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Bilaspur News: व्यक्ति के हृदय की पवित्रता देखता है भगवान का प्रेम
Fri, 12 Dec 2025 11:53 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Fri, 12 Dec 2025 11:53 PM IST
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घुमारवीं के बल्ह में पिछले सात दिनों से जारी श्रीमद् भागवत कथा के समापन पर कथा व्यास को विदाई द
बल्ह में श्रीमद् भागवत कथा पूर्णाहुति के साथ संपन्न
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं उपमंडल के अंतर्गत गांव बल्ह में चल रही श्रीमद् भागवत कथा का विधिवत पूर्णाहुति के साथ समापन हुआ। इस सात दिवसीय आयोजन में श्रद्धालुओं ने श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का श्रवण किया।
कथा वाचक पंडित गोपाल शर्मा ने पूर्णाहुति के अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, उपदेश और करुणामयी लीलाओं का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान का प्रेम व्यक्ति के ह्रदय की पवित्रता देखता है। आगे कहा कि आचार्य शर्मा ने कहा कि श्रीकृष्ण ने अपनी लीला और यदुवंश की प्रक्रिया को पूर्ण किया, दुर्वासा ऋषि के श्राप से यह लीला संसार के समक्ष प्रकट हुई। उन्होंने कहा कि श्रीमदभागवत कोई साधारण ग्रंथ नहीं, बल्कि स्वयं श्रीकृष्ण का वाङ्मय स्वरूप है। जिस प्रकार राजा परीक्षित ने इसके श्रवण से मोक्ष प्राप्त किया, उसी प्रकार आज भी श्रद्धा और समर्पण से भागवत श्रवण करने वाले का जीवन पवित्र और कल्याणमय बन जाता है। समापन अवसर पर क्षेत्र के बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और कथा का पुण्य लाभ प्राप्त किया। आयोजन समिति ने सभी सहयोगियों एवं भक्तों का आभार व्यक्त किया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं उपमंडल के अंतर्गत गांव बल्ह में चल रही श्रीमद् भागवत कथा का विधिवत पूर्णाहुति के साथ समापन हुआ। इस सात दिवसीय आयोजन में श्रद्धालुओं ने श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का श्रवण किया।
कथा वाचक पंडित गोपाल शर्मा ने पूर्णाहुति के अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, उपदेश और करुणामयी लीलाओं का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान का प्रेम व्यक्ति के ह्रदय की पवित्रता देखता है। आगे कहा कि आचार्य शर्मा ने कहा कि श्रीकृष्ण ने अपनी लीला और यदुवंश की प्रक्रिया को पूर्ण किया, दुर्वासा ऋषि के श्राप से यह लीला संसार के समक्ष प्रकट हुई। उन्होंने कहा कि श्रीमदभागवत कोई साधारण ग्रंथ नहीं, बल्कि स्वयं श्रीकृष्ण का वाङ्मय स्वरूप है। जिस प्रकार राजा परीक्षित ने इसके श्रवण से मोक्ष प्राप्त किया, उसी प्रकार आज भी श्रद्धा और समर्पण से भागवत श्रवण करने वाले का जीवन पवित्र और कल्याणमय बन जाता है। समापन अवसर पर क्षेत्र के बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और कथा का पुण्य लाभ प्राप्त किया। आयोजन समिति ने सभी सहयोगियों एवं भक्तों का आभार व्यक्त किया।
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