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Bilaspur News: समझौते के बाद अपहरण और एससी-एसटी एक्ट के मामले में दो आरोपी बरी

Sat, 12 Sep 2026 12:11 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 12 Sep 2026 12:11 AM IST
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Two accused acquitted in kidnapping and SC-ST Act case after settlement
शिकायतकर्ता ने कोर्ट में कहा, अब केस आगे नहीं चलाना चाहती , बरमाणा थाने में दर्ज था मामला
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अदालत ने दोनों आरोपियों के मुचलके भी किए रद्द

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बरमाणा थाना में वर्ष 2021 में दर्ज अपहरण, मारपीट, गाली-गलौज और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम से जुड़े मामले में दोनों पक्षों के बीच समझौता होने के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को बरी कर दिया। विशेष न्यायाधीश बिलासपुर की अदालत ने लोक अभियोजक की ओर से अभियोजन वापस लेने के लिए दायर आवेदन को स्वीकार करते हुए इसकी अनुमति दी। अदालत ने मामले में आरोपी दोनों व्यक्तियों को आरोपों से मुक्त कर दिया।
मामला बरमाणा थाना में 13 अप्रैल 2021 को दर्ज एफआईआर से संबंधित था। इसमें अपहरण, मारपीट और गाली-गलौज के आरोप लगाए गए थे। इसके साथ ही एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई थी। मामले की सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक ने अदालत को बताया कि दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौता हो चुका है। दोनों पक्ष एक ही गांव के रहने वाले हैं और अब आपसी सौहार्द के साथ रहना चाहते हैं।
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अभियोजन वापस लेने के लिए मामला प्रदेश सरकार के गृह विभाग को भी भेजा गया था। अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार सरकार की ओर से 24 अगस्त 2026 को अभियोजन वापस लेने की आवश्यक अनुमति प्रदान की गई थी। इसके बाद लोक अभियोजक ने अदालत में आवेदन प्रस्तुत कर अभियोजन वापस लेने की अनुमति मांगी।
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सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता भी अदालत में स्वयं पेश हुई। उसने बताया कि आरोपियों के साथ उसका समझौता हो चुका है और अब वह मामले को आगे नहीं चलाना चाहती। उसने अभियोजन वापस लेने पर कोई आपत्ति नहीं जताई। शिकायतकर्ता ने अदालत में यह भी स्पष्ट किया कि वह अपना बयान बिना किसी डर, दबाव या जबरदस्ती के दे रही है। उसका बयान अलग से दर्ज कर रिकॉर्ड पर लिया गया। अदालत ने लोक अभियोजक की दलीलों, अभियोजन वापस लेने के आवेदन, शिकायतकर्ता के बयान और मामले से संबंधित रिकॉर्ड का अवलोकन किया। अदालत ने माना कि पक्षों के बीच समझौता हो चुका है और शिकायतकर्ता भी मामले को आगे बढ़ाने की इच्छुक नहीं है। साथ ही सरकार से अभियोजन वापस लेने की अनुमति भी प्राप्त हो चुकी थी। इन परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने अभियोजन वापस लेने की अनुमति प्रदान कर दी। इसके साथ ही दोनों आरोपियों को अपहरण, मारपीट, गाली-गलौज और एससी-एसटी एक्ट से जुड़े मामले में बरी कर दिया गया। उनके व्यक्तिगत और जमानती मुचलके भी रद्द कर दिए गए। अदालत ने शेष औपचारिकताएं पूरी करने के बाद रिकॉर्ड को रिकॉर्ड रूम भेजने के निर्देश दिए। फैसला 11 सितंबर 2026 को सुनाया गया।
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