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Bilaspur News: भारी बारिश में शिक्षकों को स्कूल बुलाने पर संघ ने जताई आपत्ति
Mon, 25 Aug 2025 11:10 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Mon, 25 Aug 2025 11:10 PM IST
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कहा, आपदा सबके लिए समान, दोहरे मानदंड न अपनाए शिक्षा विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। प्रदेश में जारी भारी बारिश के बीच छात्रों की छुट्टी घोषित होने के बावजूद शिक्षकों को विद्यालयों में बुलाने के आदेश पर राजकीय प्रशिक्षित कला अध्यापक संघ बिलासपुर ने कड़ा विरोध जताया है।
संघ के प्रधान राकेश चौधरी, महासचिव पवन शर्मा और कोषाध्यक्ष प्रवीण चंदेल ने कहा कि क्या शिक्षकों के लिए कोई अलग और सुरक्षित मार्ग निर्धारित है? शिक्षक भी उन्हीं रास्तों से विद्यालय पहुंचते हैं, जिनसे छात्र आते हैं। संघ ने बताया कि भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर सड़कें टूट चुकी हैं, पुल बह गए हैं और नाले उफान पर हैं। इन परिस्थितियों में विद्यालय पहुंचना न केवल कठिन है बल्कि जीवन के लिए जोखिम भरा भी है। कई अध्यापक सुबह से ही पैदल लंबी दूरी तय कर, नालों को पार कर और टूटी सड़कों से गुजर कर विद्यालय पहुंचे। संघ ने सवाल उठाया कि क्या प्राकृतिक आपदा केवल छात्रों के लिए ही खतरनाक है और शिक्षकों व कर्मचारियों के लिए नहीं? आपदा सबके लिए समान है, इसलिए सुरक्षा का अधिकार अध्यापकों और कर्मचारियों को भी मिलना चाहिए। संघ ने मांग की है कि यदि छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए विद्यालय बंद रखे जाते हैं तो अध्यापकों को भी इस दायरे में शामिल किया जाना चाहिए। संघ ने प्रशासन और शिक्षा विभाग से आदेश पर तुरंत पुनर्विचार करने की अपील की है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। प्रदेश में जारी भारी बारिश के बीच छात्रों की छुट्टी घोषित होने के बावजूद शिक्षकों को विद्यालयों में बुलाने के आदेश पर राजकीय प्रशिक्षित कला अध्यापक संघ बिलासपुर ने कड़ा विरोध जताया है।
संघ के प्रधान राकेश चौधरी, महासचिव पवन शर्मा और कोषाध्यक्ष प्रवीण चंदेल ने कहा कि क्या शिक्षकों के लिए कोई अलग और सुरक्षित मार्ग निर्धारित है? शिक्षक भी उन्हीं रास्तों से विद्यालय पहुंचते हैं, जिनसे छात्र आते हैं। संघ ने बताया कि भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर सड़कें टूट चुकी हैं, पुल बह गए हैं और नाले उफान पर हैं। इन परिस्थितियों में विद्यालय पहुंचना न केवल कठिन है बल्कि जीवन के लिए जोखिम भरा भी है। कई अध्यापक सुबह से ही पैदल लंबी दूरी तय कर, नालों को पार कर और टूटी सड़कों से गुजर कर विद्यालय पहुंचे। संघ ने सवाल उठाया कि क्या प्राकृतिक आपदा केवल छात्रों के लिए ही खतरनाक है और शिक्षकों व कर्मचारियों के लिए नहीं? आपदा सबके लिए समान है, इसलिए सुरक्षा का अधिकार अध्यापकों और कर्मचारियों को भी मिलना चाहिए। संघ ने मांग की है कि यदि छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए विद्यालय बंद रखे जाते हैं तो अध्यापकों को भी इस दायरे में शामिल किया जाना चाहिए। संघ ने प्रशासन और शिक्षा विभाग से आदेश पर तुरंत पुनर्विचार करने की अपील की है।
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