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Bilaspur News: जिले में 10,111 अशिक्षित लोगों की पहचान
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इस साल 5,056 लोगों को शिक्षित करने का लक्ष्य
साल 2024 में 1,122 असाक्षर लोगों ने पास की परीक्षा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में अभी तक 10,111 अशिक्षित लोगों की पहचान की गई है। केंद्र सरकार के नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत सभी को साल 2027 तक शिक्षित किया जाएगा। जिले में इस साल 5056 लोगों को शिक्षित करने का लक्ष्य है।
प्रदेश में 22 सितंबर 2024 को पहली बार अशिक्षित लोगों को शिक्षित करने के लिए परीक्षा आयोजित हुई। जिले में 1330 लोगों ने यह परीक्षा दी थी, जिसमें से 1122 लोगों ने परीक्षा पास की। जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) जुखाला में नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के नोडल अधिकारी राकेश ठाकुर ने बताया कि 15 साल से अधिक आयु के इन लोगों को विभिन्न कारणों से औपचारिक शिक्षा से वंचित रहना पड़ा है। उन्होंने बताया कि इस साल जिले के 5056 असाक्षर लोगों को शिक्षित करने का लक्ष्य रखा है। असाक्षर लोगों को शिक्षण कार्य करवाने के लिए जिले के लगभग 825 स्वयंसेवी अध्यापकों को भी तैयार किया जाएगा। स्वयंसेवी शिक्षकों की एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला 6 जनवरी से 22 जनवरी तक होगी।
उन्होंने बताया कि कार्यशाला में 15 साल से अधिक आयु वर्ग के असाक्षरों को समझने एवं विभिन्न विधियों और गतिविधियों से शिक्षण कार्य करवाने के लिए इन शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाना है। ताकि असाक्षरों को राष्ट्र की मुख्यधारा में लाकर उनमें पढ़ने लिखने के साथ जीवन पर्यंत कौशलों की समझ को भी विकसित जा सके। उन्होंने शिक्षित लोगों से आग्रह किया कि वह निरक्षरों को साक्षर बनाने में योगदान दें।
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साल 2024 में 1,122 असाक्षर लोगों ने पास की परीक्षा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में अभी तक 10,111 अशिक्षित लोगों की पहचान की गई है। केंद्र सरकार के नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत सभी को साल 2027 तक शिक्षित किया जाएगा। जिले में इस साल 5056 लोगों को शिक्षित करने का लक्ष्य है।
प्रदेश में 22 सितंबर 2024 को पहली बार अशिक्षित लोगों को शिक्षित करने के लिए परीक्षा आयोजित हुई। जिले में 1330 लोगों ने यह परीक्षा दी थी, जिसमें से 1122 लोगों ने परीक्षा पास की। जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) जुखाला में नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के नोडल अधिकारी राकेश ठाकुर ने बताया कि 15 साल से अधिक आयु के इन लोगों को विभिन्न कारणों से औपचारिक शिक्षा से वंचित रहना पड़ा है। उन्होंने बताया कि इस साल जिले के 5056 असाक्षर लोगों को शिक्षित करने का लक्ष्य रखा है। असाक्षर लोगों को शिक्षण कार्य करवाने के लिए जिले के लगभग 825 स्वयंसेवी अध्यापकों को भी तैयार किया जाएगा। स्वयंसेवी शिक्षकों की एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला 6 जनवरी से 22 जनवरी तक होगी।
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उन्होंने बताया कि कार्यशाला में 15 साल से अधिक आयु वर्ग के असाक्षरों को समझने एवं विभिन्न विधियों और गतिविधियों से शिक्षण कार्य करवाने के लिए इन शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाना है। ताकि असाक्षरों को राष्ट्र की मुख्यधारा में लाकर उनमें पढ़ने लिखने के साथ जीवन पर्यंत कौशलों की समझ को भी विकसित जा सके। उन्होंने शिक्षित लोगों से आग्रह किया कि वह निरक्षरों को साक्षर बनाने में योगदान दें।
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