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Chamba News: मक्की की कटाई में जुटे किसान, खेतों में बढ़ी चहल-पहल
Sun, 20 Sep 2026 10:48 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 20 Sep 2026 10:48 PM IST
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मक्की की कटाई करता किसान : संवाद
ऊपरी क्षेत्रों में पककर तैयार हुई फसल, निचले इलाकों में अभी पकने का इंतजार
मौसम को देखते हुए किसान समेट रहे फसल, अक्तूबर तक चलेगा कटाई का दौर
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिले के ऊपरी क्षेत्रों में मक्की की फसल पक कर तैयार होने लगी है। फसल तैयार होते ही किसानों ने कटाई का काम तेज कर दिया है। साहो, कीड़ी, लग्गा, संगेड़ और मसरूंड सहित आसपास के क्षेत्रों में इन दिनों खेतों में किसानों की चहल-पहल बढ़ गई है। किसान मौसम का मिजाज देखते हुए समय रहते फसल को समेटने में जुटे हैं।
किसानों में देवराज, बलदेव सिंह, दीवान चंद, मदन लाल, हेमराज, दौलत राम, सोनू कुमार और किशन सिंह ने बताया कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कई जगह मक्की पूरी तरह पक चुकी है। परिवार के सदस्य सुबह ही खेतों में पहुंचकर कटाई में जुट जाते हैं। किसानों का कहना है कि समय पर कटाई जरूरी है, ताकि मौसम खराब होने की स्थिति में फसल को नुकसान न पहुंचे।
वहीं, जिले के निचले क्षेत्रों में अभी मक्की की फसल पूरी तरह तैयार नहीं हुई है। यहां किसान फसल के पकने का इंतजार कर रहे हैं। ऊंचाई के अंतर के कारण जिले में अलग-अलग समय पर मक्की पकती है।
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कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. भूपेंद्र सिंह ने बताया कि इन दिनों मक्की की कटाई का समय है। ऊंचाई और मौसम के अंतर से फसल पकने में समय का अंतर रहता है। अक्तूबर के अंतिम सप्ताह तक कटाई का दौर चलता है। किसानों को मौसम को ध्यान में रखते हुए फसल पूरी तरह पकने पर समय पर कटाई करने की सलाह दी गई है।
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मौसम को देखते हुए किसान समेट रहे फसल, अक्तूबर तक चलेगा कटाई का दौर
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिले के ऊपरी क्षेत्रों में मक्की की फसल पक कर तैयार होने लगी है। फसल तैयार होते ही किसानों ने कटाई का काम तेज कर दिया है। साहो, कीड़ी, लग्गा, संगेड़ और मसरूंड सहित आसपास के क्षेत्रों में इन दिनों खेतों में किसानों की चहल-पहल बढ़ गई है। किसान मौसम का मिजाज देखते हुए समय रहते फसल को समेटने में जुटे हैं।
किसानों में देवराज, बलदेव सिंह, दीवान चंद, मदन लाल, हेमराज, दौलत राम, सोनू कुमार और किशन सिंह ने बताया कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कई जगह मक्की पूरी तरह पक चुकी है। परिवार के सदस्य सुबह ही खेतों में पहुंचकर कटाई में जुट जाते हैं। किसानों का कहना है कि समय पर कटाई जरूरी है, ताकि मौसम खराब होने की स्थिति में फसल को नुकसान न पहुंचे।
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वहीं, जिले के निचले क्षेत्रों में अभी मक्की की फसल पूरी तरह तैयार नहीं हुई है। यहां किसान फसल के पकने का इंतजार कर रहे हैं। ऊंचाई के अंतर के कारण जिले में अलग-अलग समय पर मक्की पकती है।
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कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. भूपेंद्र सिंह ने बताया कि इन दिनों मक्की की कटाई का समय है। ऊंचाई और मौसम के अंतर से फसल पकने में समय का अंतर रहता है। अक्तूबर के अंतिम सप्ताह तक कटाई का दौर चलता है। किसानों को मौसम को ध्यान में रखते हुए फसल पूरी तरह पकने पर समय पर कटाई करने की सलाह दी गई है।