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Bilaspur News: वन भूमि के साथ भूमि या घासनी में कटे हुए अवशेष जलाने के लिए पूर्व सूचना जरूरी

Sat, 23 May 2026 11:53 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Sat, 23 May 2026 11:53 PM IST
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Prior notice is required for burning of cut residue in forest land or grasslands.
जंगलों को आग से बचाने के लिए जन सहयोग बेहद जरूरी
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बिलासपुर वन मंडल ने बढ़ाई चौकसी, 45 फायर वॉचर्स तैनात
हर बीट स्तर पर चलाए जा रहे जागरूकता एवं रोकथाम अभियान
जंगल में आग लगाने वालों के खिलाफ होगी कानूनी कार्रवाई
सूचना देने वाले व्यक्ति को वन विभाग करेगा पुरस्कृत

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। गर्मी के मौसम की शुरुआत के साथ ही वनों में आग लगने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए बिलासपुर वन मंडल ने जिला भर में सतर्कता, जागरूकता और रोकथाम अभियान तेज कर दिया है। वन विभाग का उद्देश्य वन संपदा, वन्य प्राणियों और पर्यावरण को आग से होने वाले नुकसान से सुरक्षित रखना है।
डीएफओ ने बताया कि विभाग के टोल फ्री नंबर 1800-180-1916 पर सूचना दी जा सकती है। जंगल में आग लगाने वाले व्यक्ति की सूचना देने वाले नागरिक को बिलासपुर वन मंडल की ओर से पुरस्कृत भी किया जाएगा। कहा कि सरकारी जंगल की सीमा से 100 मीटर के भीतर यदि कोई व्यक्ति अपनी भूमि या घासनी में कटे हुए अवशेष जलाना चाहता है तो इसकी पूर्व सूचना वन विभाग को देना अनिवार्य है। डीएफओ राजीव कुमार ने कहा कि जंगलों को आग से बचाने के लिए जन सहयोग जरूरी है। विभाग सामुदायिक सहभागिता को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न स्तरों पर लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने जनता, युवा मंडलों, महिला मंडलों, साझा वन प्रबंधन समितियों, वन विकास समितियों और गैर सरकारी संगठनों से सहयोग की अपील की। कहा कि वन हमारी अमूल्य प्राकृतिक धरोहर हैं और इनकी सुरक्षा करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक और सामाजिक दायित्व है। बताया कि वन अग्नि की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए विभाग की ओर से प्रत्येक बीट स्तर पर सामुदायिक कार्यशालाएं और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
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जिला में 45 फायर वॉचर्स संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रहे हैं ताकि आग लगने की सूचना तुरंत मिल सके और समय रहते कार्रवाई की जा सके। जिन क्षेत्रों में आग लगने की आशंका अधिक रहती है वहां आवश्यकता अनुसार फायर लाइनें तैयार की गई हैं। लोगों से अपील की कि कोई भी व्यक्ति जानबूझकर जंगलों में आग न लगाए। यदि कहीं आग लगती है तो स्थानीय लोग तुरंत एकजुट होकर आग बुझाने का प्रयास करें और इसकी सूचना वन विभाग को दें। उन्होंने कहा कि यदि कोई असामाजिक तत्व जानबूझकर जंगल में आग लगाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि भारतीय वन अधिनियम 1927 के तहत जंगल में आग लगाने वाले व्यक्ति को छह माह तक की सजा हो सकती है। वहीं सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम 1984 के तहत सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर कम से कम एक वर्ष के कारावास का प्रावधान है।
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