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हैलीकॉप्टर के माध्यम से सात मरीज पहुंचाए मेडिकल कॉलेज चंबा,
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किलाड़ से हेलीकॉप्टर जरिये सात मरीज पहुंचाए मेडिकल कॉलेज चंबा
मरीजों को सिविल अस्पताल पांगी से चंबा मेडिकल कॉलेज के लिए किया गया था रेफर शुक्रवार को हुई भुंतर-किलाड़-चंबा-किलाड़ रहा उड़ान का रूट
अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। किलाड़ से चंबा के लिए हेलीकॉप्टर के जरिये सात मरीजों समेत 22 यात्रियों को चंबा पहुंचाया गया। मरीजों को चंबा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कर लिया गया है। यह मरीज सिविल अस्पताल पांगी से चंबा के लिए रेफर किए गए थे। वहीं दूसरी तरफ हेलीकॉप्टर का रूट भुंतर-किलाड़-चंबा-किलाड़ रहा। इस दौरान भुंतर से 18 यात्री पांगी पहुंचे। जबकि बाइस यात्रियों ने किलाड़ और चंबा के लिए आवाजाही की। गौरतलब है कि सर्दियों के मौसम में पांगी के लिए आवाजाही बर्फबारी की वजह से बाधित हो जाती है। इसके चलते यात्रियों के पास जिला मुख्यालय पहुंचने के लिए हेलीकॉप्टर ही एक माध्यम शेष रहता है। यात्रियों की मानें तो उड़ान को लेकर पिछले काफी दिनों से वह मांग कर रहे थे। इसको देखते हुए प्रशासन ने शुक्रवार को हवाई उड़ानें चलाईं। इससे घाटी में फंसे यात्री जहां जिला मुख्यालय पहुंचे तो वहीं भुंतर के लिए भी रवाना हुए। रूसली देवी, परस राम, हीम दई, वीरेंन्द्र, राम सिंह, बिमला, लक्ष्मी देवी, राकेश कुमार, जोग चंद, प्रित भारती और इंद्र कुमारी बताया कि मौजूदा समय में सड़क मार्ग के माध्यम से पांगी में आना-जाना खतरे से खाली नहीं है। उन्होंने बताया कि घाटी को जोड़ने वाले सभी मार्ग बंद है। ऐसे में हर साल हेलीकॉप्टर उड़ाने ही एक मात्र साधन शेष रहता है। यात्रियों ने प्रशासन से मांग की कि नियमित अंतराल के बाद किलाड़ से जिला मुख्यालय के लिए उड़ानें करवाई जाए। ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी ना पेश आए।
इनसेट
एसडीएम पांगी बी. भारती ने बताया कि शुक्रवार को उड़ानें हुईं। उन्होंने कहा कि भुंतर से किलाड़ यात्री पहुंचे तो वहीं किलाड़ से चंबा के लिए भी यात्रियों को भेजा गया। इसमें सात यात्री मरीज थे। इन्हें चंबा मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया। भुंतर से 18 यात्री पांगी पहुंचे।
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मरीजों को सिविल अस्पताल पांगी से चंबा मेडिकल कॉलेज के लिए किया गया था रेफर शुक्रवार को हुई भुंतर-किलाड़-चंबा-किलाड़ रहा उड़ान का रूट
अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। किलाड़ से चंबा के लिए हेलीकॉप्टर के जरिये सात मरीजों समेत 22 यात्रियों को चंबा पहुंचाया गया। मरीजों को चंबा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कर लिया गया है। यह मरीज सिविल अस्पताल पांगी से चंबा के लिए रेफर किए गए थे। वहीं दूसरी तरफ हेलीकॉप्टर का रूट भुंतर-किलाड़-चंबा-किलाड़ रहा। इस दौरान भुंतर से 18 यात्री पांगी पहुंचे। जबकि बाइस यात्रियों ने किलाड़ और चंबा के लिए आवाजाही की। गौरतलब है कि सर्दियों के मौसम में पांगी के लिए आवाजाही बर्फबारी की वजह से बाधित हो जाती है। इसके चलते यात्रियों के पास जिला मुख्यालय पहुंचने के लिए हेलीकॉप्टर ही एक माध्यम शेष रहता है। यात्रियों की मानें तो उड़ान को लेकर पिछले काफी दिनों से वह मांग कर रहे थे। इसको देखते हुए प्रशासन ने शुक्रवार को हवाई उड़ानें चलाईं। इससे घाटी में फंसे यात्री जहां जिला मुख्यालय पहुंचे तो वहीं भुंतर के लिए भी रवाना हुए। रूसली देवी, परस राम, हीम दई, वीरेंन्द्र, राम सिंह, बिमला, लक्ष्मी देवी, राकेश कुमार, जोग चंद, प्रित भारती और इंद्र कुमारी बताया कि मौजूदा समय में सड़क मार्ग के माध्यम से पांगी में आना-जाना खतरे से खाली नहीं है। उन्होंने बताया कि घाटी को जोड़ने वाले सभी मार्ग बंद है। ऐसे में हर साल हेलीकॉप्टर उड़ाने ही एक मात्र साधन शेष रहता है। यात्रियों ने प्रशासन से मांग की कि नियमित अंतराल के बाद किलाड़ से जिला मुख्यालय के लिए उड़ानें करवाई जाए। ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी ना पेश आए।
इनसेट
एसडीएम पांगी बी. भारती ने बताया कि शुक्रवार को उड़ानें हुईं। उन्होंने कहा कि भुंतर से किलाड़ यात्री पहुंचे तो वहीं किलाड़ से चंबा के लिए भी यात्रियों को भेजा गया। इसमें सात यात्री मरीज थे। इन्हें चंबा मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया। भुंतर से 18 यात्री पांगी पहुंचे।
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