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हड़ताल से पंचायतों में काम हो रहे प्रभावित : कांशीराम
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- हड़ताल से मनरेगा योजना के विभिन्न कार्यों का भी नहीं हो पा रहा है मूल्यांकन
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। विकासखंड झंडूता के अंतर्गत सभी पंचायतों में कार्यरत जिला परिषद कैडर कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल 11वें दिन भी जारी रही। कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से विकासखंड की सभी पंचायतों में कामकाज प्रभावित रहा।
जिला परिषद कैडर कर्मचारी/अधिकारी महासंघ की हड़ताल के समर्थन में विकासखंड झंडूता प्रधान,उप प्रधान परिषद ने भी कर्मचारियों की मांगों का समर्थन करते हुए प्रदेश सरकार का पुरजोर विरोध किया। प्रधान ,उप प्रधान परिषद के प्रधान कांशीराम, उप प्रधान अमरनाथ, सुखदेव, सरला देवी, सुषमा देवी, बंदना देवी, सदानंद, प्रताप सिंह, चंद्रशेखर, उपेंद्र परमार, सुखदेव परमार, विक्रम परमार निक्कू राम, नीलम कुमारी, विवेक पराशर सहित अन्य पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि पेन डाउन हड़ताल से पंचायतों में सभी प्रकार के कामकाज बाधित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि पंचायत में सचिव और तकनीकी सहायक के न होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार जल्द से जल्द जिला परिषद कैडर कर्मचारियों की मांगों को पूरा करे, अन्यथा प्रदेश की सभी पंचायत में बिना कार्य के लोगों में हाहाकार मच जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेवारी सरकार की होगी। इसका खामियाजा सरकार को आने वाले चुनाव में भुगतना पड़ेगा।
महासंघ के जिला प्रधान नीरज शर्मा की अध्यक्षता में खंड विकास अधिकारी झंडूता के माध्यम से एक ज्ञापन मुख्यमंत्री को प्रेषित किया जा चुका है। इसके बावजूद सरकार ने उनकी मांगों पर कोई विचार नहीं किया है। हड़ताल से मनरेगा योजना के विभिन्न कार्यों का मूल्यांकन भी नहीं हो रहा है। आने वाले दिनों में मनरेगा मजदूरों की दिहाड़ी के भुगतान में भी देरी हो रही है। इसी तरह पंचायत स्तर पर मिलने वाले जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र आदि भी नहीं मिल पा रहे हैं। महासंघ सहित पंचायत प्रधान, उप प्रधान ने सरकार से मांग की है कि कर्मियों को पंचायती राज विभाग में शामिल किया जाए। अन्यथा वह भी उनके समर्थन में हड़ताल पर बैठ जाएंगे। बता दें कि आंदोलित कर्मचारी पंचायती राज विभाग में समायोजन की मांग कर रहे हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। विकासखंड झंडूता के अंतर्गत सभी पंचायतों में कार्यरत जिला परिषद कैडर कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल 11वें दिन भी जारी रही। कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से विकासखंड की सभी पंचायतों में कामकाज प्रभावित रहा।
जिला परिषद कैडर कर्मचारी/अधिकारी महासंघ की हड़ताल के समर्थन में विकासखंड झंडूता प्रधान,उप प्रधान परिषद ने भी कर्मचारियों की मांगों का समर्थन करते हुए प्रदेश सरकार का पुरजोर विरोध किया। प्रधान ,उप प्रधान परिषद के प्रधान कांशीराम, उप प्रधान अमरनाथ, सुखदेव, सरला देवी, सुषमा देवी, बंदना देवी, सदानंद, प्रताप सिंह, चंद्रशेखर, उपेंद्र परमार, सुखदेव परमार, विक्रम परमार निक्कू राम, नीलम कुमारी, विवेक पराशर सहित अन्य पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि पेन डाउन हड़ताल से पंचायतों में सभी प्रकार के कामकाज बाधित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि पंचायत में सचिव और तकनीकी सहायक के न होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार जल्द से जल्द जिला परिषद कैडर कर्मचारियों की मांगों को पूरा करे, अन्यथा प्रदेश की सभी पंचायत में बिना कार्य के लोगों में हाहाकार मच जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेवारी सरकार की होगी। इसका खामियाजा सरकार को आने वाले चुनाव में भुगतना पड़ेगा।
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महासंघ के जिला प्रधान नीरज शर्मा की अध्यक्षता में खंड विकास अधिकारी झंडूता के माध्यम से एक ज्ञापन मुख्यमंत्री को प्रेषित किया जा चुका है। इसके बावजूद सरकार ने उनकी मांगों पर कोई विचार नहीं किया है। हड़ताल से मनरेगा योजना के विभिन्न कार्यों का मूल्यांकन भी नहीं हो रहा है। आने वाले दिनों में मनरेगा मजदूरों की दिहाड़ी के भुगतान में भी देरी हो रही है। इसी तरह पंचायत स्तर पर मिलने वाले जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र आदि भी नहीं मिल पा रहे हैं। महासंघ सहित पंचायत प्रधान, उप प्रधान ने सरकार से मांग की है कि कर्मियों को पंचायती राज विभाग में शामिल किया जाए। अन्यथा वह भी उनके समर्थन में हड़ताल पर बैठ जाएंगे। बता दें कि आंदोलित कर्मचारी पंचायती राज विभाग में समायोजन की मांग कर रहे हैं।
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