{"_id":"5b37b2df4f1c1bee388b4854","slug":"101530376927-bilaspur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेल्फी लेने के चक्कर में खाई में गिरे दिल्ली के दो पर्यटक","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सेल्फी लेने के चक्कर में खाई में गिरे दिल्ली के दो पर्यटक
Updated Sat, 30 Jun 2018 10:41 PM IST
विज्ञापन
बिलासपुर। सेल्फी लेने के चक्कर में चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर जामली के पास दिल्ली से मनाली जा रहे पर्यटक खाई में गिर गए। इससे उन्हें चोटें आई हैं।
नई दिल्ली से तीन सैलानी चेतन, सेन बैनर्जी और दिवांशु मनाली घूमने जा रहे थे। जामली के पास शनिवार सुबह कार को सड़क किनारे खड़ी करके चेतन और सेन बैनर्जी खाई किनारे सेल्फी लेने लगे। एकाएक दोनों अपना संतुलन खो बैठे और खाई में गिर गए। गाड़ी में बैठे दिवांशु ने खाई में उतरकर दोनों को कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। खाई में गिरने से चेतन और सेन बैनर्जी को गहरी चोटें आई हैं। दोनों को बिलासपुर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां पर उनको प्राथमिक उपचार देकर घर भेज दिया गया।
प्रशासन ने नेशनल हाईवे किनारे खतरनाक जगहों पर कोई चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए हैं। इसके अलावा न ही क्रैश बैरियर लगाए गए हैं। ऐसे में यहां पर हादसों होने का खतरा बना रहता है। अगर यहां पर चेतावनी बोर्ड लगाए होते तो पर्यटकों को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़ता। जबकि मंडी के थलोग में भी ऐसा ही हादसा हो चुका हैै, जहां पर व्यास नदी में फोटो खिंचवाने उतरे छात्र पानी में बह गए थे। यहां पर भी कोई चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया गया था।
विज्ञापन
नई दिल्ली से तीन सैलानी चेतन, सेन बैनर्जी और दिवांशु मनाली घूमने जा रहे थे। जामली के पास शनिवार सुबह कार को सड़क किनारे खड़ी करके चेतन और सेन बैनर्जी खाई किनारे सेल्फी लेने लगे। एकाएक दोनों अपना संतुलन खो बैठे और खाई में गिर गए। गाड़ी में बैठे दिवांशु ने खाई में उतरकर दोनों को कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। खाई में गिरने से चेतन और सेन बैनर्जी को गहरी चोटें आई हैं। दोनों को बिलासपुर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां पर उनको प्राथमिक उपचार देकर घर भेज दिया गया।
प्रशासन ने नेशनल हाईवे किनारे खतरनाक जगहों पर कोई चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए हैं। इसके अलावा न ही क्रैश बैरियर लगाए गए हैं। ऐसे में यहां पर हादसों होने का खतरा बना रहता है। अगर यहां पर चेतावनी बोर्ड लगाए होते तो पर्यटकों को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़ता। जबकि मंडी के थलोग में भी ऐसा ही हादसा हो चुका हैै, जहां पर व्यास नदी में फोटो खिंचवाने उतरे छात्र पानी में बह गए थे। यहां पर भी कोई चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया गया था।
विज्ञापन