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रिश्वत लेने पर पटवारी को दो साल की कैद
Updated Fri, 08 Sep 2017 11:04 PM IST
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बिलासपुर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश बिलासपुर बहादुर सिंह की अदालत ने रिश्वत लेने का दोषी पाए जाने पर बिलासपुर राजस्व विभाग की कॉपिंग एजेंसी में कार्यरत कॉपिस्ट (पटवारी) नासिर खान को दो साल की कैद की सजा सुनाई है। वहीं दोषी को दस हजार रुपये जुर्माना भी अदा करना होगा। आरोप सिद्ध करने के लिए सरकारी अधिवक्ता की ओर से 14 गवाह पेश किए गए।
इसके बाद कोर्ट ने आरोपी को पीसी एक्ट की धारा 7 के तहत दो साल के कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माना और पीसी एक्ट की धारा 13(2) के तहत दो साल का कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। ये दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।
जानकारी के अनुसार जुखाला निवासी ललित कुमार पुत्र नंद लाल ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को शिकायत दी थी कि पटवारी नासिर खान जमीन की नकलों को देने की एवज में उससे 1 हजार रुपये रिश्वत मांग रहा है। जिस पर कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने अपनी टीम तैयार की व 1 हजार की रिश्वत लेते हुए आरोपी नासिर खान को मौके पर ही रंगे हाथ दबोचा।
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भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने 30 अक्तूबर, 2013 को एफआईआर दर्ज की थी। भ्रष्टाचार रोकथाम एवं सतर्कता ब्यूरो की ओर से कोर्ट में मामले की पैरवी लोक अभियोजक एनएस चौहान ने की। उन्होंने आरोपों को सिद्ध करने के लिए 14 गवाह पेश किए। इसके बाद कोर्ट ने नासिर खान को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
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इसके बाद कोर्ट ने आरोपी को पीसी एक्ट की धारा 7 के तहत दो साल के कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माना और पीसी एक्ट की धारा 13(2) के तहत दो साल का कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। ये दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।
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जानकारी के अनुसार जुखाला निवासी ललित कुमार पुत्र नंद लाल ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को शिकायत दी थी कि पटवारी नासिर खान जमीन की नकलों को देने की एवज में उससे 1 हजार रुपये रिश्वत मांग रहा है। जिस पर कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने अपनी टीम तैयार की व 1 हजार की रिश्वत लेते हुए आरोपी नासिर खान को मौके पर ही रंगे हाथ दबोचा।
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भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने 30 अक्तूबर, 2013 को एफआईआर दर्ज की थी। भ्रष्टाचार रोकथाम एवं सतर्कता ब्यूरो की ओर से कोर्ट में मामले की पैरवी लोक अभियोजक एनएस चौहान ने की। उन्होंने आरोपों को सिद्ध करने के लिए 14 गवाह पेश किए। इसके बाद कोर्ट ने नासिर खान को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।