पहुंची
संवाद न्यूज एजेंसी
भरमौर (चंबा)। शाही स्नान के साथ ही मणिमहेश यात्रा की रौनक भी पहाड़ से उतरने लगी है। रविवार को यात्रा का आधिकारिक समापन होते ही भरमौर में श्रद्धालुओं की चहल-पहल कम हो गई।
कुछ दिन पहले तक जहां हर रास्ते पर श्रद्धालु नजर आ रहे थे, वहीं अब हड़सर से डलझील तक यात्रा मार्ग शांत होने लगा है। डलझील में पवित्र स्नान के बाद अधिकांश श्रद्धालु अपने घरों को लौट चुके हैं।
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यात्रा के दौरान मार्ग पर अस्थायी दुकानें लगाकर कारोबार करने वाले स्थानीय दुकानदारों ने भी अब अपना सामान समेटना शुरू कर दिया है। प्रशासन ने उन्हें यात्रा मार्ग से नीचे लौटने के निर्देश दिए हैं। दुकानें हटने के साथ ही यात्रा के दौरान तैयार हुआ अस्थायी बाजार भी धीरे-धीरे गायब होने लगा है।
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इस बार मणिमहेश यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या लाखों के आंकड़े तक नहीं पहुंच सकी। पिछले साल हुई प्राकृतिक आपदा को इसकी प्रमुख वजहों में माना जा रहा है। इसके अलावा नेपाल में हाल ही में हुई त्रासदी का असर भी श्रद्धालुओं की यात्रा योजना पर पड़ने की बात कही जा रही है। हालांकि, यात्रा के दौरान किसी बड़ी अव्यवस्था या नुकसान की घटना सामने नहीं आई।
यात्रा के लिए बनाई गई अस्थायी व्यवस्थाएं भी अब बंद होने लगी हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न स्थानों पर तैनात कर्मचारी वापस भरमौर बुलाए जा रहे हैं। इसके साथ ही हड़सर से डलझील तक यात्रा अवधि में उपलब्ध करवाई गई सुविधाएं भी धीरे-धीरे समाप्त की जा रही हैं।
नागरिक उपमंडल अधिकारी अजय कुमार सिंह ने बताया कि मणिमहेश यात्रा आधिकारिक तौर पर समाप्त हो चुकी है। यात्रा मार्ग पर तैनात कर्मचारियों को वापस बुलाया जा रहा है और अस्थायी दुकानदारों को भी नीचे लौटने के निर्देश दिए गए हैं।