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ठेकेदारों ने रुकवाया बिजली प्रोजेक्ट का काम
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चंबा। कुठेड़ जल विद्युत परियोजना के एडिट-चार और पांच में स्थानीय ठेकेदारों ने निर्माण कार्य बंद करवा दिया है। परियोजना का काम जेएसडब्ल्यू (जिंदल साउथ वेस्ट) कंपनी करवा रही है।
ठेकेदारों ने अपनी मांगों को पूरा करवाने के लिए मजदूरों को भी अपने साथ शामिल कर लिया है। इसके चलते एडिट-चार और पांच में शनिवार को परियोजना का कार्य पूरी तरह बंद हो गया।
कंपनी प्रबंधन की ओर से मजदूरों को कहा गया है कि वे अपनी ड्यूटी को नियमित रूप से निभाते रहें। ठेकेदारों और कंपनी के बीच चल रहे विवाद में न पड़ें। ठेकेदारों की मांगों को पूरा करने के लिए कंपनी प्रयास कर रही है लेकिन स्थानीय ठेकेदारों ने कंपनी पर दबाव बनाने के लिए मजदूरों को अपने साथ मिलाकर काम बंद करवा दिया है। उधर, कंपनी प्रबंधन की ओर से भी नो वर्क नो पे नियम को लागू किया गया है। कंपनी की ओर से भी काम बंद करवा दिया गया है।
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जब तक मजदूर काम पर नहीं लौटते, तब तक कंपनी ने काम को बंद रखने का फैसला लिया है। हालांकि, कंपनी मजदूरों को पूरा वेतन दे रही है। श्रम विभाग ने भी पिछले दिनों कंपनी को मजदूरों को श्रम कानून के तहत लाभ देने के आदेश दिए थे। इसके मुताबिक कंपनी मजदूरों को सभी सुविधाएं प्रदान कर रही थी लेकिन स्थानीय ठेकेदारों को इसमें लाभ नहीं पहुंच रहा था।
कंपनी प्रबंधक संजीव महाजन ने कहा कि स्थानीय ठेकेदार जबरन अपनी मांगें पूरी करवाने का कंपनी पर दबाव बना रहे हैं। जबकि, कंपनी ने ठेकेदारों को कहा है कि उनकी जायज मांगों को पूरा किया जाएगा। मजदूरों को सभी सुविधाओं कंपनी पहले ही दे रही है। उन्होंने मजदूरों से अनुरोध किया है कि वे अपने काम पर लौट आएं।
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ठेकेदारों ने अपनी मांगों को पूरा करवाने के लिए मजदूरों को भी अपने साथ शामिल कर लिया है। इसके चलते एडिट-चार और पांच में शनिवार को परियोजना का कार्य पूरी तरह बंद हो गया।
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कंपनी प्रबंधन की ओर से मजदूरों को कहा गया है कि वे अपनी ड्यूटी को नियमित रूप से निभाते रहें। ठेकेदारों और कंपनी के बीच चल रहे विवाद में न पड़ें। ठेकेदारों की मांगों को पूरा करने के लिए कंपनी प्रयास कर रही है लेकिन स्थानीय ठेकेदारों ने कंपनी पर दबाव बनाने के लिए मजदूरों को अपने साथ मिलाकर काम बंद करवा दिया है। उधर, कंपनी प्रबंधन की ओर से भी नो वर्क नो पे नियम को लागू किया गया है। कंपनी की ओर से भी काम बंद करवा दिया गया है।
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जब तक मजदूर काम पर नहीं लौटते, तब तक कंपनी ने काम को बंद रखने का फैसला लिया है। हालांकि, कंपनी मजदूरों को पूरा वेतन दे रही है। श्रम विभाग ने भी पिछले दिनों कंपनी को मजदूरों को श्रम कानून के तहत लाभ देने के आदेश दिए थे। इसके मुताबिक कंपनी मजदूरों को सभी सुविधाएं प्रदान कर रही थी लेकिन स्थानीय ठेकेदारों को इसमें लाभ नहीं पहुंच रहा था।
कंपनी प्रबंधक संजीव महाजन ने कहा कि स्थानीय ठेकेदार जबरन अपनी मांगें पूरी करवाने का कंपनी पर दबाव बना रहे हैं। जबकि, कंपनी ने ठेकेदारों को कहा है कि उनकी जायज मांगों को पूरा किया जाएगा। मजदूरों को सभी सुविधाओं कंपनी पहले ही दे रही है। उन्होंने मजदूरों से अनुरोध किया है कि वे अपने काम पर लौट आएं।