{"_id":"67d6c3f5b81e33f85d0b26db","slug":"farmers-were-encouraged-to-adopt-natural-farming-bilaspur-news-c-92-1-bls1001-133715-2025-03-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur News: किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए किया प्रेरित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur News: किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए किया प्रेरित
विज्ञापन
कोहलवी गांव में आयोजित हुआ शिविर
संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। आत्मा परियोजना के तहत रघुनाथपुरा पंचायत के कोहलवी गांव में एक दिवसीय शिविर लगाया गया। इसका उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रोत्साहित करना था। इसमें 50 किसानों ने भाग लिया।
शिविर में किसानों को राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन की जानकारी दी गई। आत्मा परियोजना की ओर से तकनीकी प्रबंधक विकास खंड सदर निखिल ने रासायनिक खादों और दवाइयों से खेतीबाड़ी पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा की जहर युक्त खेती हर व्यक्ति की सेहत और जीवन के लिए खतरनाक है। इसके लिए प्राकृतिक खेती एक अच्छा विकल्प और समाधान है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन का उद्देश्य समाज के हर वर्ग को सुरक्षित और पौष्टिक भोजन उपलब्ध करवाने की प्रथा को बढ़ाना है। उन्होंने किसानों से आह्वान किया की वे प्राकृतिक खेती को अपनाकर अपने व समाज के विकास में सहभागिता सुनिश्चित करें। इससे पहले भी बाड़नू दिग्थली और सुईं सुरहाड़ में भी किसानों के लिए शिविर का आयोजन किया गया।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। आत्मा परियोजना के तहत रघुनाथपुरा पंचायत के कोहलवी गांव में एक दिवसीय शिविर लगाया गया। इसका उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रोत्साहित करना था। इसमें 50 किसानों ने भाग लिया।
शिविर में किसानों को राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन की जानकारी दी गई। आत्मा परियोजना की ओर से तकनीकी प्रबंधक विकास खंड सदर निखिल ने रासायनिक खादों और दवाइयों से खेतीबाड़ी पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा की जहर युक्त खेती हर व्यक्ति की सेहत और जीवन के लिए खतरनाक है। इसके लिए प्राकृतिक खेती एक अच्छा विकल्प और समाधान है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन का उद्देश्य समाज के हर वर्ग को सुरक्षित और पौष्टिक भोजन उपलब्ध करवाने की प्रथा को बढ़ाना है। उन्होंने किसानों से आह्वान किया की वे प्राकृतिक खेती को अपनाकर अपने व समाज के विकास में सहभागिता सुनिश्चित करें। इससे पहले भी बाड़नू दिग्थली और सुईं सुरहाड़ में भी किसानों के लिए शिविर का आयोजन किया गया।
विज्ञापन