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Chamba News: जिले में 200 रूटों पर 100 बसें संभाल रहीं परिवहन व्यवस्था
Fri, 24 Apr 2026 10:47 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 24 Apr 2026 10:47 PM IST
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चंबा डिपो में बसों की घटती संख्या बनी गंभीर चिंता का विषय
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। एचआरटीसी चंबा डिपो में बसों की घटती संख्या गंभीर चिंता का विषय बन गई है। पहले डिपो के पास लगभग 150 बसों का बेड़ा था। अब यह संख्या घटकर 119 रह गई है।
बावजूद इसके लगभग 200 रूटों पर केवल करीब 100 बसों के सहारे ही परिवहन व्यवस्था को चलाया जा रहा है। इससे यात्रियों को लगातार असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार कई बसें पुरानी हो चुकी हैं। नीलामी की प्रक्रिया में हैं जबकि दस बसें लंबे समय से वर्कशॉप में खड़ी हैं। ऐसे में उपलब्ध संसाधनों पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। कम बसों के कारण ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में समय पर बस सेवाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। इससे यात्रियों को निजी वाहनों या वैकल्पिक साधनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। परिवहन व्यवस्था पर बढ़ते दबाव ने चंबा डिपो की कार्यप्रणाली को प्रभावित किया है। स्थानीय लोगों ने कहा कि यदि जल्द ही नए वाहनों की व्यवस्था या मौजूदा बसों की मरम्मत कर संचालन में लाया नहीं गया तो आने वाले समय में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। एचआरटीसी के डीडीएम शुगल सिंह ने कहा कि कई बसें 15 साल पुरी हो चुकी थीं। इनकी नीलामी हुई है। नई बसों के लिए उच्चाधिकारी को प्रस्ताव भेजा गया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। एचआरटीसी चंबा डिपो में बसों की घटती संख्या गंभीर चिंता का विषय बन गई है। पहले डिपो के पास लगभग 150 बसों का बेड़ा था। अब यह संख्या घटकर 119 रह गई है।
बावजूद इसके लगभग 200 रूटों पर केवल करीब 100 बसों के सहारे ही परिवहन व्यवस्था को चलाया जा रहा है। इससे यात्रियों को लगातार असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
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जानकारी के अनुसार कई बसें पुरानी हो चुकी हैं। नीलामी की प्रक्रिया में हैं जबकि दस बसें लंबे समय से वर्कशॉप में खड़ी हैं। ऐसे में उपलब्ध संसाधनों पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। कम बसों के कारण ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में समय पर बस सेवाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। इससे यात्रियों को निजी वाहनों या वैकल्पिक साधनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। परिवहन व्यवस्था पर बढ़ते दबाव ने चंबा डिपो की कार्यप्रणाली को प्रभावित किया है। स्थानीय लोगों ने कहा कि यदि जल्द ही नए वाहनों की व्यवस्था या मौजूदा बसों की मरम्मत कर संचालन में लाया नहीं गया तो आने वाले समय में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। एचआरटीसी के डीडीएम शुगल सिंह ने कहा कि कई बसें 15 साल पुरी हो चुकी थीं। इनकी नीलामी हुई है। नई बसों के लिए उच्चाधिकारी को प्रस्ताव भेजा गया है।
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