फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   Two youths sentenced to two years rigorous imprisonment in Chitta case

Bilaspur News: चिट्टा मामले में दो युवकों को दो-दो साल का कठोर कारावास

Fri, 18 Sep 2026 12:49 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 18 Sep 2026 12:49 AM IST
विज्ञापन
Two youths sentenced to two years rigorous imprisonment in Chitta case
घुमारवीं की विशेष अदालत ने दोषी करार देते हुए लगाया 20-20 हजार रुपये जुर्माना
विज्ञापन

मंडी-भराड़ी फोरलेन चौक पर 5.553 ग्राम हेरोइन बरामदगी का मामला

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। मंडी-भराड़ी फोरलेन चौक पर बाइक की सीट के नीचे 5.553 ग्राम चिट्टा मिलने के मामले में घुमारवीं की विशेष अदालत ने दो युवकों को दो-दो साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश डॉ. मोहित बंसल की अदालत ने दोनों पर 20-20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। जुर्माना न देने पर तीन-तीन माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
दोषियों की पहचान मंडी जिले के बलद्वाड़ा क्षेत्र के रंसाल निवासी लक्की ठाकुर और खुडला निवासी नीरज के रूप में हुई है। सदर थाना बिलासपुर में दोनों के खिलाफ तीन अक्तूबर 2025 को एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया था।
विज्ञापन

अभियोजन के अनुसार, तीन अक्तूबर की शाम पुलिस टीम मंडी-भराड़ी पुल के पास वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान कीरतपुर की ओर से आई बाइक को रोका गया। उस पर दोनों युवक सवार थे। दस्तावेजों को लेकर पूछताछ के दौरान उनके व्यवहार पर पुलिस को संदेह हुआ। तलाशी लेने पर बाइक की सीट के नीचे पारदर्शी पॉलिथीन में मटमैला पदार्थ मिला। पॉलिथीन समेत पदार्थ का मौके पर वजन 5.78 ग्राम था। इसे सील कर कब्जे में लिया गया और जांच के लिए एसएफएसएल जुन्गा भेजा गया। वैज्ञानिक जांच में शुद्ध पदार्थ का वजन 5.553 ग्राम पाया गया और यह डायएसिटाइल मॉर्फिन यानी हेरोइन निकला।
विज्ञापन
विज्ञापन

सुनवाई के दौरान अभियोजन ने 12 गवाह पेश किए। बचाव पक्ष ने स्वतंत्र गवाह शामिल नहीं करने, सील अदालत में पेश न करने, पुलिस कर्मियों के बयानों में विरोधाभास और बरामदगी की फोटो-वीडियोग्राफी नहीं होने को आधार बनाया। दोनों को झूठा फंसाने का आरोप लगाते हुए बरी करने की मांग की गई। अदालत ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने कहा कि स्वतंत्र गवाह उपलब्ध नहीं होने मात्र से पुलिस कर्मियों की गवाही को खारिज नहीं किया जा सकता। रिकॉर्ड के अनुसार पुलिस ने मौके पर 10-15 वाहनों को रोककर लोगों को गवाह बनाने का प्रयास किया था, लेकिन कोई व्यक्ति तैयार नहीं हुआ।

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि बरामदगी बाइक की सीट के नीचे से हुई थी, इसलिए व्यक्तिगत तलाशी से संबंधित एनडीपीएस एक्ट की धारा 50 यहां लागू नहीं होती। दोनों आरोपी बाइक पर सवार थे और नशीला पदार्थ सीट के नीचे मिला था। अदालत ने इसे दोनों का सचेत और संयुक्त कब्जा माना। इसके आधार पर अदालत ने दोनों को एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(बी) के साथ धारा 29 के तहत दोषी करार दिया। फैसले के मुताबिक लक्की ठाकुर तीन अक्तूबर से चार दिसंबर 2025 और नीरज तीन अक्तूबर से एक दिसंबर 2025 तक हिरासत में रहे। अदालत ने इस अवधि को सजा में समायोजित करने के आदेश दिए हैं। लक्की ठाकुर ने 20 हजार रुपये जुर्माना जमा कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed