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Bilaspur News: ओपीडी भवन में कैसे लगे लिफ्ट, दूसरी विंग को दे दिया पैसा

Mon, 25 Nov 2024 11:39 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Mon, 25 Nov 2024 11:39 PM IST
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How lifts were installed in OPD building, money was given to the other wing
- घुमारवीं अस्पताल में आने वाले मरीज, तीमारदार हो रहे परेशान
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- सात पहले बने ओपीडी भवन में लिफ्ट के लिए भेजा था बजट
संजीव शामा
घुमारवीं(बिलासपुर)। बजट होने के बावजूद सिविल अस्पताल घुमारवीं के ओपीडी भवन में लोगों को लिफ्ट की सुविधा नहीं मिल पा रही है। करीब एक साल से लिफ्ट के लिए आए 28,06,000 रुपये विभागों में ही घूम रहे हैं। उधर, लिफ्ट नहीं होने से मरीज और तीमारदारों को परेशानी हो रही है।



जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग ने लिफ्ट के लिए आए 28,06,000 रुपये के बजट को लोक निर्माण विभाग के पास करीब एक साल पहले जमा करवा दिया था। लेकिन बजट लोक निर्माण विभाग के इलेक्ट्रिकल विंग को देना था, लेकिन सिविल विंग में जमा करा दिया। जबकि लिफ्ट लगाने का काम इलेक्ट्रिकल विंग का था। इस कारण पैसा होने के बाद भी लिफ्ट लगने की नौबत नहीं आ पाई। अब स्वास्थ्य विभाग ने बजट को दोबारा इलेक्ट्रिकल विंग में स्थानांतरित करने के लिए विभाग से आग्रह किया। अब एक विंग से दूसरे विंग में बजट ट्रांसफर करने की प्रक्रिया चल रही है।
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उधर, विभाग की इस लंबी प्रक्रिया के कारण लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। घुमारवीं अस्पताल में चार मंजिला नया ओपीडी भवन करीब सात साल पहले बना था। लेकिन भवन में अब तक न कोई लिफ्ट है और न ही किसी रैंप का निर्माण किया गया है। मरीज के चल न पाने की स्थित में मरीजों को उठा कर ओपीडी तक पहुंचाना पड़ता है। या फिर मरीज को तकलीफ सहते हुए स्वयं ही ओपीडी तक जाना पड़ता है। 21 सितंबर 2017 को तैयार हुए ओपीडी भवन में लिफ्ट बनाने की जगह तो रखी गई थी लेकिन उसमें आज तक लिफ्ट नहीं लग पाई। कुछ साल तक बजट की कमी के कारण ही लिफ्ट का कार्य शुरू नहीं हो पाया। अब जब लिफ्ट के लिए सरकार ने बजट का प्रावधान किया तो वह विभाग की लापरवाही या दो विभागों के बीच समन्वय और जानकारी न होने के कारण सिविल विंग में दे दिया गया, जिसका काम लिफ्ट लगाना नहीं था। ऐसे में धन होने के बाद भी लिफ्ट नहीं लग सकी। जिससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। संवाद
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कोट

लिफ्ट के लिए आए बजट लोक निर्माण विभाग के सिविल विंग में जमा हो गया है, जबकि लिफ्ट लगाने का काम इलेक्ट्रिक विंग की ओर किया जाना है। संबंधित विभाग को बजट स्थानांतरित करने का आग्रह किया गया है।

डॉ. महेश जसवाल, खंड चिकित्सा अधिकारी घुमारवीं
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