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पांच हजार कैंसर रोगियों में 40 फीसदी महिलाएं
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40 percent of five thousand cancer patients are women
चंबा। जिले में पांच हजार कैंसर रोगियों में चालीस प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं। ये महिलाएं ग्रामीण क्षेत्रों से संबंधित हैं, जिनमें स्तन का कैंसर ज्यादा है। इसके साथ ही कई महिलाएं फेफड़े के कैंसर से भी ग्रसित हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं कैंसर की अंतिम स्टेज पर अपना इलाज करवाने के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंच रही हैं। जबकि, शुरुआती दौर में इलाज करवाने से इसकी रोकथाम आसानी से की जा सकती है। महिलाएं अपने रोग के बारे में परिवार को भी नहीं बताती हैं, जिसके कारण जब कैंसर आखिरी चरण पर पहुंच जाता है तो महिलाएं अस्पताल का रुख करती हैं। ऐसी स्टेज पर महिलाओं के कैंसर का इलाज करने में विशेषज्ञों को भी परेशानी हो रही है।
गौरतलब है कि शहरी क्षेत्रों में महिलाओं को अगर कैंसर संबंधित लक्षण नजर आते हैं तो वे अपनी जांच करवाने के लिए अस्पताल पहुंच जाती हैं लेकिन, ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं लज्जा के डर से अपनी बीमारी को छुपा रही हैं, जिससे कैंसर बाद में गंभीर रूप धारण कर लेता है। चंबा मेडिकल कॉलेज की कैंसर ओपीडी में रोजाना 15 से 20 कैंसर रोग से ग्रसित मरीज पहुंचते हैं। मेडिकल कॉलेज में तीन कैंसर विशेषज्ञ सेवाएं दे रहे हैं।
महिलाओं के स्तन में गांठ सहित कई अन्य लक्षण हैं। ऐसे लक्षणों मेें महिलाओं को तुरंत अपनी आशा वर्कर से संपर्क करना चाहिए। आशा वर्कर के जरिये महिलाएं नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में अपनी जांच करवा सकती हैं। मेडिकल कॉलेज चंबा में कैंसर रोग विभाग के एचओडी डॉक्टर भूषण कुमार ने बताया कि जिले में पांच हजार कैंसर रोगी अब तक स्वास्थ्य विभाग के पास पंजीकृत हैं। इनमें चालीस प्रतिशत महिलाएं कैंसर से प्रभावित हैं।
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शहर की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं कैंसर से ज्यादा ग्रसित हैं। कैंसर की अंतिम स्टेज पर महिलाएं इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रही हैं। कैंसर संबंधित लक्षण नजर आने पर महिलाओं को तुरंत इलाज के लिए विशेषज्ञों से संपर्क साधना चाहिए।
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गौरतलब है कि शहरी क्षेत्रों में महिलाओं को अगर कैंसर संबंधित लक्षण नजर आते हैं तो वे अपनी जांच करवाने के लिए अस्पताल पहुंच जाती हैं लेकिन, ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं लज्जा के डर से अपनी बीमारी को छुपा रही हैं, जिससे कैंसर बाद में गंभीर रूप धारण कर लेता है। चंबा मेडिकल कॉलेज की कैंसर ओपीडी में रोजाना 15 से 20 कैंसर रोग से ग्रसित मरीज पहुंचते हैं। मेडिकल कॉलेज में तीन कैंसर विशेषज्ञ सेवाएं दे रहे हैं।
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महिलाओं के स्तन में गांठ सहित कई अन्य लक्षण हैं। ऐसे लक्षणों मेें महिलाओं को तुरंत अपनी आशा वर्कर से संपर्क करना चाहिए। आशा वर्कर के जरिये महिलाएं नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में अपनी जांच करवा सकती हैं। मेडिकल कॉलेज चंबा में कैंसर रोग विभाग के एचओडी डॉक्टर भूषण कुमार ने बताया कि जिले में पांच हजार कैंसर रोगी अब तक स्वास्थ्य विभाग के पास पंजीकृत हैं। इनमें चालीस प्रतिशत महिलाएं कैंसर से प्रभावित हैं।
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शहर की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं कैंसर से ज्यादा ग्रसित हैं। कैंसर की अंतिम स्टेज पर महिलाएं इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रही हैं। कैंसर संबंधित लक्षण नजर आने पर महिलाओं को तुरंत इलाज के लिए विशेषज्ञों से संपर्क साधना चाहिए।