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Chamba News: गर्भवती महिलाओं के नहीं किए जा रहे हेपेटाइटिस बी टेस्ट
Sun, 22 Oct 2023 10:41 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 22 Oct 2023 10:41 PM IST
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चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा में गर्भवती महिलाओं सहित अन्य मरीजों के हेपेटाइटिस बी टेस्ट नहीं किए जा रहे हैं। गर्भवती महिलाओं को टेस्ट करवाने के लिए निजी लैब में 200 से 500 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज की माइक्रो बायोलॉजी लैब में यह टेस्ट नहीं किया जा रहा है। प्रसव से पूर्व हर गर्भवती को यह टेस्ट करवाना अनिवार्य है। पिछले कुछ माह से चंबा मेडिकल कॉलेज में गर्भवती महिलाओं सहित अन्य मरीजों के टेस्ट नहीं किए जा रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में हर माह करीब 300 गर्भवती महिलाओं के प्रसव करवाए जाते हैं। सैकडों महिलाएं हर माह रूटीन चेकअप करवाने के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचती हैं। चेकअप के दौरान भी विशेषज्ञ गर्भवतियों को उनकी सेहत के हिसाब से इस टेस्ट करवाने का परामर्श देते हैं। रोजाना करीब 100 मरीजों को विशेषज्ञ हेपेटाइटिस बी टेस्ट करवाने का परामर्श देते हैं।
यदि कोई मरीज पीलिया से ग्रस्त हो तो उसमें पीलिया होने के कारणों का पता लगाने के लिए भी यह टेस्ट करवाया जाता है। मौजूदा समय में मेडिकल कॉलेज में बदलते मौसम के कारण पीलिया के मरीज भी बढ़े हैं। ऐसे में इन मरीजों को विशेषज्ञ हेपेटाइटिस बी टेस्ट करवाने की सलाह दे रहे हैं।
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किसी भी कर्मचारी को नियमित होने के बाद अपनी मेडिकल फिटनेस रिपोर्ट बनाने के दौरान यह टेस्ट करवाना अनिवार्य होता है। इसके अलावा विदेश में जाने वाले लोगों को भी मेडिकल रिपोर्ट में इस टेस्ट की रिपोर्ट डालनी पड़ती है। ये सभी लोग रिपोर्ट बनाने के लिए मेडिकल कॉलेज का रूख करते हैं। ऐसे में इन लोगों को भी निजी लैब में टेस्ट करवाना पड़ रहा है। उधर, कार्यवाहक चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर देवेंद्र कुमार ने बताया कि हेपेटाइटिस बी टेस्ट को जल्द मेडिकल कॉलेज की प्रयोगशाला में शुरू करवाने की व्यवस्था करवा दी जाएगी।
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मेडिकल कॉलेज की माइक्रो बायोलॉजी लैब में यह टेस्ट नहीं किया जा रहा है। प्रसव से पूर्व हर गर्भवती को यह टेस्ट करवाना अनिवार्य है। पिछले कुछ माह से चंबा मेडिकल कॉलेज में गर्भवती महिलाओं सहित अन्य मरीजों के टेस्ट नहीं किए जा रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में हर माह करीब 300 गर्भवती महिलाओं के प्रसव करवाए जाते हैं। सैकडों महिलाएं हर माह रूटीन चेकअप करवाने के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचती हैं। चेकअप के दौरान भी विशेषज्ञ गर्भवतियों को उनकी सेहत के हिसाब से इस टेस्ट करवाने का परामर्श देते हैं। रोजाना करीब 100 मरीजों को विशेषज्ञ हेपेटाइटिस बी टेस्ट करवाने का परामर्श देते हैं।
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यदि कोई मरीज पीलिया से ग्रस्त हो तो उसमें पीलिया होने के कारणों का पता लगाने के लिए भी यह टेस्ट करवाया जाता है। मौजूदा समय में मेडिकल कॉलेज में बदलते मौसम के कारण पीलिया के मरीज भी बढ़े हैं। ऐसे में इन मरीजों को विशेषज्ञ हेपेटाइटिस बी टेस्ट करवाने की सलाह दे रहे हैं।
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किसी भी कर्मचारी को नियमित होने के बाद अपनी मेडिकल फिटनेस रिपोर्ट बनाने के दौरान यह टेस्ट करवाना अनिवार्य होता है। इसके अलावा विदेश में जाने वाले लोगों को भी मेडिकल रिपोर्ट में इस टेस्ट की रिपोर्ट डालनी पड़ती है। ये सभी लोग रिपोर्ट बनाने के लिए मेडिकल कॉलेज का रूख करते हैं। ऐसे में इन लोगों को भी निजी लैब में टेस्ट करवाना पड़ रहा है। उधर, कार्यवाहक चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर देवेंद्र कुमार ने बताया कि हेपेटाइटिस बी टेस्ट को जल्द मेडिकल कॉलेज की प्रयोगशाला में शुरू करवाने की व्यवस्था करवा दी जाएगी।