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Bilaspur News: गोबिंद सागर झील का जलस्तर बढ़ा, रेल लाइन का काम बंद
Sun, 10 Aug 2025 11:27 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sun, 10 Aug 2025 11:27 PM IST
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बिलासपुर के लुहनू घाट पर मोटर बोट से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाई गई रेल लाइन की निर्माण सामग्री।स
जलस्तर एकदम बढ़ने से मोटर बोट से निकालनी पड़ी निर्माण सामग्री
लगातार हो रही बारिश से कोलडैम से दिन में दो बार छोड़ा जा रहा पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एक सप्ताह से लगातार हो रही बारिश के कारण गोबिंद सागर झील का जलस्तर पिछले एकदम से बढ़ गया है। जलस्तर बढ़ने से लुहणू घाट से लेकर सांढू मैदान तक चल रहा भानुपल्ली-बिलासपुर रेल लाइन का काम बंद करना पड़ा है।
झील का जलस्तर एकदम बढ़ने से हालात यह हो गए कि रेल लाइन के लिए इस्तेमाल की जा रही निर्माण सामग्री को मोटर बोट के माध्यम से सुरक्षित स्थान तक लाना पड़ रहा है। लुहणू घाट से लेकर सांढू मैदान तक रेल लाइन के लिए ऊंचे पिलर खड़े कर वायाडक्ट का निर्माण किया जा रहा है। पिलरों तक बड़ी मशीनें और कामगारों को पहुंचाने लिए निर्माण कर रही कंपनी ने अप्रोच मार्ग बनाया है, लेकिन एक सप्ताह में ही जलस्तर इतना बढ़ गया कि वह अप्रोच मार्ग झील में समा गया। अब पिलरों के आसपास कई तरह की निर्माण सामग्री पड़ी है। लोहे का सामान आदि पानी में खराब न हो इसके लिए कंपनी को अब निर्माण सामग्री आनन फानन में मोटर बोट से निकालना पड़ रही है। वहीं, लुहणू से सांढू मैदान तक यह निर्माण कार्य नवंबर तक बंद रहेगा, क्योंकि तब तक यह निर्माणाधीन पिलर और अप्रोच मार्ग झील में डूबे रहेंगे। कंपनी मंडी-भराड़ी और बामटा में वायाडक्ट के निर्माण में तेजी लाएगी। बता दें कि गोबिंद सागर झील का जलस्तर सितंबर तक बढ़ता रहता है। हालांकि इस बार माना जा रहा कि यदि इसी तरह से बारिश का दौर जारी रहा तो अगस्त के अंत तक झील अपने सबसे उच्चतर स्तर तक पहुंच जाएगी। वहीं, लगातार हो रही बारिश के कारण कोलडैम से भी गोबिंद सागर झील में पिछले एक सप्ताह से 24 घंटे में दो बार पानी छोड़ा जा रहा है। इसके अलावा झील में मिलने वाली अली खड्ड और अन्य नाले भी उफान पर हैं, जिस कारण जलस्तर में एकदम से बढ़ोतरी हुई है।
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लगातार हो रही बारिश से कोलडैम से दिन में दो बार छोड़ा जा रहा पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एक सप्ताह से लगातार हो रही बारिश के कारण गोबिंद सागर झील का जलस्तर पिछले एकदम से बढ़ गया है। जलस्तर बढ़ने से लुहणू घाट से लेकर सांढू मैदान तक चल रहा भानुपल्ली-बिलासपुर रेल लाइन का काम बंद करना पड़ा है।
झील का जलस्तर एकदम बढ़ने से हालात यह हो गए कि रेल लाइन के लिए इस्तेमाल की जा रही निर्माण सामग्री को मोटर बोट के माध्यम से सुरक्षित स्थान तक लाना पड़ रहा है। लुहणू घाट से लेकर सांढू मैदान तक रेल लाइन के लिए ऊंचे पिलर खड़े कर वायाडक्ट का निर्माण किया जा रहा है। पिलरों तक बड़ी मशीनें और कामगारों को पहुंचाने लिए निर्माण कर रही कंपनी ने अप्रोच मार्ग बनाया है, लेकिन एक सप्ताह में ही जलस्तर इतना बढ़ गया कि वह अप्रोच मार्ग झील में समा गया। अब पिलरों के आसपास कई तरह की निर्माण सामग्री पड़ी है। लोहे का सामान आदि पानी में खराब न हो इसके लिए कंपनी को अब निर्माण सामग्री आनन फानन में मोटर बोट से निकालना पड़ रही है। वहीं, लुहणू से सांढू मैदान तक यह निर्माण कार्य नवंबर तक बंद रहेगा, क्योंकि तब तक यह निर्माणाधीन पिलर और अप्रोच मार्ग झील में डूबे रहेंगे। कंपनी मंडी-भराड़ी और बामटा में वायाडक्ट के निर्माण में तेजी लाएगी। बता दें कि गोबिंद सागर झील का जलस्तर सितंबर तक बढ़ता रहता है। हालांकि इस बार माना जा रहा कि यदि इसी तरह से बारिश का दौर जारी रहा तो अगस्त के अंत तक झील अपने सबसे उच्चतर स्तर तक पहुंच जाएगी। वहीं, लगातार हो रही बारिश के कारण कोलडैम से भी गोबिंद सागर झील में पिछले एक सप्ताह से 24 घंटे में दो बार पानी छोड़ा जा रहा है। इसके अलावा झील में मिलने वाली अली खड्ड और अन्य नाले भी उफान पर हैं, जिस कारण जलस्तर में एकदम से बढ़ोतरी हुई है।

बिलासपुर के लुहनू घाट पर मोटर बोट से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाई गई रेल लाइन की निर्माण सामग्री।स
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