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सेवाओं में कमी पाए जाने पर पांच हजार जुर्माना
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अमर उजाला ब्यूरो
घुमारवीं(बिलासपुर)। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम ने सेवाओं में कमी आंकते हुए टायर कंपनी और डीलर को 5 हजार रुपये अदा करने के आदेश दिए हैं। यह राशि 30 दिन के अंदर अदा करनी होगी। अगर कंपनी और डीलर यह राशि अदा नहीं करते हैं तो उन्हें बाद में 26 अगस्त 2017 से लेकर अब तक नौ फीसदी ब्याज दर सहित शिकायतकर्ता को राशि देनी होगी।
इसके अलावा फोरम ने तीन हजार रुपये बतौर शिकायत खर्च भी अदा करने के आदेश दिए हैं।
फोरम के अध्यक्ष भुवनेश अवस्थी व सदस्य मनोरमा चौहान व पवन कुमार नड्डा की ओर से बिलासपुर शिविर के दौरान प्रणवीर संतोषी अधिवक्ता पुत्र नरोत्तम दत्त निवासी सुनहाणी की एक शिकायत का निपटारा किया। दूसरे पक्ष की ओर से कोर्ट में उपस्थित न होने पर फोरम ने एक तरफा फैसला सुनाया। फोरम ने सुनवाई में भारत टायर घुमारवीं जिला बिलासपुर तथा अपोलो टायर्स लिमिटेड गांव डाकघर बरमाणा को संयुक्त व पृथक सेवा में कमी का दोषी करार दिया।
फैसले में फोरम ने 30 दिन के भीतर शिकायतकर्ता को 5000 राशि देने के आदेश दिए। वहीं अगर 30 दिन के भीतर शिकायतकर्ता को यह राशि अदा नहीं की जाती तो शिकायतकर्ता शिकायत दर्ज करने की तिथि 26 अगस्त 2017 से 9 फीसदी ब्याज का हकदार होगा।
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फोरम की ओर से व्यवस्था दी गई कि द्वितीय पक्ष शिकायतकर्ता को 3000 रुपये बतौर शिकायत खर्च भी अदा करेगा। शिकायतकर्ता के अधिवक्ता अजय कुमार नड्डा ने बताया कि शिकायतकर्ता ने द्वितीय पक्ष नंबर एक से अपोलो अमेजर टायर 21 जुलाई 2017 को खरीदा था। अगली सुबह शिकायतकर्ता ने पाया कि उसका टायर पंचर है।
शिकायतकर्ता की ओर से खराब टायर के बारे में शिकायत दर्ज कराने पर कंपनी ने शिकायतकर्ता का क्लेम रिजेक्ट कर दिया। इस पर शिकायतकर्ता ने फोरम में शिकायत दर्ज कराई। जवाब दायर करने के समय द्वितीय पक्ष ने कहा कि उसने शिकायतकर्ता को नया टायर दे दिया है। उसके बाद दूसरा पक्ष फोरम के समक्ष उपस्थित नहीं हुआ। इसके उपरांत शिकायतकर्ता के साक्ष्यों के आधार पर फोरम ने द्वितीय पक्ष को सेवा में त्रुटि का दोषी मानते हुए उक्त आदेश दिए हैं।
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घुमारवीं(बिलासपुर)। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम ने सेवाओं में कमी आंकते हुए टायर कंपनी और डीलर को 5 हजार रुपये अदा करने के आदेश दिए हैं। यह राशि 30 दिन के अंदर अदा करनी होगी। अगर कंपनी और डीलर यह राशि अदा नहीं करते हैं तो उन्हें बाद में 26 अगस्त 2017 से लेकर अब तक नौ फीसदी ब्याज दर सहित शिकायतकर्ता को राशि देनी होगी।
इसके अलावा फोरम ने तीन हजार रुपये बतौर शिकायत खर्च भी अदा करने के आदेश दिए हैं।
फोरम के अध्यक्ष भुवनेश अवस्थी व सदस्य मनोरमा चौहान व पवन कुमार नड्डा की ओर से बिलासपुर शिविर के दौरान प्रणवीर संतोषी अधिवक्ता पुत्र नरोत्तम दत्त निवासी सुनहाणी की एक शिकायत का निपटारा किया। दूसरे पक्ष की ओर से कोर्ट में उपस्थित न होने पर फोरम ने एक तरफा फैसला सुनाया। फोरम ने सुनवाई में भारत टायर घुमारवीं जिला बिलासपुर तथा अपोलो टायर्स लिमिटेड गांव डाकघर बरमाणा को संयुक्त व पृथक सेवा में कमी का दोषी करार दिया।
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फैसले में फोरम ने 30 दिन के भीतर शिकायतकर्ता को 5000 राशि देने के आदेश दिए। वहीं अगर 30 दिन के भीतर शिकायतकर्ता को यह राशि अदा नहीं की जाती तो शिकायतकर्ता शिकायत दर्ज करने की तिथि 26 अगस्त 2017 से 9 फीसदी ब्याज का हकदार होगा।
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फोरम की ओर से व्यवस्था दी गई कि द्वितीय पक्ष शिकायतकर्ता को 3000 रुपये बतौर शिकायत खर्च भी अदा करेगा। शिकायतकर्ता के अधिवक्ता अजय कुमार नड्डा ने बताया कि शिकायतकर्ता ने द्वितीय पक्ष नंबर एक से अपोलो अमेजर टायर 21 जुलाई 2017 को खरीदा था। अगली सुबह शिकायतकर्ता ने पाया कि उसका टायर पंचर है।
शिकायतकर्ता की ओर से खराब टायर के बारे में शिकायत दर्ज कराने पर कंपनी ने शिकायतकर्ता का क्लेम रिजेक्ट कर दिया। इस पर शिकायतकर्ता ने फोरम में शिकायत दर्ज कराई। जवाब दायर करने के समय द्वितीय पक्ष ने कहा कि उसने शिकायतकर्ता को नया टायर दे दिया है। उसके बाद दूसरा पक्ष फोरम के समक्ष उपस्थित नहीं हुआ। इसके उपरांत शिकायतकर्ता के साक्ष्यों के आधार पर फोरम ने द्वितीय पक्ष को सेवा में त्रुटि का दोषी मानते हुए उक्त आदेश दिए हैं।