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अमर उजाला स्वास्थ्य अभियान: दो साल बाद स्कूलों में फिर होगी बच्चों की स्वास्थ्य जांच

Wed, 30 Mar 2022 10:54 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 30 Mar 2022 10:54 PM IST
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Amar Ujala Health Campaign: Doctors will reach schools to check the health of children
चंबा। कोविड काल में बंद पड़ी स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य जांच की प्रक्रिया दोबारा शुरू की जा रही है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें दूरदराज के स्कूलों में पहुंचकर बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करेंगी। इस दौरान जो बच्चे गंभीर रूप से बीमार पाए जाएंगे, उन्हें इलाज के लिए येलो कार्ड दिया जाएगा। इस कार्ड के जरिये अभिभावक अपने बीमार बच्चे का इलाज मुफ्त करवा पाएंगे। गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण की वजह से दो सालों तक स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहे। इसके चलते इस कार्यक्रम के तहत बच्चों के स्वास्थ्य की जांच नहीं हो पाई। अब सरकार ने सभी स्कूलों को खोलने की अनुमति प्रदान कर दी है। ऐसे में जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को आदेश देकर स्कूलों में कार्यक्रम के तहत बच्चों की स्वास्थ्य जांच करने के लिए कहा है। जिला प्रशासन से आदेश मिलने पर स्वास्थ्य विभाग ने जिले में गठित स्वास्थ्य टीमों को दोबारा क्रियाशील कर दिया है। बच्चों की जांच के लिए गठित 11 मोबाइल हेल्थ टीमों में चिकित्सा अधिकारी, फार्मासिस्ट और फीमेल हेल्थ वर्कर को शामिल किया गया है।
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दफ्तर में धूल फांक रहे येलो कार्ड
कार्यक्रम के तहत बीमार बच्चों को मुफ्त उपचार मुहैया करवाने वाले येलो रेफर कार्ड सीएमओ कार्यालय में दो सालों से धूल फांक रहे हैं। हजारों रेफर कार्ड गरीब बच्चों के मुफ्त उपचार में इस्तेमाल नहीं हो पाए। अब इन कार्डों का इस्तेमाल दोबारा से शुरू हो पाएगा।
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मुफ्त किया जाता है उपचार
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत यदि कोई बच्चा गंभीर रूप से बीमार पाया जाता है तो उसे येलो रेफर कार्ड दिया जाता है। इस कार्ड पर बच्चे की पूरी बीमारी का इलाज मुफ्त होता है। इलाज के लिए चाहे बड़े से बड़ा ऑप्रेशन भी करना हो तो उसके लिए अभिभावक को किसी प्रकार की धनराशि खर्च नहीं करनी पड़ेगी।
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दिल की बीमारी के बच्चों का हो चुका है इलाज
कार्यक्रम के तहत जिले में आधा दर्जन ऐसे बच्चों का इलाज हुआ है, जो दिल की बीमारी से पीड़ित थे। उनका परिवार बीमारी का इलाज करवाने में असमर्थ था। ऐसे बच्चों का इलाज येलो रेफर कार्ड के जरिये टांडा और आईजीएमसी शिमला में मुफ्त हुआ। इससे बच्चों को नई जिंदगी मिली। इसी तरह अब अन्य गंभीर रूप से बीमार बच्चों को इसका लाभ मिलेगा।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर जालम सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमण की वजह से कार्यक्रम को स्थगित किया गया था। अभियान में सेवाएं देने वाले कर्मचारी कोविड में सेवाएं दे रहे थे। प्रशासन के आदेशानुसार इन टीमों को दोबारा क्रियाशील किया जा रहा है।

उपायुक्त चंबा डीसी राणा ने बताया कि जिले में स्कूल खुल चुके हैं। इसलिए स्वास्थ्य विभाग को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बच्चों के स्वास्थ्य की जांच शुरू करने के आदेश दिए गए हैं।
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