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Bilaspur News: छात्रों को डिजिटल सुरक्षा की दी जानकारी
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एम्स बिलासपुर में आयोजित साइबर जागरूकता कार्यक्रम में मौजूद पुलिस अधिकारी व एम्स प्रशिक्षु। स्र
एम्स बिलासपुर में साइबर जागरूकता सत्र का आयोजन
साइबर बुलिंग, साइबर स्टॉकिंग, फिशिंग अटैक के बारे में बताया
डिजिटल युग में साइबर खतरों से सुरक्षित रहने के लिए जागरूकता जरूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। साइबर अपराधों और डिजिटल खतरों से बचाव के लिए एम्स बिलासपुर में विशेष साइबर जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र में लगभग 300 एमबीबीएस छात्र शामिल हुए।
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने छात्रों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने, साइबर हाइजीन अपनाने और साइबर अपराधों से बचने के उपायों की जानकारी दी। छात्रों को राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 और राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल www.cybercrime.gov.in के उपयोग के बारे में विस्तार से बताया। साथ ही प्रधानमंत्री के डिजिटल सुरक्षा मंत्र ‘स्टॉप, थिंक और टेक एक्शन’ को अपनाने की सलाह दी गई।
सत्र के दौरान छात्रों को पहचान की चोरी, साइबर बुलिंग, साइबर स्टॉकिंग, फिशिंग अटैक, हैकिंग, फेक न्यूज, ऑनलाइन गेमिंग एप्स से जुड़े खतरे, मालवेयर और रैनसमवेयर हमले, पासवर्ड प्रबंधन और मोबाइल सुरक्षा जैसे विषयों के बारे में विस्तार से समझाया गया। विशेषज्ञों ने कहा कि डिजिटल युग में साइबर खतरों से सुरक्षित रहने के लिए जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है।
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उन्होंने छात्रों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या साइबर अपराध की सूचना तुरंत हेल्पलाइन या पोर्टल पर दें। सत्र का उद्देश्य छात्रों में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें सुरक्षित डिजिटल नागरिक बनाने की आदतें विकसित करना था।
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साइबर बुलिंग, साइबर स्टॉकिंग, फिशिंग अटैक के बारे में बताया
डिजिटल युग में साइबर खतरों से सुरक्षित रहने के लिए जागरूकता जरूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। साइबर अपराधों और डिजिटल खतरों से बचाव के लिए एम्स बिलासपुर में विशेष साइबर जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र में लगभग 300 एमबीबीएस छात्र शामिल हुए।
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने छात्रों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने, साइबर हाइजीन अपनाने और साइबर अपराधों से बचने के उपायों की जानकारी दी। छात्रों को राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 और राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल www.cybercrime.gov.in के उपयोग के बारे में विस्तार से बताया। साथ ही प्रधानमंत्री के डिजिटल सुरक्षा मंत्र ‘स्टॉप, थिंक और टेक एक्शन’ को अपनाने की सलाह दी गई।
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सत्र के दौरान छात्रों को पहचान की चोरी, साइबर बुलिंग, साइबर स्टॉकिंग, फिशिंग अटैक, हैकिंग, फेक न्यूज, ऑनलाइन गेमिंग एप्स से जुड़े खतरे, मालवेयर और रैनसमवेयर हमले, पासवर्ड प्रबंधन और मोबाइल सुरक्षा जैसे विषयों के बारे में विस्तार से समझाया गया। विशेषज्ञों ने कहा कि डिजिटल युग में साइबर खतरों से सुरक्षित रहने के लिए जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है।
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उन्होंने छात्रों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या साइबर अपराध की सूचना तुरंत हेल्पलाइन या पोर्टल पर दें। सत्र का उद्देश्य छात्रों में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें सुरक्षित डिजिटल नागरिक बनाने की आदतें विकसित करना था।