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मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखना हर व्यक्ति के लिए चुनौती : गुरंग

Tue, 10 Oct 2023 06:42 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 10 Oct 2023 06:42 PM IST
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Maintaining mental health is a challenge for every person: Gurung
- ओपन जेल जबली में कैदियों को दी मानसिक स्वास्थ्य की जानकारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य पर ओपन जेल जबली में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार के दिशानिर्देश अनुसार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सचिव जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण बिलासपुर मनीषा गोयल ने की। जिला प्रोग्राम अधिकारी दीपक गुरंग ने कैदियों को मानसिक स्वास्थ्य के बारे में जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखना हर व्यक्ति के लिए एक चुनौती है। हर साल 10 अक्तूबर को यह दिवस मनाया जाता है। दुनिया भर में मानसिक बीमारियों के मरीजों की संख्या में वृद्धि और पीड़ित लोगों द्वारा स्वयं को नुकसान पहुंचाने के मामले में वृद्धि होने लगी, तब संयुक्त राष्ट्र संघ ने 1992 में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाने की शुरुआत की। इसमें 150 से अधिक देशों में एक वैश्विक मानसिक स्वास्थ्य संगठन शामिल है। इस साल की थीम मानसिक स्वास्थ्य एक सार्वभौमिक मानवाधिकार है। इसका अर्थ है मानसिक स्वास्थ्य को मानवाधिकार ढांचे के भीतर रखने की आवश्यकता पर जोर देना है। भाग दौड़ भरी जिंदगी में हर व्यक्ति तनाव से गुजर रहा है। इसके कारण चिंता, मानसिक तनाव, डिमेंशिया, फोबिया से लेकर हिस्टीरिया जैसे मानसिक बीमारियां बढ़ रही हैं। मानसिक रोग विश्व भर में होने वाली सामान्य बीमारियों में से एक है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार भारत में करीब 10 व्यक्ति, जिनमें बच्चे और किशोर भी शामिल हैं गंभीर मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से प्रभावित हैं। कोरोना महामारी के बाद तो मानसिक रोगों का खतरा और भी अधिक बढ़ गया है। मानसिक अस्वस्थता व्यक्ति के महसूस करने, सोचने और काम करने के तरीकों को प्रभावित करती है। यह रोग व्यक्ति के मनोयोग स्वभाव ध्यान और संयोजन और बातचीत करने की क्षमता में समस्या पैदा करता है। मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति को दैनिक जीवन के क्रियाकलापों के लिए भी संघर्ष करना पड़ता है। मानसिक अस्वस्थता आत्महत्या का सबसे बड़ा कारण है। स्वास्थ्य शिक्षक कमल कुमार ने बताया कि मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए व्यर्थ की चिंताओं से दूर रहें, नकारात्मक घटनाओं और भावनाओं पर नियंत्रण रखें, वास्तविकता को स्वीकार करके आगे बढ़ने का प्रयास करें, अपनी पसंद और शौक के लिए समय दें, अपनी क्षमताओं के अनुरूप अपने लक्ष्य का निर्धारण करें, प्रसन्नचित रहने का प्रयास करें, दिनचर्या को नियमित रखें, अपना आत्मविश्वास खोने न दें, नियमित योग और ध्यान का अभ्यास करें, अपने अच्छे कार्यों की प्रशंसा करें और स्वयं को भी महत्व दें, परिवार के साथ समय व्यतीत करें, सामाजिक क्रियाकलापों में भी भाग लेने के लिए अनावश्यक रूप से किसी से अपनी तुलना न करें। उपलब्ध संसाधनों का सदुपयोग करते हुए संतुष्ट रहें। स्वयं को परेशान करने वाली घटना या बातों को अपने दोस्त या परिवार जनों से साझा करें। इस मौके पर जेल अधीक्षक एमआर भारद्वाज, आईसीटीसी काउंसलर नीना शुक्ला और अन्य जेल अधिकारी मौजूद रहे।
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