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कोर्ट द्वारा भगौड़ा घोषित किया अपराधी गिरफ्तार
Updated Fri, 08 Sep 2017 11:04 PM IST
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बिलासपुर। बिलासपुर पुलिस के पीओ सैल की टीम ने 10 साल पहले कोर्ट की ओर से भगौड़ा घोषित किए गए अपराधी को गिरफ्तार किया है। पीओ सैल की टीम ने सूचना के आधार पर आरोपी को परवाणू से गिरफ्तार किया है।
मिली जानकारी के अनुसार ट्रक चालक मंगलू राम निवासी दाड़वा तहसील कसौली जिला सोलन के खिलाफ थाना बरमाणा में 3 अप्रैल, 1990 को लापरवाही से ट्रक चलाने का मामला दर्ज हुआ था। यह मामला मदनलाल निवासी दाड़वा तहसील कसौली जिला सोलन की शिकायत के आधार पर दज्र किया गया था।
मदन लाल के मुताबिक करीब 40 ग्रामीणों के साथ दावड़ा से माता ज्वालाजी के दर्शन करने के लिए ट्रक नंबर एचपीए-1145 में जा रहे थे। ट्रक को मंगलू राम चला रहा था। शिकायतकर्ता के मुताबिक जब यह ट्रक खरोटा मंदिर नम्होल के पास पहुंचा तो ट्रक चालक की लापरवाही से दुर्घटना हो गई। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद ट्रक चालक मौके पर से फरार हो गया। कोर्ट के बार बार बुलाने पर भी जब आरोपी पेश नहीं हुआ तो 11 दिसंबर, 1990 को उसे भगौड़ा करार दे दिया गया। मंगलू राम को नम्होल पुलिस ने 25 जुलाई, 2007 को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। जहां से उसे अदालत ने जमानत पर रिहा कर दिया। इसके बाद भी मंगलू राम दोबारा पेशी पर नहीं आया। जिस पर अदालत ने इसे 12 सितंबर 2007 को दोबारा भगौड़ा करार दे दिया।
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पुलिस को सूचना मिली कि मंगलू राम परवाणू में ट्रक चला रहा है। इसके बाद आरक्षी दौलत राम, महेंद्र कपिल और रवि गौतम ने परवाणू में दबिश दी और मंगलू राम को गिरफ्तार कर लिया। मामले की पुष्टि एसपी बिलासपुर अंजुम आरा ने की है।
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मिली जानकारी के अनुसार ट्रक चालक मंगलू राम निवासी दाड़वा तहसील कसौली जिला सोलन के खिलाफ थाना बरमाणा में 3 अप्रैल, 1990 को लापरवाही से ट्रक चलाने का मामला दर्ज हुआ था। यह मामला मदनलाल निवासी दाड़वा तहसील कसौली जिला सोलन की शिकायत के आधार पर दज्र किया गया था।
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मदन लाल के मुताबिक करीब 40 ग्रामीणों के साथ दावड़ा से माता ज्वालाजी के दर्शन करने के लिए ट्रक नंबर एचपीए-1145 में जा रहे थे। ट्रक को मंगलू राम चला रहा था। शिकायतकर्ता के मुताबिक जब यह ट्रक खरोटा मंदिर नम्होल के पास पहुंचा तो ट्रक चालक की लापरवाही से दुर्घटना हो गई। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद ट्रक चालक मौके पर से फरार हो गया। कोर्ट के बार बार बुलाने पर भी जब आरोपी पेश नहीं हुआ तो 11 दिसंबर, 1990 को उसे भगौड़ा करार दे दिया गया। मंगलू राम को नम्होल पुलिस ने 25 जुलाई, 2007 को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। जहां से उसे अदालत ने जमानत पर रिहा कर दिया। इसके बाद भी मंगलू राम दोबारा पेशी पर नहीं आया। जिस पर अदालत ने इसे 12 सितंबर 2007 को दोबारा भगौड़ा करार दे दिया।
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पुलिस को सूचना मिली कि मंगलू राम परवाणू में ट्रक चला रहा है। इसके बाद आरक्षी दौलत राम, महेंद्र कपिल और रवि गौतम ने परवाणू में दबिश दी और मंगलू राम को गिरफ्तार कर लिया। मामले की पुष्टि एसपी बिलासपुर अंजुम आरा ने की है।