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बेटियों को बेटों के समान दें शिक्षा का अधिकार : शालू
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- भटोली गांव में अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। बाल विकास परियोजना अधिकारी झंडूता के सौजन्य से अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस का आयोजन पंचायत बरठीं के भटोली गांव में किया गया। इसकी अध्यक्षता जिला परिषद सदस्य शालू रनौत ने की।
इस उपलक्ष्य पर बेटियों का कन्या पूजन किया गया। बेटी है अनमोल योजना के तहत बनी हुई 21,000 रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट को लाभार्थियों को प्रदान किया। शालू रनौत ने बताया कि बेटियां सृष्टि की सृजन करता हैं। यदि बेटियां नहीं होंगी तो समाज आगे नहीं बढ़ सकता। उन्होंने बेटियों को बेटों के समान शिक्षा का अधिकार देने की बात कही। आईसीडीएस सुपरवाइजर शक्ति सिंह ने बताया की बेटियों के संघर्ष की कहानी तो मां गर्भ से ही शुरू हो जाती है। मां के गर्भ में उन्हें भ्रूण हत्या, बड़े होने पर शिक्षा, स्वास्थ्य और शादी होने के बाद घरेलू हिंसा जैसे विषयों से संघर्ष करना पड़ता है। इस मौके पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अंबिका कुमारी ने महिला एवं बाल विकास विभाग से संबंधित योजनाओं के बारे में लोगों को जानकारी दी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रीता देवी ने बेटी है अनमोल पर कविता सुनाकर लोगों को जागरूक किया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। बाल विकास परियोजना अधिकारी झंडूता के सौजन्य से अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस का आयोजन पंचायत बरठीं के भटोली गांव में किया गया। इसकी अध्यक्षता जिला परिषद सदस्य शालू रनौत ने की।
इस उपलक्ष्य पर बेटियों का कन्या पूजन किया गया। बेटी है अनमोल योजना के तहत बनी हुई 21,000 रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट को लाभार्थियों को प्रदान किया। शालू रनौत ने बताया कि बेटियां सृष्टि की सृजन करता हैं। यदि बेटियां नहीं होंगी तो समाज आगे नहीं बढ़ सकता। उन्होंने बेटियों को बेटों के समान शिक्षा का अधिकार देने की बात कही। आईसीडीएस सुपरवाइजर शक्ति सिंह ने बताया की बेटियों के संघर्ष की कहानी तो मां गर्भ से ही शुरू हो जाती है। मां के गर्भ में उन्हें भ्रूण हत्या, बड़े होने पर शिक्षा, स्वास्थ्य और शादी होने के बाद घरेलू हिंसा जैसे विषयों से संघर्ष करना पड़ता है। इस मौके पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अंबिका कुमारी ने महिला एवं बाल विकास विभाग से संबंधित योजनाओं के बारे में लोगों को जानकारी दी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रीता देवी ने बेटी है अनमोल पर कविता सुनाकर लोगों को जागरूक किया।
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