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Chamba News: जेएसडब्ल्यू एनर्जी लिमिटेड, युवा इंटक के बीच चल रहे श्रम विवाद में नया मोड़
Wed, 15 Jul 2026 10:52 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 15 Jul 2026 10:52 PM IST
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नोटिस के बाद जेएसडब्लयू प्रबंधन नहीं हुआ जिला श्रम अधिकारी कार्यालय चंबा में हाजिर
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जेएसडब्ल्यू एनर्जी (कुटेहड़) लिमिटेड और युवा इंटक के बीच चल रहे श्रम विवाद में एक नया मोड़ आ गया है। विभाग की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस के बाद भी जेएसडब्ल्यू प्रबंधन बुधवार को जिला श्रम अधिकारी कार्यालय में हाजिर नहीं हुआ।
प्रबंधन की इस अनुपस्थिति और तय समय में स्पष्टीकरण न देने को विभाग ने पत्र में उठाए गए मुद्दों की मौन स्वीकृति माना है। यह मामला युवा इंटक के जिला अध्यक्ष वीरेंद्र पुजारी की ओर से 22 मई 2026 को प्रबंधन के अधीन काम कर रहे ऑन-रोल और अनुबंध श्रमिकों की समस्याओं को लेकर उठाए मुद्दों से जुड़ा है। यूनियन की कानूनी वैधता और पंजीकरण स्थिति को लेकर उपजे संदेह के बाद श्रम विभाग ने 1 जुलाई को दोनों पक्षों को 15 दिन में स्थिति स्पष्ट करने के आदेश दिए थे। बुधवार को सुनवाई में युवा इंटक के जिला अध्यक्ष वीरेंद्र पुजारी उपस्थित हुए। दलील दी कि उन्हें राज्य इंटक ने जिले के श्रमिकों के मुद्दे उठाने के लिए अधिकृत किया है जिसे विभाग ने स्वीकार कर लिया। दूसरी ओर स्पीड पोस्ट से नोटिस मिलने के बावजूद प्रबंधन की तरफ से कोई पेश नहीं हुआ।
युवा इंटक के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र पुजारी ने कहा कि जेएसडब्ल्यू प्रबंधन की गैर हाजिरी साबित करती है कि वे श्रमिकों के शोषण को छिपा रहे हैं। राज्य इंटक से मिले अधिकार के तहत हम पीछे नहीं हटेंगे। प्रबंधन अपनी जवाबदेही से भाग नहीं सकता और हम कामगारों के हक की लड़ाई अंतिम सांस तक जारी रखेंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जेएसडब्ल्यू एनर्जी (कुटेहड़) लिमिटेड और युवा इंटक के बीच चल रहे श्रम विवाद में एक नया मोड़ आ गया है। विभाग की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस के बाद भी जेएसडब्ल्यू प्रबंधन बुधवार को जिला श्रम अधिकारी कार्यालय में हाजिर नहीं हुआ।
प्रबंधन की इस अनुपस्थिति और तय समय में स्पष्टीकरण न देने को विभाग ने पत्र में उठाए गए मुद्दों की मौन स्वीकृति माना है। यह मामला युवा इंटक के जिला अध्यक्ष वीरेंद्र पुजारी की ओर से 22 मई 2026 को प्रबंधन के अधीन काम कर रहे ऑन-रोल और अनुबंध श्रमिकों की समस्याओं को लेकर उठाए मुद्दों से जुड़ा है। यूनियन की कानूनी वैधता और पंजीकरण स्थिति को लेकर उपजे संदेह के बाद श्रम विभाग ने 1 जुलाई को दोनों पक्षों को 15 दिन में स्थिति स्पष्ट करने के आदेश दिए थे। बुधवार को सुनवाई में युवा इंटक के जिला अध्यक्ष वीरेंद्र पुजारी उपस्थित हुए। दलील दी कि उन्हें राज्य इंटक ने जिले के श्रमिकों के मुद्दे उठाने के लिए अधिकृत किया है जिसे विभाग ने स्वीकार कर लिया। दूसरी ओर स्पीड पोस्ट से नोटिस मिलने के बावजूद प्रबंधन की तरफ से कोई पेश नहीं हुआ।
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युवा इंटक के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र पुजारी ने कहा कि जेएसडब्ल्यू प्रबंधन की गैर हाजिरी साबित करती है कि वे श्रमिकों के शोषण को छिपा रहे हैं। राज्य इंटक से मिले अधिकार के तहत हम पीछे नहीं हटेंगे। प्रबंधन अपनी जवाबदेही से भाग नहीं सकता और हम कामगारों के हक की लड़ाई अंतिम सांस तक जारी रखेंगे।
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