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कहलूर लोक उत्सव 2026 : इस बार नहीं होगी ऑडिशन प्रक्रिया
Fri, 27 Feb 2026 11:28 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Fri, 27 Feb 2026 11:28 PM IST
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-आवेदन करने की आखिरी तारीख 10 मार्च
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला-2026 का आयोजन 17 से 23 मार्च तक किया जाएगा। इस दौरान आयोजित होने वाले कहलूर लोक उत्सव को लेकर उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने यह जानकारी दी है। उपायुक्त ने बताया कि इस वर्ष कहलूर लोक उत्सव में किसी भी तरह की ऑडिशन प्रक्रिया नहीं होगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्सव में भाग लेने वाले सभी कलाकार और सांस्कृतिक दल केवल बिलासपुरी वेशभूषा, पारंपरिक वाद्य यंत्र और स्थानीय गायन-वादन के माध्यम से ही अपनी प्रस्तुति देंगे। उत्सव में भाग लेने के इच्छुक प्रतिभागियों को 10 मार्च 2026 तक जिला भाषा अधिकारी कार्यालय में आवेदन जमा करना अनिवार्य है। उपायुक्त ने कहा कि इस साल केवल बिलासपुर जिला के सांस्कृतिक दल, गायक, नर्तक, बजंतरी, महिला मंडल और स्वयं सहायता समूह ही इस अवसर का लाभ उठा पाएंगे। उत्सव 18 से 20 मार्च तक लुहणू मैदान में प्रतिदिन सुबह 11 बजे से सायं 5 बजे तक होगा। इस दौरान दर्शकों को लोक नृत्य, संस्कार गीत, लोकगीत, लोककथा और लोक नाटक की प्रस्तुति देखने को मिलेगी। जिला भाषा अधिकारी नीलम चंदेल ने बताया कि लोकनृत्य दल में अधिकतम 12 कलाकार होंगे। धाजा और गुग्गा गाथा में 8-8 कलाकार अनिवार्य हैं। बजंतरी दल में न्यूनतम 6 कलाकार जरूरी हैं। सभी प्रस्तुतियों को स्थानीय परंपरा और निर्धारित नियमों के अनुसार प्रस्तुत किया जाएगा। नीलम चंदेल ने सभी सांस्कृतिक दलों और कलाकारों से समय से पहले आवेदन करने की अपील की है, ताकि आयोजन सुव्यवस्थित और सफल हो।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला-2026 का आयोजन 17 से 23 मार्च तक किया जाएगा। इस दौरान आयोजित होने वाले कहलूर लोक उत्सव को लेकर उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने यह जानकारी दी है। उपायुक्त ने बताया कि इस वर्ष कहलूर लोक उत्सव में किसी भी तरह की ऑडिशन प्रक्रिया नहीं होगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्सव में भाग लेने वाले सभी कलाकार और सांस्कृतिक दल केवल बिलासपुरी वेशभूषा, पारंपरिक वाद्य यंत्र और स्थानीय गायन-वादन के माध्यम से ही अपनी प्रस्तुति देंगे। उत्सव में भाग लेने के इच्छुक प्रतिभागियों को 10 मार्च 2026 तक जिला भाषा अधिकारी कार्यालय में आवेदन जमा करना अनिवार्य है। उपायुक्त ने कहा कि इस साल केवल बिलासपुर जिला के सांस्कृतिक दल, गायक, नर्तक, बजंतरी, महिला मंडल और स्वयं सहायता समूह ही इस अवसर का लाभ उठा पाएंगे। उत्सव 18 से 20 मार्च तक लुहणू मैदान में प्रतिदिन सुबह 11 बजे से सायं 5 बजे तक होगा। इस दौरान दर्शकों को लोक नृत्य, संस्कार गीत, लोकगीत, लोककथा और लोक नाटक की प्रस्तुति देखने को मिलेगी। जिला भाषा अधिकारी नीलम चंदेल ने बताया कि लोकनृत्य दल में अधिकतम 12 कलाकार होंगे। धाजा और गुग्गा गाथा में 8-8 कलाकार अनिवार्य हैं। बजंतरी दल में न्यूनतम 6 कलाकार जरूरी हैं। सभी प्रस्तुतियों को स्थानीय परंपरा और निर्धारित नियमों के अनुसार प्रस्तुत किया जाएगा। नीलम चंदेल ने सभी सांस्कृतिक दलों और कलाकारों से समय से पहले आवेदन करने की अपील की है, ताकि आयोजन सुव्यवस्थित और सफल हो।
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