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Bilaspur News: घुमारवीं में स्वच्छता अभियान के नाम पर नियमों की अनदेखी
Mon, 15 Dec 2025 11:37 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Mon, 15 Dec 2025 11:37 PM IST
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घुमारवीं में खुले में जलाया गया कचरा,उससे उठने वाला धुंआ। संवाद
ग्राउंड रिपोर्ट
खुले में कूड़ा जलाने से शहर में फैला जहरीला धुआं
स्वच्छता की आड़ में खुलकर की गई एनजीटी के नियमों की अनदेखी
सीएम के दौरे की तैयारियों को लेकर नप ने शुरू किया है सफाई अभियान
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित घुमारवीं दौरे से पहले चलाए जा रहे विशेष स्वच्छता अभियान के दौरान प्रशासन और नगर परिषद एनजीटी के नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाते नजर आए। नगर परिषद घुमारवीं के अंतर्गत सीर खड्ड पुल के समीप बड़ी मात्रा में एकत्रित कूड़े में दिनदहाड़े आग लगा दी गई, जिससे पूरा क्षेत्र जहरीले धुएं की चपेट में आ गया।
कूड़े में प्लास्टिक, रबर और अन्य हानिकारक अपशिष्ट सामग्री शामिल थी। आग लगते ही उठे जहरीले धुएं के कारण आसपास के लोगों का आना-जाना मुश्किल हो गया। हालात इतने बिगड़ गए कि क्षेत्रवासियों को सांस लेने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई लोगों ने मुंह ढककर निकलने की मजबूरी बताई। हैरानी की बात यह रही कि यह पूरा घटनाक्रम एक कैबिनेट मंत्री के आवास के ठीक सामने हुआ। मुख्यमंत्री के दौरे से पहले नगर परिषद को कूड़े का वैज्ञानिक तरीके से उठान कर निर्धारित स्थान पर निपटान सुनिश्चित करना था, लेकिन इसके विपरीत नगर परिषद के ठेकेदार द्वारा सफाई कर्मचारियों से कूड़े को वहीं आग के हवाले कर दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि खुले में कूड़ा जलाने की यह पहली घटना नहीं है, लेकिन इस बार कूड़े की मात्रा अधिक होने के कारण प्रदूषण का स्तर बेहद खतरनाक हो गया। जहरीले धुएं से बुजुर्गों, बच्चों और राहगीरों को विशेष परेशानी झेलनी पड़ी।
गौरतलब है कि एनजीटी के स्पष्ट निर्देश हैं कि खुले में कूड़ा जलाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। इससे वायु प्रदूषण बढ़ता है और मानव स्वास्थ्य व पर्यावरण पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ते हैं। इसके बावजूद नगर परिषद और संबंधित ठेकेदारों द्वारा नियमों को ताक पर रखकर दिनदहाड़े कूड़ा जलाया गया। लोगों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि मुख्यमंत्री के दौरे से पहले ही नियमों की इस तरह अनदेखी हो रही है, तो आम दिनों में हालात का अंदाजा लगाया जा सकता है। स्वच्छता के नाम पर प्रदूषण फैलाना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।
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कोट
मामला संज्ञान में आया है। इस तरह से कूड़े को आग लगाना किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। नगर परिषद के अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। -पवन शर्मा, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, बिलासपुर
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खुले में कूड़ा जलाने से शहर में फैला जहरीला धुआं
स्वच्छता की आड़ में खुलकर की गई एनजीटी के नियमों की अनदेखी
सीएम के दौरे की तैयारियों को लेकर नप ने शुरू किया है सफाई अभियान
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित घुमारवीं दौरे से पहले चलाए जा रहे विशेष स्वच्छता अभियान के दौरान प्रशासन और नगर परिषद एनजीटी के नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाते नजर आए। नगर परिषद घुमारवीं के अंतर्गत सीर खड्ड पुल के समीप बड़ी मात्रा में एकत्रित कूड़े में दिनदहाड़े आग लगा दी गई, जिससे पूरा क्षेत्र जहरीले धुएं की चपेट में आ गया।
कूड़े में प्लास्टिक, रबर और अन्य हानिकारक अपशिष्ट सामग्री शामिल थी। आग लगते ही उठे जहरीले धुएं के कारण आसपास के लोगों का आना-जाना मुश्किल हो गया। हालात इतने बिगड़ गए कि क्षेत्रवासियों को सांस लेने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई लोगों ने मुंह ढककर निकलने की मजबूरी बताई। हैरानी की बात यह रही कि यह पूरा घटनाक्रम एक कैबिनेट मंत्री के आवास के ठीक सामने हुआ। मुख्यमंत्री के दौरे से पहले नगर परिषद को कूड़े का वैज्ञानिक तरीके से उठान कर निर्धारित स्थान पर निपटान सुनिश्चित करना था, लेकिन इसके विपरीत नगर परिषद के ठेकेदार द्वारा सफाई कर्मचारियों से कूड़े को वहीं आग के हवाले कर दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि खुले में कूड़ा जलाने की यह पहली घटना नहीं है, लेकिन इस बार कूड़े की मात्रा अधिक होने के कारण प्रदूषण का स्तर बेहद खतरनाक हो गया। जहरीले धुएं से बुजुर्गों, बच्चों और राहगीरों को विशेष परेशानी झेलनी पड़ी।
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गौरतलब है कि एनजीटी के स्पष्ट निर्देश हैं कि खुले में कूड़ा जलाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। इससे वायु प्रदूषण बढ़ता है और मानव स्वास्थ्य व पर्यावरण पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ते हैं। इसके बावजूद नगर परिषद और संबंधित ठेकेदारों द्वारा नियमों को ताक पर रखकर दिनदहाड़े कूड़ा जलाया गया। लोगों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि मुख्यमंत्री के दौरे से पहले ही नियमों की इस तरह अनदेखी हो रही है, तो आम दिनों में हालात का अंदाजा लगाया जा सकता है। स्वच्छता के नाम पर प्रदूषण फैलाना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।
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मामला संज्ञान में आया है। इस तरह से कूड़े को आग लगाना किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। नगर परिषद के अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। -पवन शर्मा, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, बिलासपुर

घुमारवीं में खुले में जलाया गया कचरा,उससे उठने वाला धुंआ। संवाद