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Chamba News: आउटसोर्स कर्मियों की नौकरी पर लटकी तलवार
Sat, 01 Jul 2023 10:54 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sat, 01 Jul 2023 10:54 PM IST
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चंबा। जिले में आउटसोर्स कर्मियों की नौकरियों पर तलवार लटक गई है। वैश्विक महामारी कोरोना काल में रखे गए स्टाफ की समय अवधि को लेकर मेडिकल कॉलेज चंबा प्रबंधन के पास कोई अधिसूचना नहीं पहुंची है। 30 जून को इन आउटसोर्स कर्मियों का अनुबंध खत्म हो चुका है। हालांकि मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री की ओर से कोविड काल में रखे गए आउटसोर्स कर्मियों का कार्यकाल बढ़ाने को लेकर आश्वस्त भी किया जा चुका है लेकिन एक जुलाई तक अनुबंध बढ़ाने को लेकर किसी प्रकार की अधिसूचना नहीं पहुंची है। ऐसे में आउटसोर्स कर्मी स्वयं को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।
गौरतलब है कि कोविड काल में स्टाफ भर्ती किया गया था। यह महामारी ऐसी थी कि अपने भी अपनों का साथ छोड़कर कोविड रोगियों की सेवा से दूर भाग रहे थे। ऐसी परिस्थितियों में कोविड नर्सिंग, तकनीकी और सहयोगी स्टाफ ने तत्काल से लेकर अब तक दिन-रात स्वास्थ्य सेवाओं के हर क्षेत्र में सेवाएं दीं लेकिन पूर्व सरकार ने तमाम स्टाफ को ठोस नीति में शामिल करने के केवल आश्वासन देकर अपना कार्यकाल पूर्ण किया। इसका खामियाजा पूर्व सरकार को सत्ता से बाहर होने कर भुगतना पड़ा। वहीं वर्तमान सरकार ने विशेष तौर पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और उनके सहयोगी मंत्रिमंडल एवं विधायकों ने भी कोविड स्टाफ को ठोस नीति में शामिल एवं नियमित रूप से वेतन मिलने का विश्वास दिलवाया। वर्तमान सरकार ने तीन माह पूर्व पूर्ण हुए अनुबंध का करार 30 जून तक बढ़ाकर एक राहत तो दी लेकिन इस अवधि में तमाम स्टाफ को मासिक वेतन नहीं मिला। अब अनुबंध आगे न बढ़ने से तमाम कोविड स्टाफ को बेरोजगार होने का डर सता रहा है। वहीं, पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय चंबा प्रबंधन ने स्पष्ट शब्दों में कोविड स्टाफ की सेवा पूर्ण होने के फरमान जारी कर दिए हैं। अनुबंध कर्मियों ने निर्णय लिया है कि अधिसूचना जारी न होने पर वे आगामी रणनीति बनाने को विवश होंगे। इसके तहत वे सरकार और कंपनी के खिलाफ आंदोलन तक करने से पीछे नहीं हटेंगे।
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गौरतलब है कि कोविड काल में स्टाफ भर्ती किया गया था। यह महामारी ऐसी थी कि अपने भी अपनों का साथ छोड़कर कोविड रोगियों की सेवा से दूर भाग रहे थे। ऐसी परिस्थितियों में कोविड नर्सिंग, तकनीकी और सहयोगी स्टाफ ने तत्काल से लेकर अब तक दिन-रात स्वास्थ्य सेवाओं के हर क्षेत्र में सेवाएं दीं लेकिन पूर्व सरकार ने तमाम स्टाफ को ठोस नीति में शामिल करने के केवल आश्वासन देकर अपना कार्यकाल पूर्ण किया। इसका खामियाजा पूर्व सरकार को सत्ता से बाहर होने कर भुगतना पड़ा। वहीं वर्तमान सरकार ने विशेष तौर पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और उनके सहयोगी मंत्रिमंडल एवं विधायकों ने भी कोविड स्टाफ को ठोस नीति में शामिल एवं नियमित रूप से वेतन मिलने का विश्वास दिलवाया। वर्तमान सरकार ने तीन माह पूर्व पूर्ण हुए अनुबंध का करार 30 जून तक बढ़ाकर एक राहत तो दी लेकिन इस अवधि में तमाम स्टाफ को मासिक वेतन नहीं मिला। अब अनुबंध आगे न बढ़ने से तमाम कोविड स्टाफ को बेरोजगार होने का डर सता रहा है। वहीं, पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय चंबा प्रबंधन ने स्पष्ट शब्दों में कोविड स्टाफ की सेवा पूर्ण होने के फरमान जारी कर दिए हैं। अनुबंध कर्मियों ने निर्णय लिया है कि अधिसूचना जारी न होने पर वे आगामी रणनीति बनाने को विवश होंगे। इसके तहत वे सरकार और कंपनी के खिलाफ आंदोलन तक करने से पीछे नहीं हटेंगे।
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