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चेक बाउंस मामले में एक साल का कारावास
ब्यूरो/ अमर उजाला, बिलासपुर।
Updated Sun, 02 Apr 2017 12:05 AM IST
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अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कोर्ट-1 अनिल शर्मा घुमारवीं की अदालत ने शनिवार को चेक बाउंस मामले में एक आरोपी को एक साल के कारावास और 70 हजार रुपये की राशि शिकायतकर्ता पक्ष को देने के आदेश जारी किए हैं।
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शिकायतकर्ता जगदीश कुमार के वकील चमन लाल ने बताया की जगदीश कुमार के पिता स्वर्गीय लांगू राम से बबेली निवासी जसवीर ने जुलाई 2009 को 50 हजार रुपये की राशि उधार ली थी। वकील ने बताया कि दोनों आपस में अच्छे दोस्त थे, जिस पर जसवीर ने पैसे चेक के माध्यम से देने के बारे में कहा।
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पैसे वापस करने के लिए साल 2012 में जसवीर ने 50 हजार रुपये का चेक लांगू राम के नाम पर दिया। जब लांगू राम ने चेक को भुगतान के लिए बैंक में लगाया तो वह जसवीर के खाते में पैसे न होने की वजह से बाउंस हो गया। इसके बाद लांगू राम ने मार्च 2012 में अदालत में दावा दायर किया। मगर दावा के दौरान लांगू राम की मृत्यु जुलाई 2012 में हो गई।
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इसके बाद स्वर्गीय लांगू राम के बेटे जगदीश कुमार ने इस केस की पैरवी की। इसके बाद अदालत ने जसवीर सिंह को दोषी करार देते हुए नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट की धारा 138 के तहत आरोपी को दोषी करार देते हुए एक वर्ष के कारावास और 70 हजार रुपये की राशि शिकायतकर्ता को देने की सजा सुनाई है।