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Bilaspur News: मंडी रैली में सरकारी बसें जाने से जिले में ठप रही परिवहन व्यवस्था
Thu, 11 Dec 2025 11:31 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Thu, 11 Dec 2025 11:31 PM IST
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घुमारवीं क्षेत्र में निजी बस में खड़े होकर सफर करते स्कूली बच्चे। संवाद
ग्राउंड रिपोर्ट
ग्रामीण रूटों पर सरकारी बसें नहीं चलीं, यात्री और स्कूली बच्चे हुए परेशान
बच्चे लोगों से फोन मांग कर घरवालों को बता रहे थे बसों की स्थिति
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर/घुमारवीं। कांग्रेस सरकार के तीन वर्ष पूरे होने पर मंडी में आयोजित जन संकल्प रैली का असर वीरवार को पूरे जिले के ग्रामीण इलाकों में साफ देखा गया। जिले के लगभग सभी ग्रामीण रूटों पर चलने वाली सरकारी बसें रैली में शामिल होने के लिए मंडी रवाना की गईं। इस कारण पूरे जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में बस सेवाएं दिनभर प्रभावित रहीं, जिससे आम यात्रियों, कर्मचारियों और स्कूली बच्चों को निजी व्यवस्था पर निर्भर रहना पड़ा।
जिले भर के आंकड़ों के अनुसार, ग्रामीण रूटों पर चलने वाली लगभग 81 सरकारी बसें रैली में लगी थीं। इससे कई रूटों पर बसें पूरी तरह बंद रहीं और यात्रियों को पैदल या निजी वाहन से आवाजाही करनी पड़ी। वीरवार सुबह स्कूली बच्चों को स्कूल जाने के लिए कोई बस उपलब्ध नहीं हुई। जिन बच्चों के पास केवल बस पास थे और जेब में नकद नहीं था, उन्हें पैदल स्कूल जाना पड़ा। कई छात्राएं और छात्र बस अड्डे पर फोन मांग कर अपने घरवालों को स्थिति बता रहे थे। अभिभावकों ने बच्चों को लेने के लिए टैक्सी और निजी वाहन का सहारा लिया। निजी बसें रूटों पर तो चल रही थीं, लेकिन उनमें भी ओवरलोडिंग देखने को मिली। ग्रामीण रूटों की सेवा ठप रहने से लंबी दूरी की बसों को छोड़कर जिले के अधिकांश ग्रामीण इलाकों में आवाजाही प्रभावित रही। कई बच्चे जो आर्थिक रूप से टैक्सी लेने के लिए सक्षम नहीं थे, वो पैदल स्कूलों तक पहुंचे। शाम को भी यही स्थिति रही।
घुमारवीं सब डिपो के पास कुल 21 बसें हैं, जो प्रतिदिन लगभग 54 रूटों पर आवाजाही करती हैं। लेकिन वीरवार को सभी 54 रूट बंद रहे, क्योंकि सभी बसें जन संकल्प रैली में मंडी भेजी गई थीं। सुबह से शाम तक घुमारवीं क्षेत्र के यात्रियों को कोई सरकारी बस सुविधा नहीं मिली। स्कूली बच्चों के लिए यह सबसे कठिन समय था,विशेषकर जिनके पास बस पास थे और किराये के लिए पैसे नहीं थे। बताते चलें कि बिलासपुर परिवहन निगम डिपो के ग्रामीण क्षेत्रों में जिले के अंदर 150 से ज्यादा रूट चलते हैं। लेकिन वीरवार को लांग रूट के अलावा कोई बस अपने रूट पर नहीं रही। इस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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ग्रामीण रूटों पर सरकारी बसें नहीं चलीं, यात्री और स्कूली बच्चे हुए परेशान
बच्चे लोगों से फोन मांग कर घरवालों को बता रहे थे बसों की स्थिति
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर/घुमारवीं। कांग्रेस सरकार के तीन वर्ष पूरे होने पर मंडी में आयोजित जन संकल्प रैली का असर वीरवार को पूरे जिले के ग्रामीण इलाकों में साफ देखा गया। जिले के लगभग सभी ग्रामीण रूटों पर चलने वाली सरकारी बसें रैली में शामिल होने के लिए मंडी रवाना की गईं। इस कारण पूरे जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में बस सेवाएं दिनभर प्रभावित रहीं, जिससे आम यात्रियों, कर्मचारियों और स्कूली बच्चों को निजी व्यवस्था पर निर्भर रहना पड़ा।
जिले भर के आंकड़ों के अनुसार, ग्रामीण रूटों पर चलने वाली लगभग 81 सरकारी बसें रैली में लगी थीं। इससे कई रूटों पर बसें पूरी तरह बंद रहीं और यात्रियों को पैदल या निजी वाहन से आवाजाही करनी पड़ी। वीरवार सुबह स्कूली बच्चों को स्कूल जाने के लिए कोई बस उपलब्ध नहीं हुई। जिन बच्चों के पास केवल बस पास थे और जेब में नकद नहीं था, उन्हें पैदल स्कूल जाना पड़ा। कई छात्राएं और छात्र बस अड्डे पर फोन मांग कर अपने घरवालों को स्थिति बता रहे थे। अभिभावकों ने बच्चों को लेने के लिए टैक्सी और निजी वाहन का सहारा लिया। निजी बसें रूटों पर तो चल रही थीं, लेकिन उनमें भी ओवरलोडिंग देखने को मिली। ग्रामीण रूटों की सेवा ठप रहने से लंबी दूरी की बसों को छोड़कर जिले के अधिकांश ग्रामीण इलाकों में आवाजाही प्रभावित रही। कई बच्चे जो आर्थिक रूप से टैक्सी लेने के लिए सक्षम नहीं थे, वो पैदल स्कूलों तक पहुंचे। शाम को भी यही स्थिति रही।
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घुमारवीं सब डिपो के पास कुल 21 बसें हैं, जो प्रतिदिन लगभग 54 रूटों पर आवाजाही करती हैं। लेकिन वीरवार को सभी 54 रूट बंद रहे, क्योंकि सभी बसें जन संकल्प रैली में मंडी भेजी गई थीं। सुबह से शाम तक घुमारवीं क्षेत्र के यात्रियों को कोई सरकारी बस सुविधा नहीं मिली। स्कूली बच्चों के लिए यह सबसे कठिन समय था,विशेषकर जिनके पास बस पास थे और किराये के लिए पैसे नहीं थे। बताते चलें कि बिलासपुर परिवहन निगम डिपो के ग्रामीण क्षेत्रों में जिले के अंदर 150 से ज्यादा रूट चलते हैं। लेकिन वीरवार को लांग रूट के अलावा कोई बस अपने रूट पर नहीं रही। इस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

घुमारवीं क्षेत्र में निजी बस में खड़े होकर सफर करते स्कूली बच्चे। संवाद

घुमारवीं क्षेत्र में निजी बस में खड़े होकर सफर करते स्कूली बच्चे। संवाद

घुमारवीं क्षेत्र में निजी बस में खड़े होकर सफर करते स्कूली बच्चे। संवाद
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