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Bilaspur News: स्कूलों को क्लस्टर बनाने के निर्णय का अभिभावकों ने किया स्वागत
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- अभिभावक बोले, अध्यापक भी करें सरकार के निर्णय का समर्थन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलसपुर। जिले में स्कूल प्रबंधन समितियों ने सरकार के स्कूलों को क्लस्टर बनाने के निर्णय का स्वागत किया है। समिति के सदस्यों ने कहा कि स्कूलों का क्लस्टर बनाना सरकार का एक बेहतरीन कदम है। इससे बच्चों के शिक्षा स्तर में सुधार होगा, जो सभी का लक्ष्य है। अभिभावकों ने अध्यापकों से भी निर्णय का समर्थन करने मांग की है।
स्कूल प्रबंधन समिति (कन्या) घुमारवीं के अध्यक्ष राजीव शर्मा, चुवाड़ी स्कूल से संजीव ठाकुर, प्राथमिक पाठशाला भगेड़ से अंजना कुमारी, भगेड़ स्कूल से संजय कुमार, त्यून स्कूल की एसएमसी प्रधान रीना कुमारी और कोठी स्कूल से कंचन कुमारी ने संयुक्त बयान में कहा कि बच्चों को बेहतर शिक्षा मिले यही सबका उद्देश्य है और इसके लिए सभी को उनके विकास के लिए काम करना चाहिए। प्रदेश सरकार ने जो स्कूलों में क्लस्टर बनाए जाने की शुरुआत की गई है यह बहुत ही सराहनीय है तथा इससे बच्चों को फायदा होगा। क्लस्टर बनने से कोई भी कक्षा खाली नहीं रहेगी और अगर कोई टीचर कहीं बाहर गया है तो उसकी जगह दूसरे किसी टीचर को कक्षा में भेजा जाएगा, ताकि कक्षा खाली न रहे। इसके अलावा जब प्रार्थना सभा और दोपहर का भोजन एक साथ होगा तो इससे भी एक अच्छा माहौल बनेगा, जो अध्यापक इस फैसले का विरोध अपने निजी हित को देखकर कर रहे हैं उन्हें भी यह समझ लेना चाहिए कि स्कूल में सभी का एक ही लक्ष्य है कि बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले। इसलिए उन्हें भी विरोध छोड़ कर इस फैसले का स्वागत करना चाहिए। क्लस्टर प्रणाली से बच्चे संसाधनों को भी एक दूसरे के साथ साझा करेंगे, जिससे शिक्षा के स्तर में भी सुधार होगा। उन्होंने कहा कि जल्द ही सभी स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्य आपस में मिलकर इस फैसले को लागू करने के लिए प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री जी का धन्यवाद करेंगे। उन्होंने सभी अध्यापकों से भी अपील करते हैं कहा कि वे बच्चों के हित में विरोध का रास्ता छोड़कर अभिभावकों के साथ चलें, ताकि एक बेहतरीन शिक्षा का माहौल बनाया जा सके। इससे छोटे स्कूलों में अध्यापकों की कमी नहीं खलेगी। उन्होंने सरकार से भी मांग की है कि इस निर्णय को वापस न लिया जाए, क्योंकि इससे बच्चों के अभिभावक खुश हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलसपुर। जिले में स्कूल प्रबंधन समितियों ने सरकार के स्कूलों को क्लस्टर बनाने के निर्णय का स्वागत किया है। समिति के सदस्यों ने कहा कि स्कूलों का क्लस्टर बनाना सरकार का एक बेहतरीन कदम है। इससे बच्चों के शिक्षा स्तर में सुधार होगा, जो सभी का लक्ष्य है। अभिभावकों ने अध्यापकों से भी निर्णय का समर्थन करने मांग की है।
स्कूल प्रबंधन समिति (कन्या) घुमारवीं के अध्यक्ष राजीव शर्मा, चुवाड़ी स्कूल से संजीव ठाकुर, प्राथमिक पाठशाला भगेड़ से अंजना कुमारी, भगेड़ स्कूल से संजय कुमार, त्यून स्कूल की एसएमसी प्रधान रीना कुमारी और कोठी स्कूल से कंचन कुमारी ने संयुक्त बयान में कहा कि बच्चों को बेहतर शिक्षा मिले यही सबका उद्देश्य है और इसके लिए सभी को उनके विकास के लिए काम करना चाहिए। प्रदेश सरकार ने जो स्कूलों में क्लस्टर बनाए जाने की शुरुआत की गई है यह बहुत ही सराहनीय है तथा इससे बच्चों को फायदा होगा। क्लस्टर बनने से कोई भी कक्षा खाली नहीं रहेगी और अगर कोई टीचर कहीं बाहर गया है तो उसकी जगह दूसरे किसी टीचर को कक्षा में भेजा जाएगा, ताकि कक्षा खाली न रहे। इसके अलावा जब प्रार्थना सभा और दोपहर का भोजन एक साथ होगा तो इससे भी एक अच्छा माहौल बनेगा, जो अध्यापक इस फैसले का विरोध अपने निजी हित को देखकर कर रहे हैं उन्हें भी यह समझ लेना चाहिए कि स्कूल में सभी का एक ही लक्ष्य है कि बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले। इसलिए उन्हें भी विरोध छोड़ कर इस फैसले का स्वागत करना चाहिए। क्लस्टर प्रणाली से बच्चे संसाधनों को भी एक दूसरे के साथ साझा करेंगे, जिससे शिक्षा के स्तर में भी सुधार होगा। उन्होंने कहा कि जल्द ही सभी स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्य आपस में मिलकर इस फैसले को लागू करने के लिए प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री जी का धन्यवाद करेंगे। उन्होंने सभी अध्यापकों से भी अपील करते हैं कहा कि वे बच्चों के हित में विरोध का रास्ता छोड़कर अभिभावकों के साथ चलें, ताकि एक बेहतरीन शिक्षा का माहौल बनाया जा सके। इससे छोटे स्कूलों में अध्यापकों की कमी नहीं खलेगी। उन्होंने सरकार से भी मांग की है कि इस निर्णय को वापस न लिया जाए, क्योंकि इससे बच्चों के अभिभावक खुश हैं।
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