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Chamba News: गद्दी पहनावे पर बढ़ी सियासी तकरार, कांग्रेस ने जनक राज पर किया पलटवार
Tue, 30 Jun 2026 10:56 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Tue, 30 Jun 2026 10:56 AM IST
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चंबा। मुख्यमंत्री सुक्खू के गद्दी संस्कृति और पारंपरिक पहनावे को लेकर दिए गए बयानों पर सियासत तेज हो गई है। अब भरमौर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष एवं अधिवक्ता सुरजीत शर्मा भरमौरी ने विधायक डाॅ. जनक राज की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बड़ा भंगाल दौरे के दौरान गद्दी समुदाय का पारंपरिक चोलू और डोरा पहनकर उनकी संस्कृति को सम्मान दिया है।
सुरजीत शर्मा ने दावा किया कि प्रदेश सरकार ने गद्दी एवं भेड़पालक समुदाय के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। इनमें ऊन का समर्थन मूल्य 100 रुपये प्रति किलोग्राम करना, आपदा में प्रति भेड़-बकरी सात हजार रुपये का मुआवजा, घुमंतू पशुपालकों के परमिट संबंधी व्यवस्था में सुधार और 300 करोड़ रुपये की पहल योजना शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने 31 वर्षों बाद छतराड़ी जातर मेले को राज्य स्तरीय दर्जा भी दिलाया है, जो गद्दी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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सुरजीत शर्मा ने विधायक से सवाल किया कि भरमौर दौरे के दौरान सांसद कंगना रनौत को गद्दी समुदाय का पारंपरिक पहनावा क्यों नहीं पहनाया गया। संस्कृति के सम्मान को अलग-अलग पैमानों से नहीं आंका जाना चाहिए और इस विषय पर राजनीति करने से बचना चाहिए।
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सुरजीत शर्मा ने दावा किया कि प्रदेश सरकार ने गद्दी एवं भेड़पालक समुदाय के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। इनमें ऊन का समर्थन मूल्य 100 रुपये प्रति किलोग्राम करना, आपदा में प्रति भेड़-बकरी सात हजार रुपये का मुआवजा, घुमंतू पशुपालकों के परमिट संबंधी व्यवस्था में सुधार और 300 करोड़ रुपये की पहल योजना शामिल हैं।
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उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने 31 वर्षों बाद छतराड़ी जातर मेले को राज्य स्तरीय दर्जा भी दिलाया है, जो गद्दी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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सुरजीत शर्मा ने विधायक से सवाल किया कि भरमौर दौरे के दौरान सांसद कंगना रनौत को गद्दी समुदाय का पारंपरिक पहनावा क्यों नहीं पहनाया गया। संस्कृति के सम्मान को अलग-अलग पैमानों से नहीं आंका जाना चाहिए और इस विषय पर राजनीति करने से बचना चाहिए।