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अब एसडीएम श्री नयना देवी ही करेंगे कार्रवाई
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बिलासपुर। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण में अधिगृहित की गई भूमि का केंद्र सरकार के नाम दर्ज इंतकाल पढ़ने योग्य न होने की रिपोर्ट उपमंडलाधिकारी श्री नयना देवी ने उपायुक्त बिलासपुर को सौंप दी है। उपायुक्त ने अब मामले पर से अपने हाथ खींच लिए हैं। अब उपायुक्त ने अपने आदेशों में एसडीएम श्री नयना देवी जी स्थित स्वारघाट को अपने स्तर पर कार्रवाई करने के आदेश जारी किए हैं। खबर की पुष्टि जिला राजस्व अधिकारी देवी सिंह के कार्यालय से जारी पत्र संख्या बीएलएस-एस-के-12(429)/2017 29268-269 से हुई है।
उल्लेखनीय है कि 14 अक्तूबर 2019 को जिला बिलासपुर में फोरलेन से संबंधित विषयों पर डीसी बिलासपुर की अध्यक्षता में सभी उपमंडलाधिकारियों, एनएचएआई तथा सड़क निर्माण कंपनी के साथ संयुक्त बैठक हुई थी। जिसमें फोरलेन विस्थापितों एवं प्रभावितों को आ रही परेशानियों बारे अवगत करवाते हुए एसडीएम स्वारघाट ने चार पटवार सर्किलों के सात मुहालों का रिकॉर्ड पढ़ने योग्य नहीं है के बारे में डीसी बिलासपुर को अवगत करवाया। एसडीएम स्वारघाट ने चार पटवार सर्किलों के सभी सात गांवों की सूची डीसी बिलासपुर को भी सौंप दी।
एसडीएम द्वारा डीसी बिलासपुर को रिपोर्ट सौंपने के बाद उस पर कार्रवाई करने की जगह अपने हाथ खींच लिए और कहा कि एसडीएम स्वारघाट अपने स्तर पर कार्रवाई करना सुनिश्चित करें। अब हालत यह है कि भू-अर्जन अधिकारी रिकॉर्ड दुरुस्ती के आश्वासन के बिना कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। जबकि तत्कालीन तहसीलदार घुमारवीं ने राजस्व सचिव हिमाचल प्रदेश को अवगत करवाया है कि जब तक एरिया डीनोटिफाइड नहीं होगा दुरुस्ती करना संभव नहीं है।
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फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति के उपप्रधान अशोक कुमार और महासचिव मदन लाल शर्मा ने कहा कि एसडीएम घुमारवीं ने भूमि अधिग्रहण की विशेष इकाई मुख्यालय बिलासपुर के तहसीलदार को रिकॉर्ड दुरुस्ती बारे नियमानुसार आवेदन देने बारे कहा है। वास्तविकता यह है कि रिकॉर्ड दुरुस्ती के मसले पर कोई भी अधिकारी गंभीर नहीं है। सब एक दूसरे को कार्रवाई करने बारे लिख रहे हैं, हो कुछ नहीं रहा है।
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उल्लेखनीय है कि 14 अक्तूबर 2019 को जिला बिलासपुर में फोरलेन से संबंधित विषयों पर डीसी बिलासपुर की अध्यक्षता में सभी उपमंडलाधिकारियों, एनएचएआई तथा सड़क निर्माण कंपनी के साथ संयुक्त बैठक हुई थी। जिसमें फोरलेन विस्थापितों एवं प्रभावितों को आ रही परेशानियों बारे अवगत करवाते हुए एसडीएम स्वारघाट ने चार पटवार सर्किलों के सात मुहालों का रिकॉर्ड पढ़ने योग्य नहीं है के बारे में डीसी बिलासपुर को अवगत करवाया। एसडीएम स्वारघाट ने चार पटवार सर्किलों के सभी सात गांवों की सूची डीसी बिलासपुर को भी सौंप दी।
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एसडीएम द्वारा डीसी बिलासपुर को रिपोर्ट सौंपने के बाद उस पर कार्रवाई करने की जगह अपने हाथ खींच लिए और कहा कि एसडीएम स्वारघाट अपने स्तर पर कार्रवाई करना सुनिश्चित करें। अब हालत यह है कि भू-अर्जन अधिकारी रिकॉर्ड दुरुस्ती के आश्वासन के बिना कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। जबकि तत्कालीन तहसीलदार घुमारवीं ने राजस्व सचिव हिमाचल प्रदेश को अवगत करवाया है कि जब तक एरिया डीनोटिफाइड नहीं होगा दुरुस्ती करना संभव नहीं है।
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फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति के उपप्रधान अशोक कुमार और महासचिव मदन लाल शर्मा ने कहा कि एसडीएम घुमारवीं ने भूमि अधिग्रहण की विशेष इकाई मुख्यालय बिलासपुर के तहसीलदार को रिकॉर्ड दुरुस्ती बारे नियमानुसार आवेदन देने बारे कहा है। वास्तविकता यह है कि रिकॉर्ड दुरुस्ती के मसले पर कोई भी अधिकारी गंभीर नहीं है। सब एक दूसरे को कार्रवाई करने बारे लिख रहे हैं, हो कुछ नहीं रहा है।