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मामला सुलझाने को लेकर गुरूग्राम से पहुंचे पुलिस कर्मी

Shimla Bureau Updated Mon, 05 Jun 2017 12:16 AM IST
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गोलीकांड ऱ् टोल बैरियर पहुंचे क्राइम ब्रांच के अफसर, दबाव बनाने के आरोप
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नियमों को ताक पर रखकर गाड़ी में लगी थी नीली बत्ती, पुलिस ने उतरवाई
मामले में अभी तक नहीं हो पाई है आरोपी पुलिस कर्मचारियों की गिरफ्तारी
अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर।
दो जून को गरामौड़ा के पास टोल टैक्स देने के मामले में हरियाणा पुलिस पर बैरियर कर्मचारियों पर दबाव बनाकर मामला रफादफा करने के आरोप लग रहे हैं। लोगों का कहना है कि रविवार को क्राइम ब्रांच के एसीपी सहित अन्य अधिकारी टोल बैरियर पहुंचे और वहां पर तैनात कर्मचारियों को मामला रफा-दफा करने का दबाव बनाया। हैरानी इस बात की है कि इस दौरान हरियाणा क्राइम ब्रांच के अधिकारी नियमों को ताक पर रखकर नीली बत्ती लगाए हुए थे। हालांकि पुलिस ने लोगों की शिकायत के बाद गाड़ी से नीली बत्ती को उतरवा दिया। मगर अभी तक पुलिस ने मामले में आरोपी पुलिस कर्मचारियों की गिरफ्तारी नहीं की है। उनसे अभी तक पूछताछ ही की जा रही है। मामले को लेकर जिला पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
मामला रविवार सुबह का है जब गोलीकांड मामले को सुलझाने के लिए गुरुग्राम से क्राइम ब्रांच की एक टीम टोल नाके पर पहुंची। इस दौरान नियमों को ताक पर रखकर पुलिस की टीम नीली बत्ती लगाए हुई थी। नाम न बताने की शर्त पर टोल बैरियर के आसपास मौजूद लोगों ने बताया कि गाड़ी में गुरुग्राम पुलिस के क्राइम ब्रांच के एसीपी के साथ पांच अन्य कर्मी भी आए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि वह टोल टैक्स पर तैनात कर्मियों को मामले रफादफा करने का दबाव बना रहे थे। लोग पहले ही दबी जुबां से यह कह रहे है कि अगर किसी आम व्यक्ति ने ऐसे गोली चलाई होती तो पुलिस इस वक्त उसे पकड़कर जेल में डाल चुकी होती। मगर हरियाणा पुलिस क्राइम ब्रांच के कर्मचारियों अभी भी हिरासत में नहीं लिया गया है। हालांकि पुलिस ने मामले की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर पुलिस की गाड़ी से नीली बत्ती को उतरवाया। केंद्र सरकार के आदेशों के बाद अब किसी भी प्रकार की लाल और नीली बत्ती के इस्तेमाल पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। लोगों का कहना है कि ऐसी संवेदनशील स्थिति में गरामोड़ा टोल टैक्स पर नीली बत्ती लगी निजी कार में यहां पर हरियाणा पुलिस के कर्मचारी क्या कर रहे हैं? हिमाचल पुलिस क्यों उन्हें टोल कर्मियों पर दबाव बनाने की इजाजत क्यों दे रही है। मामला शुक्रवार दो जून सुबह साढ़े छह बजे का है जब हरियाणा गुरुग्राम क्राइम ब्रांच की टीम सफारी से यहां पहुंची। इसमें क्राइम ब्रांच के एएसआई मुरारी लाल, हैड कांस्टेबल कुलदीप और विकास के अलावा दो अन्य कर्मचारी बैठे थे। आरोप है कि इस दौरान टोल बैरियर पर तैनात कर्मचारी ने 40 रुपये मांगें तो उन्होंने देने से इंकार कर दिया। इस दौरान कहासुनी इतनी बढ़ गई कि हैड कांस्टेबल कुलदीप ने अपनी सर्विस रिवाल्वर से टोल कर्मचारी रणजीत पर गोली दाग दी। रणजीत का उपचार पीजीआई चंडीगढ़ में चल रहा है। डीएसपी नयना देवी बलदेव दत्त ने बताया कि उन्होंने पुलिस कर्मियों को आदेश देकर नीली बत्ती उतरवाई है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों को किसी सूरत में नहीं बख्शा नहीं जाएगा।

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