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दी तलाई ग्राम सेवा सहकारी सभा में घोटाला, मामला दर्ज

Sun, 17 Mar 2019 09:46 PM IST
Devender Devender Kumar Kumar
Updated Sun, 17 Mar 2019 09:46 PM IST
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दी तलाई ग्राम सेवा सहकारी सभा में घोटाला, मामला दर्ज
बरठीं (बिलासपुर)। विकास खंड झंडूता के तहत आने वाली दी तलाई ग्राम सेवा सहकारी सभा में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले के उजागर होने के बाद पुलिस थाना तलाई में मामला दर्ज किया गया है। जिला अंकेक्षण अधिकारी द्वारा सहकारी सभा तलाई में ऑडिट के बाद यह मामला दर्ज करवाया गया है। जिसमें सभा सचिव द्वारा 32 करोड़ का दुरुपयोग करने का मामला सामने आया है। इससे पहले अमर उजाला ने इस मामले को सितंबर माह में प्रमुखता से उठाया था। जिसके बाद सभा का ऑडिट शुरू हुआ था।
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उल्लेखनीय है कि सरकार द्वारा निर्धारित मापदंडों के विपरीत सभा ने कार्य शुरू किया। जिस कारण लगभग 100 करोड़ से ज्यादा जमा पूंजी वाली सहकारी सभा का खजाना गलत ढंग से ऋण देने के कारण खाली हो चुका है। सहकारी सभा के कारिंदे वर्षों पहले से दीमक की तरह सभा को हड़पने में लगे हैं और किसी को कानों कान खबर तक नहीं होने दी। इस बात का पता तो तब चला जब सहकारी सभा के एक सदस्य द्वारा आरटीआई ली गई, जिसमें पाया कि सभा में लगभग 84 लाख रुपये का लोन सभा क्षेत्र में आने वाले सदस्यों ने लिया था और 2008 में 82 लाख रुपये सरकार व विभाग द्वारा माफ कर दिया गया था। तत्कालीन सभा सचिव व सभा द्वारा इसकी किसी भी व्यक्ति को भनक नहीं लगने दी और 82 लाख रुपये हड़प लिया। इसका लाभ किसी भी ऋणदाता को नहीं दिया गया। माफ हुए ऋण को भी लोगों द्वारा सहकारी सभा में लिया गया।
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सरकार का नियंत्रण न होने के कारण ऐसा ही गोरखधंधा प्रदेश की सभी सहकारी सभाओं में चल रहा है। निदेशालय सहकारी विभाग द्वारा जारी पत्र संख्या 5.60/91.कॉप सी एंड एम-।। दिनांक 22 सितंबर 2012 के तहत बैंकों व सहकारी सभाओं को निर्देशित किया है कि बैंक सहकारी सभाओं को पांच प्रतिशत दर पर ऋण उपलब्ध करवाएगा। सहकारी सभाएं अपने क्षेत्र के ऋणदाताओं को सात प्रतिशत पर ऋण उपलब्ध करवाएंगी। जिसमें सहकारी सभा दो प्रतिशत का लाभांश ऋणदाता से कमीशन के तौर पर अपने पास रख सकती है और पांच प्रतिशत बैंक को वापस करेगी। लेकिन सहकारी सभाएं इसके विपरीत आठ से बारह प्रतिशत ब्याज ऋणदाताओं से वसूल कर मोटी कमाई कर रही हैं। सहकारी सभाओं द्वारा बैंकिंग का कार्य करने पर भी सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। सहकारी सभाओं को निर्देशित किया गया है कि वह अपने स्थान से चार किलोमीटर के दायरे में ही लेन देन कर सकती हैं लेकिन सहकारी सभाओं ने दूसरे जिला में ही नहीं बल्कि प्रदेश के बाहर भी लेन देन प्रक्रिया शुरू कर रखी है। जिसका खामियाजा सहकारी सभा तलाई को भुगतना पड़ रहा है। एसपी बिलासपुर अशोक कुमार ने मामला दर्ज करने की पुष्टि की है।
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