{"_id":"65cf6e6ac838cc9c0d0d8113","slug":"workers-host-protest-against-bad-policies-of-govt-bilaspur-news-c-92-1-ssml1001-113200-2024-02-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur News: श्रमिक ने जनविरोधी नीतियों के खिलाफ बोला हल्ला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur News: श्रमिक ने जनविरोधी नीतियों के खिलाफ बोला हल्ला
Fri, 16 Feb 2024 11:44 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Fri, 16 Feb 2024 11:44 PM IST
विज्ञापन
बोले : मूलभूत सामानों सहित पेट्रोल-डीजल के दाम किए जाएं कम
-उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति और राज्यपाल को भेजा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एटक और सीटू से संबंधित विभिन्न श्रमिक संगठनों ने शुक्रवार को केंद्र और प्रदेश सरकार की जन विरोधी नीतियों के विरोध में लक्ष्मी नारायण मंदिर से उपायुक्त कार्यालय तक रैली निकाली। इस दौरान श्रमिक संगठनों ने केंद्र राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। रैली के बाद श्रमिकों ने उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति और राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। इसमें उन्होंने केंद्र सरकार की जन विरोधी नीतियों पर रोक लगाने की मांग की गई। कहा कि आसमान छुते खाद्य वस्तुओं, दालों, रसोई गैस सहित पेट्रोल और डीजन की कीमतों को कम किया जाए। इसके अतिरिक्त मजदूर विरोधी चार लेबर कोड वापस लिए जाएं। उन्होंने न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये की किए जाने, मनरेगा बजट में की गई कटौती को वापस लेने और मनरेगा की न्यूनतम दिहाड़ी 375 रुपये करने की मांग की। एटक के प्रदेश सह सचिव प्रवेश चंदेल, आल इंडिया ट्रांसपोर्ट फैडरेशन के प्रदेशाध्यक्ष लेखराम वर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार बढ़ती महंगाई पर रोक लगाने में नाकाम रही है, जिस कारण आम आदमी का जीना मुश्किल हो गया है। वहीं किसान सभा के राज्य उपाध्यक्ष भाग सिंह, जिला महासचिव कर्म चंद, सीटू के प्रदेश महासचिव लखनपाल शर्मा, मिड डे मील वर्कर्स यूनियन की जिला अध्यक्ष कमलेश ठाकुर ने प्रदेश सरकार से मनरेगा और निर्माण मजदूरों का श्रमिक कल्याण बोर्ड में पंजीकरण बहाल करने की मांग की।
विज्ञापन
-उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति और राज्यपाल को भेजा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एटक और सीटू से संबंधित विभिन्न श्रमिक संगठनों ने शुक्रवार को केंद्र और प्रदेश सरकार की जन विरोधी नीतियों के विरोध में लक्ष्मी नारायण मंदिर से उपायुक्त कार्यालय तक रैली निकाली। इस दौरान श्रमिक संगठनों ने केंद्र राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। रैली के बाद श्रमिकों ने उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति और राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। इसमें उन्होंने केंद्र सरकार की जन विरोधी नीतियों पर रोक लगाने की मांग की गई। कहा कि आसमान छुते खाद्य वस्तुओं, दालों, रसोई गैस सहित पेट्रोल और डीजन की कीमतों को कम किया जाए। इसके अतिरिक्त मजदूर विरोधी चार लेबर कोड वापस लिए जाएं। उन्होंने न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये की किए जाने, मनरेगा बजट में की गई कटौती को वापस लेने और मनरेगा की न्यूनतम दिहाड़ी 375 रुपये करने की मांग की। एटक के प्रदेश सह सचिव प्रवेश चंदेल, आल इंडिया ट्रांसपोर्ट फैडरेशन के प्रदेशाध्यक्ष लेखराम वर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार बढ़ती महंगाई पर रोक लगाने में नाकाम रही है, जिस कारण आम आदमी का जीना मुश्किल हो गया है। वहीं किसान सभा के राज्य उपाध्यक्ष भाग सिंह, जिला महासचिव कर्म चंद, सीटू के प्रदेश महासचिव लखनपाल शर्मा, मिड डे मील वर्कर्स यूनियन की जिला अध्यक्ष कमलेश ठाकुर ने प्रदेश सरकार से मनरेगा और निर्माण मजदूरों का श्रमिक कल्याण बोर्ड में पंजीकरण बहाल करने की मांग की।